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अलीगढ़ : भुगतान के लिए तरस रहे हैं पंचायत सहायक
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ग्राम सचिवालयों में तैनात पंचायत सहायक मानदेय के भुगतान के लिए तरस रहे हैं। 711 सहायकों को तो दिसंबर तक का मानदेय मिल चुका है। शेष 82 सहायकों को अभी भी मानदेय का इंतजार है। इस मामले में डीपीआरओ ने एडीओ पंचायतों को आवश्यक कार्रवाई कर मानदेय का भुगतान किए जाने के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायतों को ग्राम सचिवालय में तब्दील किया गया था। इसमें मानदेय पर भर्ती किए गए पंचायत सहायकों को स्थाई रूप से काम करना है। अब तक 803 पंचायत सहायकों का चयन हुआ है। लेकिन इन चयनित सहायकों के सामने मानदेय का संकट है। इनमें से 711 सहायकों को दिसंबर 2021 तक के मानदेय का भुगतान हो चुका है। शेष बचे 82 सहायकों को तकनीकी कारणों से अब तक भुगतान नहीं मिल सका है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि सभी एडीओ पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी कागजी औपचारिकताएं पूर्ण कराकर पंचायत सहायकों के जनवरी माह तक के मानदेय का भुगतान करा दें। जिन सहायकों के मानदेय में तकनीकी कारण रोड़ा बन रहे हैं, शासन से दिशा निर्देश लेकर उनके भी मानदेय का भुगतान करा दिया जाए। बता दें कि पंचायत सहायकों को छह हजार रुपया महीना मानदेय मिलता है।
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ग्राम पंचायतों को ग्राम सचिवालय में तब्दील किया गया था। इसमें मानदेय पर भर्ती किए गए पंचायत सहायकों को स्थाई रूप से काम करना है। अब तक 803 पंचायत सहायकों का चयन हुआ है। लेकिन इन चयनित सहायकों के सामने मानदेय का संकट है। इनमें से 711 सहायकों को दिसंबर 2021 तक के मानदेय का भुगतान हो चुका है। शेष बचे 82 सहायकों को तकनीकी कारणों से अब तक भुगतान नहीं मिल सका है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि सभी एडीओ पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी कागजी औपचारिकताएं पूर्ण कराकर पंचायत सहायकों के जनवरी माह तक के मानदेय का भुगतान करा दें। जिन सहायकों के मानदेय में तकनीकी कारण रोड़ा बन रहे हैं, शासन से दिशा निर्देश लेकर उनके भी मानदेय का भुगतान करा दिया जाए। बता दें कि पंचायत सहायकों को छह हजार रुपया महीना मानदेय मिलता है।
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