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अलीगढ़ : तस्करी में सजा काट रहे पाकिस्तानी ने कोर्ट से मांगी रिहाई

Sat, 02 Apr 2022 12:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 12:45 AM IST
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Pakistani serving sentence for smuggling sought release from court
जिला कारागार में मादक पदार्थ तस्करी में सजा काट रहा पाकिस्तानी इकबाल अब खुद की रिहाई के लिए परेशान है। दो मुकदमों में सजा पूरी कर चुके इकबाल ने अब अदालत से खुद की रिहाई का अनुरोध करते हुए अर्जी भेजी है। इस अर्जी में उसने गुनाह कबूलने का हवाला देते हुए अनुरोध किया है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई की तारीख नियत थी। मगर अब आठ तारीख नियत कर दी गई है। बता दें कि इकबाल को दो साल पहले पाकिस्तानी दूतावास भी कानूनी मदद के लिए भेजा गया था। मगर वहां से भी उसे मदद नहीं मिल सकी।
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मूल रूप से पाकिस्तान के करांची शहर के गांधी रोड का रहने वाला इकबाल पुत्र अब्दुल सत्तार कुछ वर्ष पहले उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में नशा तस्करी में पकड़ा गया था। उस समय उसने वहां अपना पता अलीगढ़ शहर के सासनी गेट क्षेत्र के जयगंज बीवी की सराय लिखवाया। उसने यह भी बताया कि 2007 में वह कोतवाली अलीगढ़ से भी तस्करी में जेल गया था। वहां से जमानत पर छूटने के बाद फिर तस्करी करने लगा और 2010 में फिर कोतवाली पुलिस ने उसे जेल भेजा। इसी बीच मुक्तेश्वर पुलिस ने उसे अलीगढ़ से अपने यहां के मुकदमे के निस्तारण के लिए तलब किया। वहां की अदालत ने जब उसे दस साल की सजा सुनाई तो उसके पते का सत्यापन करने अलीगढ़ में पुलिस भेजी, यहां आने पर पता चला कि वह बीवी की सराय का मूल निवासी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान का है। वह भारत में बिना किसी वैध दस्तावेज के प्रवेश कर गया था। तब से तस्करी कर रहा था। उत्तराखंड पुलिस की इस रिपोर्ट पर उसे वहां सजा होने के दौरान उसे अलीगढ़ के 2010 के मुकदमे में भी पांच साल की सजा हुई। बाद में उसे 2007 के अलीगढ़ से संबंधित मुकदमे में यहां जेल तलब कर लिया गया। तब से वह अलीगढ़ जेल में ही है।
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हालांकि, 2018 में उसे जमानत मिल गई और वह अपनी दोनों सजाएं भी पूरी कर चुका था। मगर उसकी रिहाई पाकिस्तानी होने के कारण अटक गई। जिला प्रशासन के निर्देश पर उसे पाकिस्तानी दूतावास कानूनी मदद के लिए भेजा गया। मगर वहां से भी मदद नहीं मिल सकी। अब उसने एडीजे एनडीपीएस विशेष न्यायालय में अर्जी देकर रिहाई का अनुरोध किया है। एडीजीसी रामकुमार गुप्ता के अनुसार मामले में शुक्रवार की तारीख नियत थी। मगर मामले में बिना किसी निर्णय या प्रक्रिया के अब 8 तारीख नियत कर दी गई है।
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