फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   PAC camp at six places in Aligarh for 45 years

PAC: अलीगढ़ में छह स्थानों पर 45 साल से पीएसी का डेरा, स्थानीय लोगों के मन में अब इनके लिए नहीं है डर

Sun, 30 Nov 2025 02:30 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 30 Nov 2025 02:30 PM IST
सार

1978 में भूरा पहलवान हत्याकांड के बाद जब सांप्रदायिक घटनाओं की शुरुआत हुई। तब शासन स्तर से जस्टिस माथुर से न्यायिक जांच कराई। उनकी जांच रिपोर्ट पर शहर में यह स्कीम लागू की गई। अलीगढ़ शहर में छह स्थानों पर स्थायी पीएसी लगवाई गई।

विज्ञापन
PAC camp at six places in Aligarh for 45 years
तैनात पीएसी के जवान - फोटो : संवाद

विस्तार

सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील रहे अलीगढ़ शहर पर एसपी सिटी कार्यालय (फोकस) से निगरानी रखने के लिए छह स्थानों पर लगाई गई पीएसी 45 साल से ज्यों की त्यों है। ये अलग बात है कि लोग फोकस को भूल गए, लेकिन छह स्थानों पर लगी पीएसी अब आदत में रच-बस गई है। यही वजह है कि इन स्थानों पर होने वाले झगड़े मारपीट तक की घटनाओं के समय लोगों के मन में पीएसी का डर नहीं रहता। बस तैनात पीएसी कर्मी किसी भी विवाद पर सिर्फ पुलिस को सूचना देने का काम कर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेते हैं।

विज्ञापन


बात अगर शहर मेंं लागू हुई इस लॉ एंड ऑर्डर स्कीम की शुरुआत की करें तो वर्ष 1978 में भूरा पहलवान हत्याकांड के बाद जब सांप्रदायिक घटनाओं की शुरुआत हुई। तब शासन स्तर से जस्टिस माथुर से न्यायिक जांच कराई। उनकी जांच रिपोर्ट पर शहर में यह स्कीम लागू की गई। इसके तहत रसलगंज चौराहे पर एसपी सिटी कार्यालय स्थापित कराने के साथ वहां से शहर पर फोकस रखने के लिए उसे फोकस नाम दिया गया।
विज्ञापन


शहर में छह स्थानों पर स्थायी पीएसी लगवाई गई। पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाया गया, जिससे शहर में जगह-जगह माइक लगवाए गए। एसपी सिटी कार्यालय से अधिकारी संदेश प्रसारित करते थे। शहर में मेलों के मार्ग बदले गए। तब से व्यवस्था बरकरार है। सबकुछ बदल गया। लोग फोकस की पहचान तक भूल गए, लेकिन पीएसी आज भी 45 वर्ष से वहीं लगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में पीएसी छह स्थानों पर स्थायी रूप से है। यह व्यवस्था काफी पहले से लागू है। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए अलीगढ़ सहित प्रदेश के चंद शहरों में यह व्यवस्था है, जिसका समय-समय पर रिव्यू होता है। पीएसी की वजह से इन स्थानों पर होने वाली किसी भी घटना की सूचना समय से मिलती है। अलग से पुलिस लगाने की जरूरत महसूस नहीं होती।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी

एक जगह हटी पीएसी
शहर में तीन वर्ष पहले तक पीएसी का सातवां स्थान हाथी वाला पुल भी था, लेकिन वहां स्थितियां सुधरने के चलते पीएसी हटा दी गई। इसकी फिर से बहाली के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

ये हैं छह स्थान

  1. अब्दुल करीम चौराहा
  2. दही वाली गली
  3. दाऊजी मंदिर
  4. सब्जी मंडी
  5. फूल चौराहा
  6. कब्रिस्तान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed