Oxytocin injection: परचून की दुकानों पर बिक रहा ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, हो रही होम डिलीवरी तक
अमर उजाला की टीम द्वारा रामघाट रोड, खैर रोड, अतरौली और गभाना में की गई पड़ताल में पता चला कि दुकानदार उन्हीं पशुपालकों को आसानी से दे रहे हैं जो उनसे खरीदते रहते हैं। जब दुकानदारों से पूछा गया कि वह कहां से लाते हैं तो उन्होंने अलीगढ़ के कुछ दुकानदारों का नाम बताया।
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प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में परचून की दुकानों पर हो रही है। इतना ही नहीं होम डिलीवरी तक की सुविधा उपलब्ध है। हर जगह रेट अलग-अलग हैं। कहीं दस का मिल रहा है तो कहीं पंद्रह का।
3 जुलाई को अमर उजाला की टीम द्वारा रामघाट रोड, खैर रोड, अतरौली और गभाना में की गई पड़ताल में पता चला कि दुकानदार उन्हीं पशुपालकों को आसानी से दे रहे हैं जो उनसे खरीदते रहते हैं। जब दुकानदारों से पूछा गया कि वह कहां से लाते हैं तो उन्होंने अलीगढ़ के कुछ दुकानदारों का नाम बताया।
ऑक्सीटोसिन 2 एमएल एक शेड्यूल ड्रग है। इसका उपयोग प्रसव पीड़ा कम करने के लिए होता है। बिना पर्चे के नहीं दिया जा सकता है। अगर कोई दुकानदार बिना पर्चे के ही दे रहा है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940 के नियमन अनुसार ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। - दीपक लोधी, जिला औषधि निरीक्षक
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केस-1-अतरौली में छह रुपये में मिल गया 2 एमएल का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन
हमारे प्रतिनिधि ने यहां एक दुकान पर पहुंचकर जब इंजेक्शन मांगा तो पहले परचून दुकानदार ने इंकार किया मगर बाद में जब कहा कि पहले भी कई बार यहां से लिया गया है तो दुकानदार बोला- ठीक है पहले पता कर लेते हैं कि स्टॉक में है या नहीं है। इसके बाद दुकानदार ने पैसे लिए और इंजेक्शन थमा दिया। बाद में यहां से 50 इंजेक्शन वाला एक पैकेट भी मिल गया।
केस-2-गभाना में चार इंजेक्शन मिले 32 रुपये के
गभाना क्षेत्र की एक दुकान पर हमारे प्रतिनिधि इंजेक्शन खरीदने के लिए पहुंचे तो दुकानदार ने कहा कि हमारे यहां यह नहीं मिलता। जब हमने कहा कि भैंस का बच्चा मर गया है। दूध नहीं दे रही। इस पर दुकानदार ने गांव का नाम पूछा। गांव के ही कुछ लोगों के बारे में जानकारी की और बाद में इंजेक्शन दे दिए। चार इंजेक्शन यहां से 32 रुपये में मिले।
केस-3- रामघाट रोड पर कह दिया हमारा आदमी घर पहुंचा देगा
रामघाट रोड पर एक दुकान पर पहुंचकर जब हमारे प्रतिनिधि ने इंजेक्शन मांगा तो दुकानदार ने पहले काफी समय पूछताछ की। जैसे जिस पशु को इंजेक्शन लगाना है वह कहां है। क्यों लगाने की जरूरत पड़ रही है। बाद में उन्होंने अपना नंबर दिया और कहा कि आप इस नंबर पर फोन करेंगे तो इंजेक्शन आपको घर पर ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। लेकिन उसका चार्ज अलग से होगा।
केस-4-हमारे पास तो नहीं है जीवनगढ़ से ले लीजिए
रामघाट रोड की ही एक अन्य दुकान पर जब हमारे प्रतिनिधि पहुंचे तो यहां दुकानदार ने इंजेक्शन होने से इंकार कर दिया। लेकिन जब पूछा गया कि जरूरत है कहां से मिलेगा तो उसने
कहा कि आप जीवनगढ़ चले जाइए वहां पर मिल जाएगा।
पशु औैर मनुष्य दोनों के लिए सही नहीं
मलखान सिंह जिला अस्पताल के पूर्व वरिष्ठ फिजीशिनय डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि ऑक्सीटोसिन के प्रयोग से निकाले गए दूध के नुकसान में हार्मोनल असंतुलन, दूध में वसा और प्रोटीन की मात्रा में कमी, पशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव, दूध में एंटीबायोटिक अवशेष हो सकते हैं। पेट में गड़बड़ी हो जाती है। पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।