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दो दिन से ऑक्सीजन संयंत्र खराब, नहीं भर्ती किए मरीज
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में मंगलवार को कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती करना बंद कर दिया गया। इसका कारण है कि ऑक्सीजन जेनरेटर संयंत्र की मरम्मत होनी है। संयंत्र में प्रेशर ठीक से नहीं बन रहा है। बैकअप वाले सिलिंडरों के सहारे मरीजों को ऑक्सीजन दी गई थी। नोएडा से इंजीनियरों को बुलाया गया है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल के पास खुद का ऑक्सीजन जेनरेटर संयंत्र है। यहां मंगलवार को 45 मरीज भर्ती थे। दो दिन पहले जेनरेटर चलते चलते खराब हो गया था। ऑक्सीजन बनना बंद हो गया था तो स्टाफ ने बैकअप वाले सिलिंडरों के सहारे मरीजों को ऑक्सीजन दी थी। पांच मरीजों को दीनदयाल पहुंचाया था।
मंगलवार शाम को सर्विस होनी थी। सर्विस के चलते कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया गया। शाम को इंजीनियर नहीं आए तो रात में उनका इंतजार किया जा रहा था। कोविड वार्ड प्रभारी डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि घबराने वाली बात नहीं है। सर्विस हो जाएगी तो खतरा टल जाएगा।
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तब तक हम प्रोटोकॉल के चलते मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। नोडल प्रभारी बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि प्रेशर की कुछ गड़बड़ी है। इसीलिए ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट की मरम्मत होनी है। बैकअप में ऑक्सीजन के 25 सिलिंडर भरे रखे हैं। आवश्यकता पड़ने पर और सिलिंडर मंगा लिए जाएंगे।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के पास खुद का ऑक्सीजन जेनरेटर संयंत्र है। यहां मंगलवार को 45 मरीज भर्ती थे। दो दिन पहले जेनरेटर चलते चलते खराब हो गया था। ऑक्सीजन बनना बंद हो गया था तो स्टाफ ने बैकअप वाले सिलिंडरों के सहारे मरीजों को ऑक्सीजन दी थी। पांच मरीजों को दीनदयाल पहुंचाया था।
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मंगलवार शाम को सर्विस होनी थी। सर्विस के चलते कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया गया। शाम को इंजीनियर नहीं आए तो रात में उनका इंतजार किया जा रहा था। कोविड वार्ड प्रभारी डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि घबराने वाली बात नहीं है। सर्विस हो जाएगी तो खतरा टल जाएगा।
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तब तक हम प्रोटोकॉल के चलते मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। नोडल प्रभारी बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि प्रेशर की कुछ गड़बड़ी है। इसीलिए ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट की मरम्मत होनी है। बैकअप में ऑक्सीजन के 25 सिलिंडर भरे रखे हैं। आवश्यकता पड़ने पर और सिलिंडर मंगा लिए जाएंगे।