{"_id":"6096da738ebc3ebd0a68fc5a","slug":"oxygen-plant-case-statement-of-clerk-accused-of-delivering-middleman-recorded-city-office-news-ali2627099130","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑक्सीजन प्लांट प्रकरण : बिचौलिया पहुंचाने के आरोपी लिपिक के बयान दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑक्सीजन प्लांट प्रकरण : बिचौलिया पहुंचाने के आरोपी लिपिक के बयान दर्ज
विज्ञापन
राधा इंड्रस्ट्रियल गैस प्लांट, कासिमपुर पर बिचौलियों के कब्जे और 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल द्वारा आरोप लगाने के मामले में शनिवार को एसडीएम कोल ने कलक्ट्रेट के उस लिपिक के बयान दर्ज किए, जिस पर बिचौलियों को वहां पहुंचाने का आरोप है।
इधर, एसडीएम कोल रंजीत सिंह द्वारा प्लांट से जब्त की गई ऑक्सीजन वितरण की चालान बुक की भी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कुछ चहेते लोगों को सिलिंडर वितरित करने की बात सामने आ रही है। हालांकि आज जांच पूरी होने और कल रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी पूरा मामला स्पष्ट होगा।
इधर, प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल द्वारा कलक्ट्रेट के लिपिक सहित दो बाहरियों के खिलाफ जवां थाने में तहरीर देने के दो दिन बाद भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस प्रशासनिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने और उच्चाधिकारियों के निर्देश का इस मामले में इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
इससे पूर्व शुक्रवार को एसडीएम कोल ने राधा प्लांट के मालिक अरुण अग्रवाल, उनकी पत्नी आस्था अग्रवाल सहित मैनेजर व दोनों बाहरी बिचौलियों के बयान दर्ज किए थे। अब इन सभी बयानों का आपस में मिलान, लगाए गए आरोपों का संबंध और समीक्षा के बाद आगे की रिपोर्ट तय होगी।
बता दें कि जवां थाना क्षेत्र के कासिमपुर स्थित राधा इंड्रस्ट्रियल गैस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई में सक्रिय हुए बिचौलियों की अमर उजाला द्वारा खबर छापे जाने के बाद खुद प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को इनका भंडाफोड़ किया।
प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने स्वीकार किया है कि उनके प्लांट पर बिचौलिए सक्रिय हैं। वह 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का दबाव बना रहे हैं। अपने चहेतों को गैस की सप्लाई कर रहे हैं। इसमें उन्होंने दो बाहरी युवक व कलक्ट्रेट के एक लिपिक का नाम खुले तौर पर लिया है। भाजपा एमएलसी मानवेंद्र सिंह और बरौली विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय उर्फ पप्पू से बातचीत में उन्होंने सभी आरोप कैमरे के सामने लगाए थे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी वार, सांसद तक निशाने पर
सोशल मीडिया पर इस पूरे प्रकरण को लेकर वार छिड़ गई है। सांसद से लेकर बिचौलियों तक को निशाने पर लिया गया है। सांसद के एक-47 लैस छह गनर प्लांट पर भेजे जाने के ऑडियो वायरल होने के बाद उसके मीम्स खूब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। साथ में बिचौलियों और कलेक्ट्रेट के बाबू पर कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
हालांकि सोशल मीडिया पर भी दो धड़े काम कर रहे हैं। एक पक्ष प्लांट संचालिका के पक्ष में है तो दूसरा बिचौलियों के पक्ष में है। वहीं, कुछ लोगों की इन दोनों पक्षों से इतर राय यह है कि इस पूरे प्रकरण में सभी संलिप्त हैं। मगर, जनता को इसका नुकसान हुआ। ऑक्सीजन गैस महंगी दी गई। कई मरीजों की ऑक्सीजन की कमी को लेकर जान गई। इसको लेकर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।
11 से लेकर डेढ़ बजे तक बंद रहा प्लांट
राधा ऑक्सीजन प्लांट पर शनिवार को तकनीकी दिक्कत आ गई। इसके चलते प्लांट बंद हो गया। एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि सुबह 11 बजे प्लांट में बिजली संबंधी कोई तकनीकी परेशानी आई थी। इसे सुधारने के लिए तत्काल मिस्त्री को बुलाया गया। दिक्कत को दोपहर डेढ़ बजे तक ठीक किया जा सका। इसके बाद फिर से प्लांट को चालू करके जरूरतमंदों को ऑक्सीजन गैस की सप्लाई की जा सकी।
विज्ञापन
इधर, एसडीएम कोल रंजीत सिंह द्वारा प्लांट से जब्त की गई ऑक्सीजन वितरण की चालान बुक की भी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कुछ चहेते लोगों को सिलिंडर वितरित करने की बात सामने आ रही है। हालांकि आज जांच पूरी होने और कल रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी पूरा मामला स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
इधर, प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल द्वारा कलक्ट्रेट के लिपिक सहित दो बाहरियों के खिलाफ जवां थाने में तहरीर देने के दो दिन बाद भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस प्रशासनिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने और उच्चाधिकारियों के निर्देश का इस मामले में इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
इससे पूर्व शुक्रवार को एसडीएम कोल ने राधा प्लांट के मालिक अरुण अग्रवाल, उनकी पत्नी आस्था अग्रवाल सहित मैनेजर व दोनों बाहरी बिचौलियों के बयान दर्ज किए थे। अब इन सभी बयानों का आपस में मिलान, लगाए गए आरोपों का संबंध और समीक्षा के बाद आगे की रिपोर्ट तय होगी।
बता दें कि जवां थाना क्षेत्र के कासिमपुर स्थित राधा इंड्रस्ट्रियल गैस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई में सक्रिय हुए बिचौलियों की अमर उजाला द्वारा खबर छापे जाने के बाद खुद प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को इनका भंडाफोड़ किया।
प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने स्वीकार किया है कि उनके प्लांट पर बिचौलिए सक्रिय हैं। वह 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का दबाव बना रहे हैं। अपने चहेतों को गैस की सप्लाई कर रहे हैं। इसमें उन्होंने दो बाहरी युवक व कलक्ट्रेट के एक लिपिक का नाम खुले तौर पर लिया है। भाजपा एमएलसी मानवेंद्र सिंह और बरौली विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय उर्फ पप्पू से बातचीत में उन्होंने सभी आरोप कैमरे के सामने लगाए थे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी वार, सांसद तक निशाने पर
सोशल मीडिया पर इस पूरे प्रकरण को लेकर वार छिड़ गई है। सांसद से लेकर बिचौलियों तक को निशाने पर लिया गया है। सांसद के एक-47 लैस छह गनर प्लांट पर भेजे जाने के ऑडियो वायरल होने के बाद उसके मीम्स खूब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। साथ में बिचौलियों और कलेक्ट्रेट के बाबू पर कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
हालांकि सोशल मीडिया पर भी दो धड़े काम कर रहे हैं। एक पक्ष प्लांट संचालिका के पक्ष में है तो दूसरा बिचौलियों के पक्ष में है। वहीं, कुछ लोगों की इन दोनों पक्षों से इतर राय यह है कि इस पूरे प्रकरण में सभी संलिप्त हैं। मगर, जनता को इसका नुकसान हुआ। ऑक्सीजन गैस महंगी दी गई। कई मरीजों की ऑक्सीजन की कमी को लेकर जान गई। इसको लेकर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।
11 से लेकर डेढ़ बजे तक बंद रहा प्लांट
राधा ऑक्सीजन प्लांट पर शनिवार को तकनीकी दिक्कत आ गई। इसके चलते प्लांट बंद हो गया। एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि सुबह 11 बजे प्लांट में बिजली संबंधी कोई तकनीकी परेशानी आई थी। इसे सुधारने के लिए तत्काल मिस्त्री को बुलाया गया। दिक्कत को दोपहर डेढ़ बजे तक ठीक किया जा सका। इसके बाद फिर से प्लांट को चालू करके जरूरतमंदों को ऑक्सीजन गैस की सप्लाई की जा सकी।