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ब्लॉक प्रमुख पति ऋषिपाल पक्ष पर मुकदमे का आदेश
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हामिदपुर की जिस जमीन को लेकर टप्पल क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी के पति योगेश प्रधान और ब्लॉक प्रमुख बीना देवी के पति व भाजपा नेता चौ. ऋषिपाल आमने-सामने हैं, उस मामले में चौ. ऋषिपाल को तगड़ा झटका लगा है। योगेश प्रधान की अर्जी पर न्यायालय ने चौ. ऋषिपाल पक्ष के खिलाफ टप्पल पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश एसीजेएम द्वितीय अदालत से दिया गया है।
हामिदपुर निवासी जिला पंचायत सदस्य पति योगेश प्रधान ने गांव हामिदपुर के रघुवीर, भाजपा नेता ऋषिपाल सिंह, उनके भतीजे लोकेंद्र, रामकिशन, टेकचंद्र के अलावा असावटा पलवल हरियाणा के जगवीर, चंदर, ओमप्रकाश, महेंद्र व सुरेंद्र के खिलाफ अर्जी दायर की है।
इसमें आरोप है कि योगेश प्रधान ने हामिदपुर के गाटा संख्या 817 में से एक भूखंड का बैनामा 28 फरवरी 2007 को गांव रायपुर के सौदान सिंह से कराया, तब से उस भूखंड पर वह काबिज हैं और व्यापार कर रहे हैं। वर्ष 2010 में एसडीएम स्तर से उस भूखंड को धारा 143 के तहत आवासीय घोषित कर दिया गया। नवंबर 2020 से रघुवीर, लोकेंद्र, ऋषिपाल आदि इस भूखंड को अपना बताने लगे।
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वर्ष 2019 का बैनामा पलवल के लोगों से अपने नाम का बताकर तत्कालीन डीएम के यहां शिकायत कर दी। एसडीएम द्वारा राजस्व टीम से जांच कराई गई तो इनका बैनामा फर्जी करार दे दिया। अप्रैल 2022 में ये लोग कब्जा करने के इरादे से वहां पहुंचे और पीड़ित संग अभद्रता की।
इतना ही नहीं, रघुवीर ने मुकदमा भी दर्ज करा दिया। 11 अप्रैल को नामजदों ने फायरिंग करते हुए हमला किया। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी मदद नहीं मिली। इस पर न्यायालय की शरण ली। इस मामले में योगेश प्रधान की पैरवी कर रहे अधिवक्ता मुकेश कुमार अत्री ने बताया कि न्यायालय ने 31 अगस्त को मामले में टप्पल पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम पहुंचे थे कब्जा हटवाने, सांसद पर लगाया था आरोप
इस मामले में योगेश प्रधान ने पिछले दिनों मीडिया को बयान देकर कहा था कि ऋषिपाल सिंह मौजूदा सांसद के बेहद करीबी हैं। सांसद के इशारे पर प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। इसी क्रम में तत्कालीन एसडीएम उनकी संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचे थे।
ऋषिपाल पूर्व में जिला प्रशासन की सूची में घोषित भूमाफिया है। इसके बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने मदद न मिलने पर परिवार सहित जान देने का ऐलान किया था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था।
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हामिदपुर निवासी जिला पंचायत सदस्य पति योगेश प्रधान ने गांव हामिदपुर के रघुवीर, भाजपा नेता ऋषिपाल सिंह, उनके भतीजे लोकेंद्र, रामकिशन, टेकचंद्र के अलावा असावटा पलवल हरियाणा के जगवीर, चंदर, ओमप्रकाश, महेंद्र व सुरेंद्र के खिलाफ अर्जी दायर की है।
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इसमें आरोप है कि योगेश प्रधान ने हामिदपुर के गाटा संख्या 817 में से एक भूखंड का बैनामा 28 फरवरी 2007 को गांव रायपुर के सौदान सिंह से कराया, तब से उस भूखंड पर वह काबिज हैं और व्यापार कर रहे हैं। वर्ष 2010 में एसडीएम स्तर से उस भूखंड को धारा 143 के तहत आवासीय घोषित कर दिया गया। नवंबर 2020 से रघुवीर, लोकेंद्र, ऋषिपाल आदि इस भूखंड को अपना बताने लगे।
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वर्ष 2019 का बैनामा पलवल के लोगों से अपने नाम का बताकर तत्कालीन डीएम के यहां शिकायत कर दी। एसडीएम द्वारा राजस्व टीम से जांच कराई गई तो इनका बैनामा फर्जी करार दे दिया। अप्रैल 2022 में ये लोग कब्जा करने के इरादे से वहां पहुंचे और पीड़ित संग अभद्रता की।
इतना ही नहीं, रघुवीर ने मुकदमा भी दर्ज करा दिया। 11 अप्रैल को नामजदों ने फायरिंग करते हुए हमला किया। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी मदद नहीं मिली। इस पर न्यायालय की शरण ली। इस मामले में योगेश प्रधान की पैरवी कर रहे अधिवक्ता मुकेश कुमार अत्री ने बताया कि न्यायालय ने 31 अगस्त को मामले में टप्पल पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम पहुंचे थे कब्जा हटवाने, सांसद पर लगाया था आरोप
इस मामले में योगेश प्रधान ने पिछले दिनों मीडिया को बयान देकर कहा था कि ऋषिपाल सिंह मौजूदा सांसद के बेहद करीबी हैं। सांसद के इशारे पर प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। इसी क्रम में तत्कालीन एसडीएम उनकी संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचे थे।
ऋषिपाल पूर्व में जिला प्रशासन की सूची में घोषित भूमाफिया है। इसके बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने मदद न मिलने पर परिवार सहित जान देने का ऐलान किया था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था।