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Aligarh News: 870 छात्राओं को पढ़ा रहीं मात्र पांच शिक्षिकाएं
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज अतरौली।
- फोटो : samvad
नगर का राजकीय कन्या इंटर कॉलेज शिक्षकों के अभाव से जूझ रहा है। 870 छात्राओं की पढ़ाई महज पांच शिक्षिकाओं के भरोसे है। जबकि जरूरत 17 शिक्षकाओं की है।
कॉलेज में गणित और हिंदी के दो-दो शिक्षक हैं। साथ ही विज्ञान, भूगोल, जीव विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कंप्यूटर जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए शिक्षकों की जरूरत है। वर्तमान में केवल गृह विज्ञान, संस्कृत, भौतिक और अंग्रेजी विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
कॉलेज में 11 कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन इस वक्त प्रत्येक कक्षा के लिए भी पर्याप्त शिक्षिकाएं नहीं हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
आरटीआई कार्यकर्ता अंशुल भारद्वाज ने बताया कि क्षेत्रीय जनता में इस कॉलेज के प्रति रुझान अधिक है। बेहतर शिक्षण और प्रबंधन के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं यहां एडमिशन के लिए आती हैं, लेकिन सीटों के दबाव के बाद भी कॉलेज में छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त क्लास रूम तक नहीं हैं।
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युवा पहल के अध्यक्ष इंजीनियर हिमांशु मित्तल गुप्ता ने कहा, अतरौली क्षेत्र की बेहद होनहार छात्राएं बेहद ही कम सरकारी फीस पर इस कॉलेज में पढ़ती हैं। विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों के बिना पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है।
शासन को पत्र लिखकर शिक्षिकाओं की नियुक्ति की मांग की जा चुकी है। पांच शिक्षिकाओं के साथ हम सभी कक्षाओं का प्रबंधन करके कॉलेज चलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छात्राओं के हित में नियुक्तियां भी जरूरी हैं। - माधवी शर्मा, प्रधानाचार्य ।
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कॉलेज में गणित और हिंदी के दो-दो शिक्षक हैं। साथ ही विज्ञान, भूगोल, जीव विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कंप्यूटर जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए शिक्षकों की जरूरत है। वर्तमान में केवल गृह विज्ञान, संस्कृत, भौतिक और अंग्रेजी विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
कॉलेज में 11 कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन इस वक्त प्रत्येक कक्षा के लिए भी पर्याप्त शिक्षिकाएं नहीं हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
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आरटीआई कार्यकर्ता अंशुल भारद्वाज ने बताया कि क्षेत्रीय जनता में इस कॉलेज के प्रति रुझान अधिक है। बेहतर शिक्षण और प्रबंधन के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं यहां एडमिशन के लिए आती हैं, लेकिन सीटों के दबाव के बाद भी कॉलेज में छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त क्लास रूम तक नहीं हैं।
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युवा पहल के अध्यक्ष इंजीनियर हिमांशु मित्तल गुप्ता ने कहा, अतरौली क्षेत्र की बेहद होनहार छात्राएं बेहद ही कम सरकारी फीस पर इस कॉलेज में पढ़ती हैं। विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों के बिना पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है।
शासन को पत्र लिखकर शिक्षिकाओं की नियुक्ति की मांग की जा चुकी है। पांच शिक्षिकाओं के साथ हम सभी कक्षाओं का प्रबंधन करके कॉलेज चलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छात्राओं के हित में नियुक्तियां भी जरूरी हैं। - माधवी शर्मा, प्रधानाचार्य ।