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Aligarh News: रोरावर शमशान के रास्ते फिर पकड़ा तूल, रुकवाया निर्माण कार्य, मुकदमे की तैयारी

Fri, 17 Feb 2023 09:57 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 17 Feb 2023 09:57 PM IST
सार

शाहजमाल कब्रिस्तान की बाउंड्री विवादित रास्ते पर निर्माण कराने की सूचना पर भाजपाई भड़क गए। पहले काफी संख्या में भाजपाई मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस-प्रशासन को बुलाकर निर्माण रुकवाया। बाद में थाने का घेराव कर मुकदमे की बात रखी। कई घंटे चली वार्ता के बाद मुतवल्ली व उसके सहयोगियों पर मुकदमा तय हुआ।

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On the way to Roravar crematorium again caught fire stopped the construction work
रोरावर मामले में थाने में वार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ का बहुचर्चित रोरावर शमशान के रास्ते का विवाद शुक्रवार दोपहर एकाएक फिर तूल पकड़ गया। यहां शाहजमाल कब्रिस्तान की बाउंड्री विवादित रास्ते पर निर्माण कराने की सूचना पर भाजपाई भड़क गए। पहले काफी संख्या में भाजपाई मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस-प्रशासन को बुलाकर निर्माण रुकवाया। बाद में थाने का घेराव कर मुकदमे की बात रखी। कई घंटे चली वार्ता के बाद मुतवल्ली व उसके सहयोगियों पर मुकदमा तय हुआ। साथ में मुतवल्ली की ओर से यह लिखित में लिया गया कि अब बिना सहमति व अनुमति के निर्माण नहीं होगा। तब जाकर विवाद शांत हुआ।

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हुआ यूं कि दोपहर में पूर्व मेयर शकुंतला भारती, भाजपा नेता ब्रजेश कंटक, अतुल राजाजी आदि पूर्व विधायक संजीव राजा के आवास पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें खबर मिली कि रोरावर शमशान के उस विवादित रास्ते पर कब्रिस्तान की बाउंड्री लगवाई जा रही है, जिस पर कई दशक से विवाद है। इस सूचना पर सभी लोग वहां पहुंच गए और खबर देकर पुलिस बुला ली।
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चूंकि यह त्योहार का मौका था और मसला बेहद संवेदनशील था। इसलिए आनन-फानन सीओ प्रथम सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। कब्रिस्तान की बाउंड्री का निर्माण तत्काल रुकवाया गया। हालांकि वहां दोनों पक्षों में काफी बहस हुई। मगर पुलिस ने विवाद को देखते हुए निर्माण रुकवाकर सभी पक्षों को थाने बुला लिया। बाद में सूचना देकर तहसील टीम व एडीएम सिटी मीनू राणा व एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत भी थाने बुला लिए गए।
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जब वर्ष 1999 में लिखित समझौता हुआ और उसी समझौते अब क्यों तोड़ा गया। देर शाम तक चली वार्ता के बाद ब्रजेश कंटक की तहरीर पर कब्रिस्तान मुतबल्ली मुईन व उनके आठ-दस साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। तब जाकर सहमति बनी। साथ में मुतबल्ली मुईन की ओर से लिखित में दिया गया कि जब तक सभी पक्षों में सहमति नहीं बनेगी और प्रशासनिक अनुमति नहीं होगी।
 
तब तक अब वहां कोई निर्माण नहीं होगा। इसके बाद ही सभी लोग वहां से गए। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत का कहना है कि फिलहाल तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बाकी प्रशासन के स्तर से जांच की जा रही है। जांच में जो तय होगा, उसके अनुसार आगे निर्माण पर निर्णय होगा।

ये हैं दोनों पक्षों के तर्क

भाजपा पक्ष-रोरावर में कई दशक पुराना शमशान है। इसका रास्ता शाहजमाल कब्रिस्तान के बगल से होकर जाता है। इस रास्ते को दूसरा पक्ष बंद करना चाहता है। कई दशक से यह विवाद है। इसी विवाद के क्रम में वर्ष 1999 में तत्कालीन विधायक अब्दुल खालिक की मौजूदगी में लिखित समझौता हुआ था कि इस 33 से 45 फिट के रास्ते पर कोई निर्माण नहीं होगा। इसके बाद पूर्व विधायक संजीव राजा ने अपने विधायक काल में इस रास्ते का निर्माण कराया। निर्मित सड़क के सहारे शेष बची सड़क के हिस्से पर यह बाउंड्री बनवाई जा रही है, जो गलत है।

मुतबल्ली पक्ष-मुतबल्ली मुईन का कहना है कि कब्रिस्तान में बारिश का पानी भरने, कई जगह ऊंचा नीचा होने के कारण पिछले तीन माह से कब्रिस्तान की चारों ओर बाउंड्री कराई जा रही है। जिस रास्ते की बात कही जा रही है। खुद हमारी  मांग पर तत्कालीन विधायक संजीव राजा ने उसका निर्माण कराया। रास्ता 33 से 45 फिट है। हम उस रास्ते को छोड़कर रास्ते के सहारे बाउंड्री करा रहे हैं। निर्माण सुन्नी वक्फ की संपत्ति कब्रिस्तान के हिस्से पर करा रहे हैं। इसका विरोध गलत है।

इसी रास्ते को लेकर हुआ था 2003 का रोरावर कांड
वर्ष 2003 का रोरावर कांड भी इसी रास्ते के विवाद को लेकर हुआ था। पुलिस रिकार्ड के अनुसार उस समय कटरा मोहल्ला से एक शवयात्रा उस रास्ते पर जा रही थी। जिसको दूसरे पक्ष ने रोक लिया। इसे लेकर विवाद शुरू हुआ। खबर पर भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष संजीव राजा, शकुंतला भारती सहित तमाम भाजपाई मौके पर पहुंच गए। विवाद के चलते वहां सांप्रदायिक घटना हो गई। शहर में कफ्र्यू तक लगाना पड़ा। जिसका मुकदमा अभी अदालत में विचाराधीन है। उस मुकदमे में पूर्व विधायक स्व.संजीव राजा, पूर्व मेयर शकुंतला भारती सहित तमाम भाजपाई व दूसरे पक्ष के लोग भी आरोपी हैं।

तब तत्कालीन सांसद तक को जाना पड़ा था जेल
रोरावर कांड के दौरान उस समय तक मेयर नहीं बनीं शकुंतला भारती व तत्कालीन सांसद शीला गौतम तक को जेल जाना पड़ा था। मामला प्रदेश स्तर पर काफी छाया रहा था। 

पूर्व विधायक के देहांत के बाद ही निर्माण क्यों? 
घटनाक्रम के बाद एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर त्योहार से ऐन एक दिन पहले और पूर्व विधायक संजीव राजा के देहांत के बाद ही वहां निर्माण क्यों कराया गया। इसे लेकर शकुंतला भारती, अतुल राजा जी आदि का कहना है कि चूंकि विधायक परिवार शोक में है। बाकी हम लोग भी वहीं ध्यान ज्यादा दे रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए यह सब किया गया है।
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