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ओलंपिक में भारतीय महिला रेसलरों से पदक की उम्मीद
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:25 AM IST
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अाेलंपिक की विदाई
- फोटो : amar ujala
अलीगढ़ में पली-बढ़ी फिजियोथेरेपिस्ट श्वेता बाला इस बार ओलंपिक की टीम के साथ रियो जा रही हैं। वह वूमैन रेसलिंग टीम की मेडिकल पैनल की सदस्य हैं। श्वेता ने उम्मीद जताई है महिला पहलवानों ने इस बार काफी बेहतर तैयारी की है और वह बेहतर प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक में पदक हासिल करेंगी।
श्वेता शनिवार को यहां ओजोन सिटी के निकट स्थित निहार मीरा नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पत्रकारोें से वार्ता कर रही थीं। वह इस स्कूल में दो साल तक मेडिकल काउंसलर रही हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इस साल तीन महिला पहलवानों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है, जबकि पिछली बार यह संख्या महज एक थी। उनका कहना है कि तीनों महिला पहलवान पूरी तरह से फिट हैं।
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ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इस बार महिला पहलवानों को भी ओलंपिक में पदक हासिल होगा। उन्होंने बताया कि वह वूमैन रेसलिंग की 10 सदस्यीय मेडिकल पैनल की सदस्या हैं और रेसलिंग टीम के साथ रियो जा रही हैं। उन्होंने नरसिंह पहलवान को लेकर चल रहे मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
इससे पहले उनका स्कूल में जोशीला स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में स्कूल के बुद्धसेन निहार, झरना निहार, प्रधानाचार्या कल्पतरा चंद्रहास आदि शामिल थे।
श्वेता मूल रूप से झारखंड के बोकारो की रहने वाली हैं, लेकिन अपने पिता की यहां अलीगढ़ में टेलीफोन विभाग में पोस्टिंग होने के कारण बचपन से ही श्वेता की शिक्षा दीक्षा अलीगढ़ में ही हुई।
उन्होेंने कक्षा 10 एएमयू के अब्दुला स्कूल से की और फिर एएमयू से ही फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा किया। उन्होेेंने फिजिरोथेरेपी में बैचलर डिग्री जामिया हमदर्द दिल्ली और मास्टर डिग्री कैश, मेरठ से हासिल की। कई टूर्नामेंटों में वह खिलाड़ियों के साथ हाल में ही कई देशों की यात्रा कर चुकी हैं।
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श्वेता शनिवार को यहां ओजोन सिटी के निकट स्थित निहार मीरा नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पत्रकारोें से वार्ता कर रही थीं। वह इस स्कूल में दो साल तक मेडिकल काउंसलर रही हैं।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इस साल तीन महिला पहलवानों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है, जबकि पिछली बार यह संख्या महज एक थी। उनका कहना है कि तीनों महिला पहलवान पूरी तरह से फिट हैं।
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ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इस बार महिला पहलवानों को भी ओलंपिक में पदक हासिल होगा। उन्होंने बताया कि वह वूमैन रेसलिंग की 10 सदस्यीय मेडिकल पैनल की सदस्या हैं और रेसलिंग टीम के साथ रियो जा रही हैं। उन्होंने नरसिंह पहलवान को लेकर चल रहे मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
इससे पहले उनका स्कूल में जोशीला स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में स्कूल के बुद्धसेन निहार, झरना निहार, प्रधानाचार्या कल्पतरा चंद्रहास आदि शामिल थे।
श्वेता मूल रूप से झारखंड के बोकारो की रहने वाली हैं, लेकिन अपने पिता की यहां अलीगढ़ में टेलीफोन विभाग में पोस्टिंग होने के कारण बचपन से ही श्वेता की शिक्षा दीक्षा अलीगढ़ में ही हुई।
उन्होेंने कक्षा 10 एएमयू के अब्दुला स्कूल से की और फिर एएमयू से ही फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा किया। उन्होेेंने फिजिरोथेरेपी में बैचलर डिग्री जामिया हमदर्द दिल्ली और मास्टर डिग्री कैश, मेरठ से हासिल की। कई टूर्नामेंटों में वह खिलाड़ियों के साथ हाल में ही कई देशों की यात्रा कर चुकी हैं।