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कोरोना काल ने जंग के जांबाज को बनाया रंग का सरताज

Sat, 20 Mar 2021 01:22 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 01:22 AM IST
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Office of Commerce Tax Department decorated after learning painting during Corona period
तालानगरी स्थित सेल टैक्स में कार्यालय में पेंटिंग के साथ डिप्टी कमिश्नर कैप्टन एनके पांडेय । - फोटो : CITY OFFICE
आशीष निगम
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सीखने और कुछ नया करने की कोई उम्र नहीं होती। ये कहावत जिंदादिल शख्स कैप्टन नवीन कुमार पांडेय पर एक दम सटीक बैठती है। सेना में कैप्टन रह चुके नवीन इन दिनों वाणिज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर हैं। कोरोना काल में उन्होंने सोशल मीडिया से पेंटिंग करना सीखा और तालानगरी स्थित नवनिर्मित वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय की दीवारों को मनमोहक कलाकृतियों से जीवंत कर दिया। विभाग में आने वाले हर किसी की नजर जब गैलरी में सजी इन पेंटिंग्स पर पड़ती हैं तो वह बस एकटक इनको निहारता रह जाता है। अलीगढ़ से लखनऊ तक ये कलाकृतियां चर्चा में हैं।
नवीन ने बताया कि कोरोना काल में जब कार्यालय आना कम होता था, उसी दौरान उन्होंने यू-ट्यूब से पेटिंग करना सीखा। कैनवास पर एक्रेलाइट रंगों से मनचाही आकृतियां उकेरीं और उनमें रंग भरा। एक के बाद एक 18 कलाकृतियां तैयार हुईं। इनकी असली कृति उन्होंने खुद अपने पास रखी और इसका डिजीटल वर्जन करा कर 26 फरवरी को स्थापना दिवस के मौके पर वाणिज्य कर विभाग को भेंट कर दिया। कभी भी फाइन आर्ट (ललित कला) की पढ़ाई नहीं करने वाले कैप्टन नवीन कहते हैं कि कुछ लोगों ने इन कलाकृतियों को लेकर सवाल उठाया था कि ये उनकी नहीं हैं। इस पर उन्होंने आधी अधूरी कई पेंटिंग्स भी दिखा दी थीं, जो तैयार नहीं हो सकी थीं। हाल ही में हार्ट सर्जरी करा चुके नवीन कहते हैं कि हर पल कुछ नया करते रहना ही जिंदगी है। सरकार ने उनको बहुत कुछ दिया, अब उन्होंने अपनी तरफ से सरकार को रिटर्न गिफ्ट दिया है।
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मानो मौत कुछ पल लेट हो गई थी
मूलरूप से लखनऊ निवासी नवीन कुमार पांडेय सेना की आर्टलरी डिवीजन की 81 फील्ड रेजीमेंट में तैनात हुए थे। वर्ष 1985 से 1990 के दौर में भारत पाकिस्तान बार्डर पर हुई गोलाबारी में वह दुश्मनों से लड़े। राजौरी में तैनाती के दौरान एक बार पोस्ट पर वो जिस कुर्सी पर बैठे थे, उससे उठते ही तेज रफ्तार गोली उसमें धंस गई थी। वो पल उनको अब भी याद है, मानो बस मौत कुछ पल लेट हो गई थी। उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर, जम्मू के सथवारी सहित अन्य इलाकों में रही। 1990 में सेना से रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने स्कूटर निर्माता कंपनी एलएमएल में काम करना शुरू किया। 1994 में वह वाणिज्य कर विभाग में नियुक्त हुए। वर्तमान में वह अलीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर खंड-5 के पद पर तैनात हैं और आने वाली 30 जून को उनका रिटायरमेंट हो जाएगा। वाणिज्य कर विभाग में 26 वर्ष तक सेवा देने के बाद अपनी यादगार निशानी के तौर पर वह उन कलाकृतियों को छोड़ जाएंगे, जिनसे बेजान दीवारें भी बोलने लगी हैं।
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कैप्टन एनके पांडेय जिंदादिल शख्स और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उनकी कलाकृतियों से विभाग की दीवारें जीवंत हो गई हैं। ये कलाकृतियां नये आने वाले अफसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं कि अगर इरादा मजबूत हो तो कुछ भी किया जा सकता है।
- विनय अस्थाना, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन
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