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अब न बने कोई विकास दुबे और विनय तिवारी..यही पुलिस की तैयारी

Sun, 19 Jul 2020 02:06 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2020 02:06 AM IST
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Now there should be no Dubey and Vinay Tiwari, that's where the police is preparing
डीजी ईओडब्ल्यू डॉ आरपी सिंह। - फोटो : CITY OFFICE
जिला पुलिस के नोडल अफसर डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह ने कहा कि कोरोना काल में कानपुर कांड के बाद शासन की मंशा स्पष्ट है। अब कोरोना के साथ-साथ क्रिमिनल, क्राइम की नाक में नकेल डालनी है। यूपी के किसी भी जिले में दूसरा विकास दुबे या विनय तिवारी जैसा दागी न पैदा हो। कुछ इस तरह की प्लानिंग पर पुलिस काम कर रही है। उसी की बिंदुवार समीक्षा शनिवार को जिला पुलिस के साथ की गई है। उन्होंने बताया कि सक्रिय अपराधियों से लेकर टॉप-10 और डी श्रेणी तक के अपराधियों की छंटनी में पुलिस ने अच्छा काम किया है। मगर उससे ऊपर के अपराधी अभी नहीं छांटे गए हैं। अभी तक की समीक्षा में किसी दागी पुलिसकर्मी या अधिकारी का नाम भी सामने नहीं आया है। हां, इतना जरूर है कि कुछ कर्मचारी लंबे समय से थानों में जमे हैं, जिन्हें दस दिन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजी ईओडब्ल्यू ने ये बातें शनिवार को यहां पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
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दागियों की छंटनी और जमे कर्मचारियों पर विशेष फोकस
थानेदार से लेकर सिपाही तक की थानावार समीक्षा में डीजी ने पाया कि नवागत एसएसपी ने यहां चार्ज ग्रहण करने के बाद काफी कुछ बदलाव किया है। मगर जिस समय वे यहां तैनात हुए तो शहर में उपद्रव व कानून व्यवस्था का मुद्दा चल रहा था। बाद में कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया। इसलिए कुछ बदलाव रह गए हैं। पिछले तीन चार दिन में भी बदलाव किए गए हैं। इस पर निर्देशित किया गया है कि सूची बनाकर दस दिन में ऐसे लोगों को हटा दें जो लंबे समय से एक जगह पर हैं। इसमें उन लोगों को भी देखें, जो होम रेंज में या पड़ोसी जिले में और हरियाणा सीमा के बॉर्डर जिले में हैं। दागियों को लेकर चर्चा में आज की समीक्षा में कोई नाम नहीं आया है। अभी समीक्षा जारी है। ऐसे दागियों की छंटनी के लिए अलग से टिप्स दिए गए हैं।
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रेंज व जोन स्तर के अपराधियों की छंटनी के अलग निर्देश
डीजी ने क्राइम व क्रिमिनलों की समीक्षा में पाया कि जिले में टॉप-10 सूची जिला वार, शहर व देहात वार, सीओ सर्किल वार व थाना वार बनाई गई है। कुल मिलाकर करीब 115 अपराधी इस सूची में शामिल हैं। इनमें से जो जेल में हैं, उनके खिलाफ मजबूत पैरवी, मजबूत गवाही के लिए पुलिस व अभियोजन अधिकारियों को कहा गया है। इसके लिए डीजीसी क्राइम सप्ताह में दो बार एसएसपी से मीटिंग जरूर करें। जमानतदारों की निगरानी के लिए कहा गया है जो बाहर हैं, उन पर भी कार्रवाई के लिए कहा गया है। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। साथ में सक्रिय अपराधियों व डी श्रेणी के अपराधियों की सतत निगरानी के लिए कहा गया है। इसके अलावा जिले से ऊपर रेंज स्तर के लिए आईआरडी श्रेणी व जोन स्तर के लिए आईएसआर श्रेणी के अपराधियों की सूची बनती है जो अभी बनी नहीं है। उसे बनाने के निर्देश दिए हैं।
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होमवर्क कर अपराधी-फाइनेंसरों की संपत्ति कुर्क करें
समीक्षा में पाया कि अभी तक 7 अपराधियों की गैंगेस्टर की धारा 14/1 व 14/2 के तहत संपत्ति कुर्क करने का प्रस्ताव बनाया है। इस पर कहा गया है कि पहले पूरा होमवर्क कर लें। ताकि कुर्की के बाद वे अदालत से छूट न पाएं। इसके तहत उनके व परिवार के हर सदस्य, रिश्तेदार, दोस्त के बैंक खातों, प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन, आईटीआर डिटेल, वाहन डिटेल आदि निकलवा लें। साथ में पीडब्ल्यूडी से संपत्ति की कीमत का निर्धारण करा लें। इसके बाद कार्रवाई करें तो अपराधी बच नहीं पाएगा। इस कार्रवाई के दौरान माफिया किस्म के अपराधी, सफेदपोश अपराधी और अचानक से धनपशु बनने वालों की मॉनीटरिंग के लिए अलग से कहा गया है। जो अपराधियों को फाइनेंस करते हैं।
सांकरा कांड पर भी हुई चर्चा
डीजी डॉ.आरपी सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों से सांकरा के शराब तस्कर द्वारा दबिश के दौरान पुलिस पर हमले की घटना में भी चर्चा हुई है। उस पर भी सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा।
जिले में मास्क के प्रति लोगों में जागरूकता कम दिखी
डीजी ईओडब्ल्यू डॉ आरपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने जिले में आते समय व शहर में निकलते समय पाया है कि शहरी क्षेत्र को छोड़ दें तो देहात में लोगों में मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूकता की कमी है। समीक्षा में डीएम व एसएसपी से इस बात पर चर्चा हुई है कि देहात में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसके लिए चालान करने के साथ-साथ जागरूकता कैंप भी लगाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए मास्क सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बहुत जरूरी है और इसके लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना आवश्यक है। क्योंकि कोरोना हवा के माध्यम से भी फैलता है। उन्होंने कहा कि यही जरूरी नहीं है कि आप मास्क लगाए हैं और सामने वाला नहीं लगाए तो आप बच जाएंगे। दोनों को मास्क लगाना जरूरी है।

इगलास हत्याकांड में पिता ने दी शिकायत
इगलास के गोरई में छात्र की हत्या के मामले में अब तक खुलासा न होने पर पीड़ित पिता ने पुलिस लाइन में डीजी से मुलाकात की और शिकायती पत्र दिया। इस पर उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जल्द खुलासा कराया जाएगा।
--ये भी हैं खास बातें--
- 7 नाम ऐसे सामने आए, जिनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
- 115 अपराधियों की टॉप-10 लिस्ट विभिन्न श्रेणियों में तैयार
- डी श्रेणी और टॉप-10 लिस्ट वालों की शासन में मॉनीटरिंग
- इन अपराधियों के जमानतदारों की भी निगरानी करेगी पुलिस
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