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अलीगढ़ : अब स्कूल परमिट पर चलेंगे निजी स्कूली वाहन
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केडी सिंह । आरटीओ प्रशासन
- फोटो : CITY OFFICE
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स्कूली बच्चों को लाने ले और जाने के लिए अब स्कूल परमिट पर ही निजी वाहन संचालित हो सकेंगे। काॅंट्रैक्ट कैरिज, ऑल यूपी या ऑल इंडिया परमिट के सहारे स्कूली बच्चों को सफर नहीं कराया जा सकेगा। बृहस्पतिवार को हुई आरटीए (संभागीय परिवहन प्राधिकरण) की बैठक में आरटीओ को स्कूल परमिट जारी करने की शक्ति दी गई है। भौतिक निरीक्षण के बाद निजी वाहन संचालक अपने वाहनों पर स्कूल परमिट ले सकेंगे। राहत भरी खबर यह है कि अब कई अभिभावक मिलकर अपने बच्चों को स्कूल लाने ले जाने वाली टैक्सी के लिए भी यह परमिट ले सकेंगे।
मानकों के आधार पर होगा सत्यापन
- स्कूल परमिट के लिए आवेदन के बाद वाहन का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। अब तक इस निरीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी, क्योंकि स्कूली बस स्कूल परमिट नहीं, बल्कि अन्य परमिट पर चलती थी। भौतिक निरीक्षण में बच्चों की सुरक्षा के लिए मानकों का गहनता से सत्यापन किया जाएगा। स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे, सीट बेल्ट, अग्निशमन यंत्र, खिड़कियों पर जाली, पीले रंग की बस, आगे-पीछे स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर तथा पता सहित सभी मानकों का सत्यापन होने के बाद ही परमिट जारी होगा।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
- अमर उजाला ने अप्रैल माह में इस मामले को उठाया था कि निजी वाहनों से स्कूली बच्चों को सफर कराया जा रहा है। निजी वाहन मालिकों के पास स्कूल परमिट नहीं होता है। नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जाता है, जबकि अभिभावक कम खर्च के लालच में निजी वैन से बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
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- स्कूल परमिट पहले भी जारी होते थे, लेकिन जो बस स्कूल के नाम से होती थी, उन्हें ही परमिट मिलता था। अब नई नियमावली आ गई है, जो व्यक्ति अपनी बस या वाहन स्कूल में काॅंट्रैक्ट पर लगाएगा। उसे स्कूल परमिट के लिए आवेदन करना होगा। आरटीए ने बैठक में यह शक्ति दी है। स्कूल बस की सारी शर्तें लागू होने और भौतिक निरीक्षण के बाद स्कूल परमिट जारी करेंगे। जो अभिभावक स्कूल से इतर अपने बच्चों के लिए टैक्सी लगवाते हैं। वह भी इस परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। - केडी सिंह गौर, आरटीओ।
- जो गाड़ियां ऑल इंडिया परमिट या ऑल यूपी परमिट लेकर काॅंट्रैक्ट कैरिज पर चल रही थीं। अब वह स्कूल परमिट पर चल सकेंगी। यह बड़ी सहूलियत है, क्योंकि अब आरटीओ स्कूल परमिट जारी करेंगे। अब तक आरटीए की बैठक में स्कूल बसों को ही परमिट मिलता था। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूली बसों का संचालन कराएंगे।
- मो. सगीर, एमएस ट्रैवल्स।
- पहले परमिट मिलने में दिक्कत होती थी। आरटीए की बैठक देर में होती थी तो परमिट के आवेदन लंबित ही रहते थे। आरटीओ को स्कूल परमिट जारी करने की शक्ति मिल गई है। इससे स्कूली वाहन नियमों के दायरे में आ गए हैं। मानकों को पूरा कराकर जल्द ही स्कूल परमिट के लिए आवेदन किया जाएगा। - अजय बंसल, गैलेक्सी ट्रैवल्स।
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मानकों के आधार पर होगा सत्यापन
- स्कूल परमिट के लिए आवेदन के बाद वाहन का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। अब तक इस निरीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी, क्योंकि स्कूली बस स्कूल परमिट नहीं, बल्कि अन्य परमिट पर चलती थी। भौतिक निरीक्षण में बच्चों की सुरक्षा के लिए मानकों का गहनता से सत्यापन किया जाएगा। स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे, सीट बेल्ट, अग्निशमन यंत्र, खिड़कियों पर जाली, पीले रंग की बस, आगे-पीछे स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर तथा पता सहित सभी मानकों का सत्यापन होने के बाद ही परमिट जारी होगा।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
- अमर उजाला ने अप्रैल माह में इस मामले को उठाया था कि निजी वाहनों से स्कूली बच्चों को सफर कराया जा रहा है। निजी वाहन मालिकों के पास स्कूल परमिट नहीं होता है। नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जाता है, जबकि अभिभावक कम खर्च के लालच में निजी वैन से बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
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- स्कूल परमिट पहले भी जारी होते थे, लेकिन जो बस स्कूल के नाम से होती थी, उन्हें ही परमिट मिलता था। अब नई नियमावली आ गई है, जो व्यक्ति अपनी बस या वाहन स्कूल में काॅंट्रैक्ट पर लगाएगा। उसे स्कूल परमिट के लिए आवेदन करना होगा। आरटीए ने बैठक में यह शक्ति दी है। स्कूल बस की सारी शर्तें लागू होने और भौतिक निरीक्षण के बाद स्कूल परमिट जारी करेंगे। जो अभिभावक स्कूल से इतर अपने बच्चों के लिए टैक्सी लगवाते हैं। वह भी इस परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। - केडी सिंह गौर, आरटीओ।
- जो गाड़ियां ऑल इंडिया परमिट या ऑल यूपी परमिट लेकर काॅंट्रैक्ट कैरिज पर चल रही थीं। अब वह स्कूल परमिट पर चल सकेंगी। यह बड़ी सहूलियत है, क्योंकि अब आरटीओ स्कूल परमिट जारी करेंगे। अब तक आरटीए की बैठक में स्कूल बसों को ही परमिट मिलता था। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूली बसों का संचालन कराएंगे।
- मो. सगीर, एमएस ट्रैवल्स।
- पहले परमिट मिलने में दिक्कत होती थी। आरटीए की बैठक देर में होती थी तो परमिट के आवेदन लंबित ही रहते थे। आरटीओ को स्कूल परमिट जारी करने की शक्ति मिल गई है। इससे स्कूली वाहन नियमों के दायरे में आ गए हैं। मानकों को पूरा कराकर जल्द ही स्कूल परमिट के लिए आवेदन किया जाएगा। - अजय बंसल, गैलेक्सी ट्रैवल्स।