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ODOC: हाथरस की रबड़ी का स्वाद चखेंगे देशवासी, शासनादेश जारी, हलवाई-कारीगर व छोटे फूड कारोबारी को मिलेगा फायदा
Thu, 07 May 2026 02:37 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Thu, 07 May 2026 02:37 AM IST
सार
एक जिला एक व्यंजन का शासनादेश भी जारी हो गया है। ओडीओपी की सफलता के बाद शुरू की गई इस योजना का मकसद हर जिले की खानपान परंपरा को पहचान देना और उसे आर्थिक गतिविधि से जोड़ना है।
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शहर की एक दुकान पर रबड़ी तैयार करते कारीगर
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद अब नई पहचान के साथ देश-दुनिया में छाने की तैयारी में हैं। प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों के प्रमुख व्यंजनों की व्यापक मैपिंग पूरी कर ली है।
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इस पहल के तहत अब देश-दुनिया के लोग हाथरस की रबड़ी का स्वाद चखेंगे। एक जिला एक व्यंजन का शासनादेश भी जारी हो गया है। ओडीओपी की सफलता के बाद शुरू की गई इस योजना का मकसद हर जिले की खानपान परंपरा को पहचान देना और उसे आर्थिक गतिविधि से जोड़ना है।
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इससे प्रदेश के खानपान की विविधता को एकीकृत पहचान मिलेगी और हर जिले की अलग फूड आइडेंटिटी मजबूत होगी। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय स्तर पर काम कर रहे हलवाई, कारीगर और छोटे फूड कारोबारियों को मिलेगा। पारंपरिक व्यंजनों की मांग बढ़ने से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि छोटे व्यवसायों को भी नई मजबूती मिलेगी।
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