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अब म्यूजिक थेरेपी से होगा कोरोना मरीजों का इलाज

Wed, 19 May 2021 12:16 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 12:16 AM IST
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Now corona patients will be treated with music therapy
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तेजी से इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल में 50-50 बेड के बच्चा वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। इन वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई से लेकर हर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश हैं। इसके अलावा, दीनदयाल अस्पताल में अब मरीजों को दवा के साथ ही म्यूजिक थेरेपी भी दी जाएगी। इसके पीछे तर्क यह है कि मरीजों का ध्यान बीमारी से हटेगा और वह मानसिक तौर पर जल्द स्वस्थ हो सकेंगे।
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कलक्ट्रेट परिसर में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने निर्देश दिए कि कोविड-19 से संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल में 50 बेड, दीनदयाल अस्पताल में 50 बेड तथा मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में 50 बेड के वार्ड बनाए जाएं। जिला अस्पताल के सीएमएस को निर्देश दिए कि वह अस्पताल में कोविड उपचार के लिए बनाए गए दोनों इंचार्ज डॉ. प्रवीण रंजन और डॉ. सेंसर पाल सिंह सिंधू का सहयोग करें। यहां डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाए। एक सप्ताह में जिला अस्पताल को दीनदयाल अस्पताल से बेहतर बनाया जाए। साथ ही डा. प्रवीन रंजन को कोविड वार्ड के लिए इमरजेंसी से मुक्त करने के आदेश जारी किए।
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समीक्षा के दौरान सीएमओ बीपी कल्याणी ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस ने कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिए म्यूजिक थेरेपी प्रारंभ की है। म्यूजिक थेरेपी के साथ फिजियोथेरेपिस्ट, मनोचिकित्सक एवं फिजिशियन को भी लगाया गया है। इधर, कोरोना कंट्रोल रूम की प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल में मरीजों के वाइटल्स की ऑनलाइन गूगल स्प्रेडशीट समय से अपडेट नहीं की जा रही है। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में कंट्रोल रूम प्रभारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में होम आइसोलेट मरीजों की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेट मरीजों के पास पल्स ऑक्सीमीटर नहीं हैं और न ही वो पल्स ऑक्सीमीटर खरीद पा रहे है, इसके चलते संक्रमितों के ऑक्सीजन लेवल का अनुमान नहीं लग पा रहा है। डीएम ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्त आरआरटी टीम होम आइसोलेट मरीजों से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के बारे में फीडबैक लें, जरूरत होने पर टीम घर जाए और मरीज की स्थिति को देखे।
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