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Aligarh: यूपीपीसीएल के चेयरमैन और डीवीवीएनएल एमडी सहित नौ अधिकारियों को नोटिस, 27 अप्रैल को पेशी, यह है मामला
Thu, 16 Apr 2026 11:04 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:04 AM IST
सार
दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव सुरेंद्र निवासी अधिवक्ता अनूप कौशिक ने सीजेएम न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसी मामले पर अलीगढ़ के सीजेएम कोर्ट ने यूपीपीसीएल के चेयरमैन समेत नौ अधिकारियों को 27 अप्रैल को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
बिल जमा करने की अंतिम तिथि से पहले बैलेंस खत्म बताकर बिजली का कनेक्शन काटने और बिल जमा करने के बाद भी न जोड़ने पर अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने यूपीपीसीएल के चेयरमैन, डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक सहित नौ अधिकारियों नोटिस जारी किया है। इन्हें सुनवाई का अवसर देते हुए 27 अप्रैल की तारीख नियत की गई है।
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इस संबंध में दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव सुरेंद्र निवासी अधिवक्ता अनूप कौशिक ने सीजेएम न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशेन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डाॅक्टर आशीष कुमार गोयल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार, तत्कालीन मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता नगरीय उमेश जैन, अधिशासी अभियंता इमरान खान, पंकज तिवारी, उपखंड अधिकारी योगेंद्र कुमार, अवर अभियंता धर्मपाल सिंह व संदीप कुमार इस मामले में विद्युत अधिनियिम के तहत न्यायालय से प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है।
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अनूप कौशिक का कहना है कि वह पिछले करीब 25 वर्षों से नियमित बिजली उपभोक्ता हैं और समय पर बिल का भुगतान करते रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों ने बिना लिखित अनुमति के उनका पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिया। फरवरी 2026 का 3185 रुपये का बिल जमा करने की अंतिम तिथि 22 मार्च निर्धारित थी, लेकिन विभाग ने कथित रूप से तय समय से पहले ही बिजली बिल का बैलेंस माइनस दिखाकर 17 मार्च को आपूर्ति काट दी।
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उन्होंने उसी दिन करीब 5000 रुपये ऑनलाइन जमा किए, फिर भी बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल नहीं की गई। विभागीय अधिकारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किया और उपभोक्ता को इधर-उधर भटकना पड़ा। बाद में करीब 24 घंटे बाद 18 मार्च को आपूर्ति बहाल की गई। न्यायालय ने संबंधित बिजली अधिकारियों को सुनवाई का अवसर देते हुए 27 अप्रैल को तलब किया है और उन्हें अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।