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अलीगढ़ : टीबी के मरीजों की सूचना न देने पर 19 अस्पताल, जांच केंद्र व लैब को नोटिस
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जिला क्षय रोग अधिकारी ने शहर के 19 अस्पताल, जांच केंद्र एवं लैब को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य प्रदाता द्वारा क्षय (टीबी) रोगियों की सूचना नहीं दी गई है या पहले से बहुत कम दी गई है।
क्षय रोग सूचनात्मक रोग घोषित है। सरकारी या निजी अस्पतालों के साथ ही स्वास्थ्य प्रदाता को टीबी मरीज की सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी को देना अनिवार्य है। सूचना नहीं देने पर स्वास्थ्य प्रदाता (चिकित्सक, लैब एवं जांच सेंटर) के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जनवरी 2021 में शहर के निजी चिकित्सक एवं अस्पतालों द्वारा 543 टीबी मरीजों की सूचना दी गई थी। जनवरी 2022 में मात्र 195 टीबी मरीजों की सूचना दी गई है। इसके आधार पर 19 चिकित्सक, अस्पताल, जांच केंद्र एवं लैब को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि 2012 में टीबी को सूचनात्मक रोग घोषित किया गया था। स्वास्थ्य प्रदाता द्वारा नियमित सूचना नहीं दी जा रही है। कुछ सेवा प्रदाता द्वारा सूचना दी गई हैं, लेकिन मरीजों की संख्या में काफी अंतर है।
इनको दिया गया नोटिस
यशोमती हॉस्पिटल, शांति नर्सिंग होम, सनराइज हॉस्पिटल, कुमार पैथोलॉजी, आशीर्वाद मेडिकेयर एंड एंडोस्कोपी सेंटर, हीरालाल हॉस्पिटल, सेवा क्लीनिक, आरके मांगलिक हॉस्पिटल, उमंग नर्सिंग होम, संतोष क्लीनिक, संजय पैथोलॉजी, निदान पैथोलॉजी, डॉ. अतुल सिंघल, भारद्वाज नर्सिंग होम, आशा ब्रेन सेंटर, सुखदेवी डायबिटीज सेंटर, फिरोज हॉस्पिटल, शर्मा आर्थोपेडिक एंड फ्रैक्चर सेंटर एवं डॉ. एसके सिंघल।
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2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। टीबी से मुक्ति के लिए सही उपचार एवं पूर्ण उपचार जरूरी है।
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क्षय रोग सूचनात्मक रोग घोषित है। सरकारी या निजी अस्पतालों के साथ ही स्वास्थ्य प्रदाता को टीबी मरीज की सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी को देना अनिवार्य है। सूचना नहीं देने पर स्वास्थ्य प्रदाता (चिकित्सक, लैब एवं जांच सेंटर) के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जनवरी 2021 में शहर के निजी चिकित्सक एवं अस्पतालों द्वारा 543 टीबी मरीजों की सूचना दी गई थी। जनवरी 2022 में मात्र 195 टीबी मरीजों की सूचना दी गई है। इसके आधार पर 19 चिकित्सक, अस्पताल, जांच केंद्र एवं लैब को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि 2012 में टीबी को सूचनात्मक रोग घोषित किया गया था। स्वास्थ्य प्रदाता द्वारा नियमित सूचना नहीं दी जा रही है। कुछ सेवा प्रदाता द्वारा सूचना दी गई हैं, लेकिन मरीजों की संख्या में काफी अंतर है।
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इनको दिया गया नोटिस
यशोमती हॉस्पिटल, शांति नर्सिंग होम, सनराइज हॉस्पिटल, कुमार पैथोलॉजी, आशीर्वाद मेडिकेयर एंड एंडोस्कोपी सेंटर, हीरालाल हॉस्पिटल, सेवा क्लीनिक, आरके मांगलिक हॉस्पिटल, उमंग नर्सिंग होम, संतोष क्लीनिक, संजय पैथोलॉजी, निदान पैथोलॉजी, डॉ. अतुल सिंघल, भारद्वाज नर्सिंग होम, आशा ब्रेन सेंटर, सुखदेवी डायबिटीज सेंटर, फिरोज हॉस्पिटल, शर्मा आर्थोपेडिक एंड फ्रैक्चर सेंटर एवं डॉ. एसके सिंघल।
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2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। टीबी से मुक्ति के लिए सही उपचार एवं पूर्ण उपचार जरूरी है।