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नोटबंदी: इलाज न करा पाने से किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 07 Dec 2016 02:15 AM IST
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नोटबंदी: इलाज न करा पाने से किसान की मौत
- फोटो : Amar Ujala
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नोटबंदी के कारण पैसे के अभाव में इलाज न हो पाने पर बीमार चल रहे किसान महेश कुमार ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि पुराने नोट डॉक्टर ले नहीं रहे जबकि नए नोट कई दिनों तक लाइन लगाने पर भी नहीं मिल पाए। इस बीच महेश की हालत बिगड़ती चली गई।
क्षेत्र के गांव सैदपुर निवासी महेश कुमार पुत्र श्योराज सिंह (45) काफी समय से बीमार चल रहा था। गांव में ही उसका इलाज चल रहा था। महेश के चाचा झम्मन सिंह के का कहना है कि पांच - छह दिन पहले महेश की तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। इसलिए उसको अच्छे इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल में ले जाना था। पुराने नोट चल नहीं पा रहे हैं। काफी प्रयास के बावजूद नये नोट मिल नहीं पा रहे थे। वे बैंक में तीन-चार दिनों तक लाइन में भी लगे पर पैसे नहीं मिले।
इस बीच महेश की तबियत बिगड़ती चली गई। मंगलवार की सुबह महेश ने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे पत्नी सुधा के अलावा बेटी प्रवेश कुमारी (15), बेटा नवीन (14) को छोड़ गया है। महज ढाई बीघा जमीन होने के कारण किसी तरह उसके परिवार का गुजारा हो रहा था।
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क्षेत्र के गांव सैदपुर निवासी महेश कुमार पुत्र श्योराज सिंह (45) काफी समय से बीमार चल रहा था। गांव में ही उसका इलाज चल रहा था। महेश के चाचा झम्मन सिंह के का कहना है कि पांच - छह दिन पहले महेश की तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। इसलिए उसको अच्छे इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल में ले जाना था। पुराने नोट चल नहीं पा रहे हैं। काफी प्रयास के बावजूद नये नोट मिल नहीं पा रहे थे। वे बैंक में तीन-चार दिनों तक लाइन में भी लगे पर पैसे नहीं मिले।
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इस बीच महेश की तबियत बिगड़ती चली गई। मंगलवार की सुबह महेश ने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे पत्नी सुधा के अलावा बेटी प्रवेश कुमारी (15), बेटा नवीन (14) को छोड़ गया है। महज ढाई बीघा जमीन होने के कारण किसी तरह उसके परिवार का गुजारा हो रहा था।
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