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कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:20 AM IST
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कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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एएमयू छात्र संघ चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक होगा। रविवार को एएमयू एवं वीमेंस कॉलेज छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के साथ कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने बैठक की और स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह की कोताही होने की स्थिति में नामांकन खारिज कर दिया जाएगा।
हालांकि इस दौरान कुछ छात्रों ने नियमों में ढ़ील देने की अपील भी की लेकिन कुलपति नहीं माने। इसकी वजह से कुछ छात्र चाय का बहिष्कार किया। कुलपति ने कहा कि अल्पसंख्यक स्वरूप से संबंधित लड़ाई की दृष्टि से भी यह छात्र संघ महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में उनकी आस्था है और छात्र संघ चुनाव कराकर अपना वादा पूरा किया। उन्होंने छात्रों से बाइक या वाहन का प्रयोग न करने तथा चुनाव प्रचार में हस्त लिखित मटेरियल का ही उपयोग करने का निर्देश दिया। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि कुछ छात्रों ने जल्दी चुनाव कराने की शिकायत की तो कुलपति ने कहा कि लिंगदोह के अनुसार 6 से 8 सप्ताह के अंदर चुनाव कराने का प्रावधान है।
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अगर आप लोग नवंबर-दिसंबर में चुनाव के लिए तैयार है तो विचार किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए कोई प्रत्याशी तैयार नहीं हुआ। इसमें एएमयू छात्र संघ एवं वीमेंस कॉलेज छात्र संघ की प्रत्याशी, सह कुलपति सैयद अहमद अली, मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. इकबाल परवेज, रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, डीएसडब्लू आदि मौजूद थे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में डोनर कैटेगरी से होने वाले 10 कोर्ट सदस्यों के चुनाव के पहले ही उनके करीब 600 मतपत्र गायब हो गए हैं। इसके कारण मतदाताओं में खलबली मच गई है। मतदाता डाक विभाग के अधिकारियों के पास गायब मतपत्रों का पता लगाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो डाक विभाग ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है।
इस मामले को लेकर पहले ही थाना सिविल लाइन में एएमयू के चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एएमयू डोनर कैटेगरी से एएमयू कोर्ट का चुनाव 8-9 अक्तूबर को है। करीब 1568 मतदाता 10 कोर्ट सदस्य का चुनाव करेंगे। 58 दिग्गजों ने 10 सीट के विरुद्ध नामांकन किया है। बकौल चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी अलीगढ़ एवं देश के दूसरे प्रांतों एवं शहरों में रहने वाले मतदाताओं को 31 अगस्त, 1 एवं 3 सितंबर को स्पीड पोस्ट से मतपत्र भेज दिया गया है। नाम, पता एवं ट्रैक नंबर सहित इसकी सूची इंटरनेट पर डाल दी गई है।
मतदाताओं को मतपत्र नहीं मिलने की शिकायत के बाद उन्होंने डाक विभाग को रिमाइंडर भी भेजा है। मतदाता खुर्शीद अहमद का कहना है कि इसको लेकर वे चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग से मिल चुके हैं। गलती डाक विभाग की लग रही है। विभाग द्वारा जांच भी कराई जा रही है।
कुछ लोग इसको लेकर काफी आक्रोशित हैं और डाक विभाग के खिलाफ मुकदमा कराने पर भी विचार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मतदाता जेडआर शेरवानी, गुलाम आरिफ बारसी, शहजाद अल्वी एवं शराफत अल्वी द्वारा इस मामले में पहले ही एएमयू के चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
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हालांकि इस दौरान कुछ छात्रों ने नियमों में ढ़ील देने की अपील भी की लेकिन कुलपति नहीं माने। इसकी वजह से कुछ छात्र चाय का बहिष्कार किया। कुलपति ने कहा कि अल्पसंख्यक स्वरूप से संबंधित लड़ाई की दृष्टि से भी यह छात्र संघ महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में उनकी आस्था है और छात्र संघ चुनाव कराकर अपना वादा पूरा किया। उन्होंने छात्रों से बाइक या वाहन का प्रयोग न करने तथा चुनाव प्रचार में हस्त लिखित मटेरियल का ही उपयोग करने का निर्देश दिया। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि कुछ छात्रों ने जल्दी चुनाव कराने की शिकायत की तो कुलपति ने कहा कि लिंगदोह के अनुसार 6 से 8 सप्ताह के अंदर चुनाव कराने का प्रावधान है।
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अगर आप लोग नवंबर-दिसंबर में चुनाव के लिए तैयार है तो विचार किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए कोई प्रत्याशी तैयार नहीं हुआ। इसमें एएमयू छात्र संघ एवं वीमेंस कॉलेज छात्र संघ की प्रत्याशी, सह कुलपति सैयद अहमद अली, मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. इकबाल परवेज, रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, डीएसडब्लू आदि मौजूद थे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में डोनर कैटेगरी से होने वाले 10 कोर्ट सदस्यों के चुनाव के पहले ही उनके करीब 600 मतपत्र गायब हो गए हैं। इसके कारण मतदाताओं में खलबली मच गई है। मतदाता डाक विभाग के अधिकारियों के पास गायब मतपत्रों का पता लगाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो डाक विभाग ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है।
इस मामले को लेकर पहले ही थाना सिविल लाइन में एएमयू के चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एएमयू डोनर कैटेगरी से एएमयू कोर्ट का चुनाव 8-9 अक्तूबर को है। करीब 1568 मतदाता 10 कोर्ट सदस्य का चुनाव करेंगे। 58 दिग्गजों ने 10 सीट के विरुद्ध नामांकन किया है। बकौल चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी अलीगढ़ एवं देश के दूसरे प्रांतों एवं शहरों में रहने वाले मतदाताओं को 31 अगस्त, 1 एवं 3 सितंबर को स्पीड पोस्ट से मतपत्र भेज दिया गया है। नाम, पता एवं ट्रैक नंबर सहित इसकी सूची इंटरनेट पर डाल दी गई है।
मतदाताओं को मतपत्र नहीं मिलने की शिकायत के बाद उन्होंने डाक विभाग को रिमाइंडर भी भेजा है। मतदाता खुर्शीद अहमद का कहना है कि इसको लेकर वे चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग से मिल चुके हैं। गलती डाक विभाग की लग रही है। विभाग द्वारा जांच भी कराई जा रही है।
कुछ लोग इसको लेकर काफी आक्रोशित हैं और डाक विभाग के खिलाफ मुकदमा कराने पर भी विचार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मतदाता जेडआर शेरवानी, गुलाम आरिफ बारसी, शहजाद अल्वी एवं शराफत अल्वी द्वारा इस मामले में पहले ही एएमयू के चुनाव अधिकारी एवं डाक विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।