{"_id":"6a2c7885db21c64eb301cfaf","slug":"new-restrictions-on-diesel-concerns-mount-from-farms-to-highways-aligarh-news-c-2-gur1004-995914-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: डीजल पर नई बंदिश, खेत से हाईवे तक बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: डीजल पर नई बंदिश, खेत से हाईवे तक बढ़ी चिंता
Sat, 13 Jun 2026 02:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
पेट्रोल पंपों से एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल देने के केंद्र सरकार के नए नियम का असर जिले के करीब पांच लाख किसानों और 150 से अधिक ट्रांसपोर्टरों पर पड़ने की संभावना है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है। तेल कंपनियों के अंतिम दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है और माना जा रहा है कि शनिवार से यह व्यवस्था लागू हो सकती है।
जिले में इंडियन ऑयल के 94, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 55, भारत पेट्रोलियम के 55 और एस्सार के 35 सहित कुल 239 पेट्रोल पंप संचालित हैं। नए नियम का सबसे अधिक प्रभाव कृषि और परिवहन क्षेत्र पर पड़ेगा। किसान सिंचाई, ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों के संचालन के लिए अक्सर ड्रमों में डीजल का भंडारण करते हैं। 200 लीटर की सीमा लागू होने पर उन्हें बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक श्रीकृष्ण गुप्ता ने बताया कि लंबी दूरी तय करने वाले कई ट्रकों में 350-350 लीटर क्षमता की दो टंकियां होती हैं और चालक एक बार में 700 लीटर तक डीजल भरवाते हैं। नई व्यवस्था से समय और लागत दोनों बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
अलीगढ़ पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मंगल ने बताया कि सरकार का उद्देश्य बड़ी औद्योगिक इकाइयों को फुटकर पंपों के बजाय सीधे तेल कंपनियों से थोक खरीद के लिए प्रोत्साहित करना भी है। फिलहाल सभी पंप संचालक आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
इनका तर्क
एसोसिएशन के ठा. कुशलपाल सिंह कहते हैं कि इस नियम के लागू होने के बाद जिले के सभी 239 पंपों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ने की उम्मीद है, ताकि तय सीमा से अधिक डीजल की बिक्री न हो सके। जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर सिंह कहते हैं कि डीजल पर कैपिंग का फैसला सरकार का है। तेल कंपनियों को लागू कराना है।
विज्ञापन
जिले में इंडियन ऑयल के 94, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 55, भारत पेट्रोलियम के 55 और एस्सार के 35 सहित कुल 239 पेट्रोल पंप संचालित हैं। नए नियम का सबसे अधिक प्रभाव कृषि और परिवहन क्षेत्र पर पड़ेगा। किसान सिंचाई, ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों के संचालन के लिए अक्सर ड्रमों में डीजल का भंडारण करते हैं। 200 लीटर की सीमा लागू होने पर उन्हें बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक श्रीकृष्ण गुप्ता ने बताया कि लंबी दूरी तय करने वाले कई ट्रकों में 350-350 लीटर क्षमता की दो टंकियां होती हैं और चालक एक बार में 700 लीटर तक डीजल भरवाते हैं। नई व्यवस्था से समय और लागत दोनों बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
अलीगढ़ पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मंगल ने बताया कि सरकार का उद्देश्य बड़ी औद्योगिक इकाइयों को फुटकर पंपों के बजाय सीधे तेल कंपनियों से थोक खरीद के लिए प्रोत्साहित करना भी है। फिलहाल सभी पंप संचालक आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
इनका तर्क
एसोसिएशन के ठा. कुशलपाल सिंह कहते हैं कि इस नियम के लागू होने के बाद जिले के सभी 239 पंपों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ने की उम्मीद है, ताकि तय सीमा से अधिक डीजल की बिक्री न हो सके। जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर सिंह कहते हैं कि डीजल पर कैपिंग का फैसला सरकार का है। तेल कंपनियों को लागू कराना है।