UP Board: एनसीईआरटी की किताबें बाजार से गायब, पुरानी किताबों से पढ़ रहे विद्यार्थी
यूपी बोर्ड का शैक्षणिक सत्र अप्रैल 2024 से शुरू हो चुका है। साढ़े चार महीने में बाजार में एनसीआरटी का पूरा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है।
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर के पाठ्यक्रमों में लगी हैं मगर यह किताबें बाजार में नहीं हैं। यूपी बोर्ड का शैक्षणिक सत्र अप्रैल 2024 से शुरू हो चुका है। साढ़े चार महीने में बाजार में पूरा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है।
कक्षा 9 से कक्षा 12 तक में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने का आदेश है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने एनसीईआरटी की किताबों की दर सूची भी जारी कर दी है। कक्षा-9 के लिए एनसीईआरटी की किताबों का सेट करीब 365 रुपये का है, जबकि 10वीं में किताबों का सेट करीब 455 रुपये का है। कक्षा 11 और 12 की किताबों का सेट करीब 500 रुपये है। विद्यार्थियों ने बताया कि एनसीईआरटी की कुछ किताबें बाजार में उपलब्ध नही हैं।
खासतौर कक्षा 9 की विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की किताबें नहीं हैं। इसी तरह कक्षा 11 और 12 में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान सहित अन्य किताबें नहीं हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि पुस्तक विक्रेताओं से पूछा, कब तक किताबें आ जाएंगी तो उन्होंने जवाब दिया कि इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। विद्यार्थियों ने कहा कि पुरानी या सहपाठी की किताबों से पढ़ना पड़ रहा है।
एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रही हैं। अगर लखनऊ से किताबें मंगा लें तो खर्च ज्यादा आएगा और उसे ओवर रेट में बेच नहीं पाएंगे। मुनाफा नहीं मिलेगा।-भुवनेश, पुस्तक विक्रेता, अचल ताल
एनसीईआरटी की किताबें इन दिनों मिल नहीं पा रही हैं। थोक विक्रेताओं का कहना है कि लखनऊ से किताबें नहीं आ रही हैं। एनसीईआरटी की किताबें काफी सस्ती हैं।-दया वार्ष्णेय, अचल ताल
पुस्तक विक्रेताओं के पास एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध हैं। उनसे कहा गया है कि बच्चों का ख्याल रखें। हो सकता है कि कुछ पुस्तक विक्रेताओं के पास किताबें न हों।-सर्वदानंद, डीआईओएस, अलीगढ़