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नौशे-चंदा हत्याकांड : मृत्युदंड के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे चार दोषी
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देहली गेट क्षेत्र के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर नौशे व चंदा हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाले पांच दोषियों में से चार की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी गई है। यह अपील शुक्रवार को दायर की गई है। पांचवें की अपील भी एक-दो दिन में दायर होने के संकेत हैं। बता दें कि सात वर्ष पुराने इस हत्याकांड में इन पांच दोषियों को 25 अप्रैल को अपर सत्र न्यायालय से मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है, जबकि एक अन्य को उम्रकैद से दंडित किया है।
घटना 24 जुलाई 2015 की रात उस समय हुई, जब देहली गेट के शाहजमाल निवासी चंदा और लाल मस्जिद खैर रोड निवासी नौसे भात लेकर नौसे के भाई की बेटी की शादी में मामूद नगर रोरावर गए थे। उसी दौरान नामजद इन दोनों को बातों में लगाकर शादी समारोह से बाहर ले गए और दोनों की तमंचे-पिस्टलों से गोलियां बरसा कर व ईंटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इस हत्या का मुकदमा अगले दिन नौशे के बेटे राजा की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें ग्यासुद्दीन पर हत्या कराने व आशिफ, अहसान, वकील, कफील व भूरा को हत्या करने में नामजद किया गया। मुकदमे में सत्र परीक्षण के दौरान सभी को दोषी करार दिया गया और 25 अप्रैल को ग्यासुद्दीन को उम्रकैद व बाकी पांच को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। उसके बाद से ही बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की टीम इस मामले में अपील के लिए प्रयासरत थी।
इस मामले में मृत्युदंड की सजा पाए मामूद नगर के आसिफ, वकील, भूरा, कफील की ओर से पैरवी कर रहे सत्र न्यायालय के अधिवक्ता मो. जोरेज ने बताया कि उनकी ओर से इन चारों की पैरोकारी की जा रही है। शुक्रवार को चारों की ओर से मृत्युदंड के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। हाईकोर्ट में अरफ खान व लिहाजुर्रहमान एडवोकेट कर रहे हैं।
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प्रथम दोनों गवाह नहीं थे मौके पर : जोरेज
बचाव पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मो.जोरेज ने बताया कि हमारी ओर से अपर सत्र न्यायालय में भी यही बात रखी गई थी। अब हाईकोर्ट में भी इसी दलील के साथ गए हैं कि दोनों प्रथम गवाह यानी वादी व उसके चाचा मौके पर नहीं थे। दोनों ने तहरीर में, 161 में और फिर अदालत में अलग-अलग बातें कही हैं। इसी आधार पर हमारी ओर से अपील की गई है।
दो लोगों की अपील होना जल्द
इस मामले में अभी मृत्युदंड की सजा पाए अहसान व साजिश के आरोप में उम्रकैद की सजा पाए एडवोकेट ग्यासुद्दीन की ओर से अपील होना बाकी है। इस विषय में खुद एडवोकेट जोरेज ने बताया कि उनके साथी अधिवक्ता इन दोनों की पैरोकारी कर रहे हैं। उनकी अपील भी तैयार है। जल्द दाखिल होगी।
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घटना 24 जुलाई 2015 की रात उस समय हुई, जब देहली गेट के शाहजमाल निवासी चंदा और लाल मस्जिद खैर रोड निवासी नौसे भात लेकर नौसे के भाई की बेटी की शादी में मामूद नगर रोरावर गए थे। उसी दौरान नामजद इन दोनों को बातों में लगाकर शादी समारोह से बाहर ले गए और दोनों की तमंचे-पिस्टलों से गोलियां बरसा कर व ईंटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इस हत्या का मुकदमा अगले दिन नौशे के बेटे राजा की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें ग्यासुद्दीन पर हत्या कराने व आशिफ, अहसान, वकील, कफील व भूरा को हत्या करने में नामजद किया गया। मुकदमे में सत्र परीक्षण के दौरान सभी को दोषी करार दिया गया और 25 अप्रैल को ग्यासुद्दीन को उम्रकैद व बाकी पांच को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। उसके बाद से ही बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की टीम इस मामले में अपील के लिए प्रयासरत थी।
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इस मामले में मृत्युदंड की सजा पाए मामूद नगर के आसिफ, वकील, भूरा, कफील की ओर से पैरवी कर रहे सत्र न्यायालय के अधिवक्ता मो. जोरेज ने बताया कि उनकी ओर से इन चारों की पैरोकारी की जा रही है। शुक्रवार को चारों की ओर से मृत्युदंड के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। हाईकोर्ट में अरफ खान व लिहाजुर्रहमान एडवोकेट कर रहे हैं।
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प्रथम दोनों गवाह नहीं थे मौके पर : जोरेज
बचाव पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मो.जोरेज ने बताया कि हमारी ओर से अपर सत्र न्यायालय में भी यही बात रखी गई थी। अब हाईकोर्ट में भी इसी दलील के साथ गए हैं कि दोनों प्रथम गवाह यानी वादी व उसके चाचा मौके पर नहीं थे। दोनों ने तहरीर में, 161 में और फिर अदालत में अलग-अलग बातें कही हैं। इसी आधार पर हमारी ओर से अपील की गई है।
दो लोगों की अपील होना जल्द
इस मामले में अभी मृत्युदंड की सजा पाए अहसान व साजिश के आरोप में उम्रकैद की सजा पाए एडवोकेट ग्यासुद्दीन की ओर से अपील होना बाकी है। इस विषय में खुद एडवोकेट जोरेज ने बताया कि उनके साथी अधिवक्ता इन दोनों की पैरोकारी कर रहे हैं। उनकी अपील भी तैयार है। जल्द दाखिल होगी।