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नारायण साकार हरि ने सत्य के मार्ग पर चलने की नसीहत दी।
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प्रवचन देते नारायण साकार हरि।
- फोटो : CITY OFFICE
तालानगरी में संत फिदेलिस स्कूल के निकट मैदान में मंगलवार से शुरू हुए मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम में पहले दिन हजारों की संख्या में अनुयायी नारायण साकार हरि को सुनने समागम स्थल पहुंचे। सुबह आठ बजे से ही अनुयायियों का आना शुरू हो गया। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, भीड़ भी बढ़ती गई। पुलिस और प्रशासन की कमजोर तैयारी से जाम के हालात बन गए। हालांकि हजारों की संख्या में चप्पे-चप्पे पर तैनात स्वयं सेवकों ने मोर्चा संभाले रखा।
दोपहर में हरदुआगंज स्थित गेस्ट हाउस अवध वाटिका से नारायण साकार हरि का काफिला समागम स्थल पहुंचा। नारायण साकार हरि के पहुंचते ही घंटों से प्रतीक्षारत अनुयायियों में मानो ऊर्जा का संचार हो गया। इस दौरान नारायण साकार हरि ने सत्य के मार्ग पर चलने की नसीहत दी। कहा कि सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है। सत्य पर चलने वाला सदैव ईश्वर के निकट रहता है। जो सत्य के मार्ग पर चलता है ईश्वर हमेशा उस पुण्यात्मा में वास करते हैं। उन्होंने मानव को मानव से प्रेम करने तथा बुराइयों को त्यागने पर बल दिया। करीब पौने चार बजे नारायण साकार हरि वापस गेस्ट हाउस लौट गए, जिसके बाद अनुयायी भी समागम से अपने अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
माह के प्रत्येक प्रथम मंगलवार को रहता है विशेष कार्यक्रम
दूर दराज से समागम में पहुंचे नारायण साकार हरि के अनुयायियों ने बताया कि आज माह का प्रथम मंगलवार है। पहले मंगलवार का विशेष महत्व रहता है। इसलिए समागम स्थल में आज पैर रखने की जगह नहीं मिलती। फिर भी नारायण साकार हरि की अनुकंपा के लिए वह माह के प्रथम मंगलवार को समागम में अवश्य पहुंचते हैं। उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व हरियाणा से काफी लोग समागम में पहुंचे।
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स्वयंसेविकाओं ने संभाली प्याऊ की कमान
पीएसी से लेकर तालानगरी पुलिस चौकी तक स्वयंसेविकाओं ने जगह-जगह पानी की प्याऊ लगा रखी थी। भारी संख्या में अनुयायियों की उपस्थिति के बावजूद स्वयंसेविकाएं तपती दोपहरी में भी प्यासों को पानी मुहैया कराती रहीं।
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दोपहर में हरदुआगंज स्थित गेस्ट हाउस अवध वाटिका से नारायण साकार हरि का काफिला समागम स्थल पहुंचा। नारायण साकार हरि के पहुंचते ही घंटों से प्रतीक्षारत अनुयायियों में मानो ऊर्जा का संचार हो गया। इस दौरान नारायण साकार हरि ने सत्य के मार्ग पर चलने की नसीहत दी। कहा कि सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है। सत्य पर चलने वाला सदैव ईश्वर के निकट रहता है। जो सत्य के मार्ग पर चलता है ईश्वर हमेशा उस पुण्यात्मा में वास करते हैं। उन्होंने मानव को मानव से प्रेम करने तथा बुराइयों को त्यागने पर बल दिया। करीब पौने चार बजे नारायण साकार हरि वापस गेस्ट हाउस लौट गए, जिसके बाद अनुयायी भी समागम से अपने अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
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माह के प्रत्येक प्रथम मंगलवार को रहता है विशेष कार्यक्रम
दूर दराज से समागम में पहुंचे नारायण साकार हरि के अनुयायियों ने बताया कि आज माह का प्रथम मंगलवार है। पहले मंगलवार का विशेष महत्व रहता है। इसलिए समागम स्थल में आज पैर रखने की जगह नहीं मिलती। फिर भी नारायण साकार हरि की अनुकंपा के लिए वह माह के प्रथम मंगलवार को समागम में अवश्य पहुंचते हैं। उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व हरियाणा से काफी लोग समागम में पहुंचे।
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स्वयंसेविकाओं ने संभाली प्याऊ की कमान
पीएसी से लेकर तालानगरी पुलिस चौकी तक स्वयंसेविकाओं ने जगह-जगह पानी की प्याऊ लगा रखी थी। भारी संख्या में अनुयायियों की उपस्थिति के बावजूद स्वयंसेविकाएं तपती दोपहरी में भी प्यासों को पानी मुहैया कराती रहीं।

नारायण साकार हरि का प्रवचन सुनते अनुयायी।- फोटो : CITY OFFICE