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बैठक का पार्षदों ने किया बहिष्कार, दिया धरना
अलीगढ़।
Updated Sat, 31 Oct 2015 01:37 AM IST
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अलीगढ़। हमारा शहर स्मार्ट सिटी के रूप में कैसे बेहतर बने? इस विषय पर सुझाव आमंत्रित करने, संवाद करने और विचार करने के लिए बुलाई गई बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। गायत्री पैलेस में आयोजित इस बैठक का नगर निगम पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया और सभागार के बाहर बैठकर धरना दिया।
पार्षदों ने अपने उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए नगर निगम विरोधी नारेबाजी की। बाद में मौके पर जिलाधिकारी पहुंचे जिन्हें पार्षदों ने अपनी बात बताई। पार्षदों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी बात और उनके मान सम्मान का ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा शहर के गणमान्य नागरिकों ने बैठक में अपनी बात रखी। बैठक हुई जरुर लेकिन उसमें सामाजिक संस्थाओं और अन्य लोगों के अलावा पार्षद नहीं थे।
पार्षद ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, अफजाल हमीद, संजय शर्मा, चंद्र प्रकाश चंदू, गंगे पहलवान, गुनीत मित्तल, मुशर्रफ हुसैन, नदीम अंसारी, गुड्डो बेगम, यामीन खां, नवाब, मनीष अग्रवाल वूल, दिनेश जादौन, जकी मलिक, आस मोहम्मद,भागीरथ प्रसाद, जावेद मोटा,दिनेश चंद्र वार्ष्णेय, नासिर हुसैन चांद, नूर अब्बासी आदि स्मार्ट सिटी के संबंध मे बुलाई बैठक में पहुंचे। लेकिन बताया गया कि यहां पर पाया गया कि न तो उनके लिए उचित स्थान की व्यवस्था थी और न उन्हें उनकी बात कहने दिया जा रहा था। विरोध में सारे पार्षद बाहर आ गए और बहिष्कार के साथ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
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पार्षदों ने कहा कि स्मार्ट सिट के लिए जो सुझाव मांगे जा रहे हैं उससे कई गुना ज्यादा सुझाव तो पार्षद दे चुके हैं। वह अपने क्षेत्र से भलीभांति परिचित होते हैं। उनके 50 फीसदी सुझाव भी मान लिए जाएं तो शहर स्मार्ट बन जाएगा। लेकिन यहां पर सिर्फ सुझाव लेने की औपचारिकता हो रही है। लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि पार्षदों को कुछ पता ही नहीं है।
अफजाल हमीद ने कहा कि नगर निगम के कुछ अधीनस्थ स्तर के अधिकारी जब स्वयं नहीं चाहते कि शहर स्मार्ट हो तो भला कैसे पहल होगी। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वह क्षेत्र में नहीं जाते हैं। शहर कूड़े से बदहाल है। स्ट्रीट लाइट जल नहीं रहीं है। इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री आजम खान से की जाएगी।
इसके अलावा पार्षदों ने नगर निगम कार्यकारिणी के बजट का मुद्दा भी उठाया। कहा गया कि जब कार्यकारिणी से बजट पास ही नहीं हुआ है तो उसे पास कैसे बताया जा रहा है? इसलिए फिर बोर्ड की बैठक भी कैसे हो सकती है। सभी पार्षद बोर्ड की बैठक का सामूहिक रूप से विरोध करेंगे।
बाद में जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उन्होंने धरनारत पार्षदों को समाझाया। इसके बाद ही वह शांत हुए। लेकिन बैठक में हिस्सा फिर भी नहीं लिया। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, उप नगर आयुक्त मसूद अहमद, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह, पर्यावरण सुरक्षा समित हरीतिमा के सुबोध नंदन शर्मा, उद्यमी राजन बजाज, भाजपा के बीएस पॉल, नागरिक चेतना समिति के अशोक शर्मा जेल रोड, बीएस शर्मा आदि मौजूद थे।
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पार्षदों ने अपने उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए नगर निगम विरोधी नारेबाजी की। बाद में मौके पर जिलाधिकारी पहुंचे जिन्हें पार्षदों ने अपनी बात बताई। पार्षदों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी बात और उनके मान सम्मान का ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा शहर के गणमान्य नागरिकों ने बैठक में अपनी बात रखी। बैठक हुई जरुर लेकिन उसमें सामाजिक संस्थाओं और अन्य लोगों के अलावा पार्षद नहीं थे।
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पार्षद ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, अफजाल हमीद, संजय शर्मा, चंद्र प्रकाश चंदू, गंगे पहलवान, गुनीत मित्तल, मुशर्रफ हुसैन, नदीम अंसारी, गुड्डो बेगम, यामीन खां, नवाब, मनीष अग्रवाल वूल, दिनेश जादौन, जकी मलिक, आस मोहम्मद,भागीरथ प्रसाद, जावेद मोटा,दिनेश चंद्र वार्ष्णेय, नासिर हुसैन चांद, नूर अब्बासी आदि स्मार्ट सिटी के संबंध मे बुलाई बैठक में पहुंचे। लेकिन बताया गया कि यहां पर पाया गया कि न तो उनके लिए उचित स्थान की व्यवस्था थी और न उन्हें उनकी बात कहने दिया जा रहा था। विरोध में सारे पार्षद बाहर आ गए और बहिष्कार के साथ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
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पार्षदों ने कहा कि स्मार्ट सिट के लिए जो सुझाव मांगे जा रहे हैं उससे कई गुना ज्यादा सुझाव तो पार्षद दे चुके हैं। वह अपने क्षेत्र से भलीभांति परिचित होते हैं। उनके 50 फीसदी सुझाव भी मान लिए जाएं तो शहर स्मार्ट बन जाएगा। लेकिन यहां पर सिर्फ सुझाव लेने की औपचारिकता हो रही है। लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि पार्षदों को कुछ पता ही नहीं है।
अफजाल हमीद ने कहा कि नगर निगम के कुछ अधीनस्थ स्तर के अधिकारी जब स्वयं नहीं चाहते कि शहर स्मार्ट हो तो भला कैसे पहल होगी। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वह क्षेत्र में नहीं जाते हैं। शहर कूड़े से बदहाल है। स्ट्रीट लाइट जल नहीं रहीं है। इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री आजम खान से की जाएगी।
इसके अलावा पार्षदों ने नगर निगम कार्यकारिणी के बजट का मुद्दा भी उठाया। कहा गया कि जब कार्यकारिणी से बजट पास ही नहीं हुआ है तो उसे पास कैसे बताया जा रहा है? इसलिए फिर बोर्ड की बैठक भी कैसे हो सकती है। सभी पार्षद बोर्ड की बैठक का सामूहिक रूप से विरोध करेंगे।
बाद में जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उन्होंने धरनारत पार्षदों को समाझाया। इसके बाद ही वह शांत हुए। लेकिन बैठक में हिस्सा फिर भी नहीं लिया। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, उप नगर आयुक्त मसूद अहमद, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह, पर्यावरण सुरक्षा समित हरीतिमा के सुबोध नंदन शर्मा, उद्यमी राजन बजाज, भाजपा के बीएस पॉल, नागरिक चेतना समिति के अशोक शर्मा जेल रोड, बीएस शर्मा आदि मौजूद थे।