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डेल्टा वैरिएंट को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज अलर्ट
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डेल्टा प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के नए वैरिएंट डेल्टा की आहट पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का जेएन मेडिकल कॉलेज भी अलर्ट हो गया है।
यहां पर संक्रमण से ग्रस्त मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। लेकिन ब्लैक फंगस के अब तक 43 मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं। इनमें से 4 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। 15 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अन्य का उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर आफताब कहते हैं कि ब्लैक फंगस के मरीज की संख्या कम हो रही है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के नए वैरिएंट को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि डेल्टा वैरिएंट या तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज में दूसरी लहर के समय जो व्यवस्थाएं की गई हैं वह जारी रहेंगी। आइसोलेशन वार्ड, उपकरणों, स्टाफ की तैनाती आदि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति सुधरी है। हम पूरी तरह गंभीर हैं इसके साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन के माध्यम से ओपीडी सेवा चल रही है। अगर कोई गंभीर मरीज है तो उसको इमरजेंसी में देखा जा रहा है।
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यहां पर संक्रमण से ग्रस्त मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। लेकिन ब्लैक फंगस के अब तक 43 मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं। इनमें से 4 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। 15 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अन्य का उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर आफताब कहते हैं कि ब्लैक फंगस के मरीज की संख्या कम हो रही है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के नए वैरिएंट को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
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मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि डेल्टा वैरिएंट या तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज में दूसरी लहर के समय जो व्यवस्थाएं की गई हैं वह जारी रहेंगी। आइसोलेशन वार्ड, उपकरणों, स्टाफ की तैनाती आदि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति सुधरी है। हम पूरी तरह गंभीर हैं इसके साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन के माध्यम से ओपीडी सेवा चल रही है। अगर कोई गंभीर मरीज है तो उसको इमरजेंसी में देखा जा रहा है।
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