Muzaffarnagar: 15 साल बाद दोहरे हत्याकांड में फांसी, प्रेम संबंध थे वजह, मां-बेटे की ईंट से कूचकर की थी हत्या
मुजफ्फरनगर के 15 साल पुराने मां-बेटे हत्याकांड में अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने प्रेम संबंधों के विवाद में महिला और उसके छह वर्षीय बेटे की ईंट से कूचकर हत्या कर दी थी।
विस्तार
मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में वर्ष 2011 में हुए चर्चित मां-बेटे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय ने दोषी रईस उर्फ रहीस उर्फ जहूर हसन को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने महिला और उसके छह वर्षीय बेटे की ईंट से कूचकर हत्या कर दी थी।
बकरीद के दिन लापता हुई थी महिला और बेटा
सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने छह वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ सात नवंबर 2011 को घर से निकली थीं। इसके बाद दोनों रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। करीब छह दिन बाद 13 नवंबर को चरथावल क्षेत्र के जंगल में मां-बेटे के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए। अगले दिन परिजनों ने पोस्टमार्टम गृह पहुंचकर दोनों की पहचान की।
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश देवी की पहचान निर्माण कार्य के दौरान आरोपी रईस से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में प्रेम संबंध बन गए। जांच के अनुसार महिला आरोपी पर साथ रहने का दबाव बना रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपी ने हत्या की साजिश रची।
इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि बकरीद के दिन महिला ने आरोपी को सलेमपुर बुलाया। इसके बाद दोनों महिला के बेटे के साथ चरथावल क्षेत्र पहुंचे। एक खेत में बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपी ने पहले महिला की हत्या की और बाद में घटना का गवाह बने बच्चे को भी ईंट से वार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद दोनों शव जंगल में छोड़ दिए गए।
पुलिस ने 11 दिसंबर 2011 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। दोष सिद्ध होने के बाद शनिवार को उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
अदालत की गवाहों को लेकर सख्त टिप्पणी
फैसले के दौरान अदालत ने गवाहों के पक्षद्रोही होने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। न्यायालय ने कहा कि प्रभावशाली मामलों में गवाहों के मुकरने से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई गवाह न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से अपने बयान से पलटता है तो न्यायालय मूकदर्शक नहीं रह सकता।
दूसरे हत्या मामले में भी जेल में बंद है दोषी
अदालती अभिलेखों के अनुसार आरोपी वर्तमान में एक अन्य हत्या के मामले में भी जेल में बंद है। उस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है और वह उसी प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में है।