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मुसलमानों के लिए अब ‘अछूत’ नहीं आरएसएस

Mon, 07 Nov 2016 01:42 AM IST
कौशल कुमार ओझा
कौशल कुमार ओझा Updated Mon, 07 Nov 2016 01:42 AM IST
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Muslims now 'untouchable' no RSS
आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्‍य इंद्रेश कुमार कुलपति से बात करते हुए - फोटो : file foto
मुसलमानों के लिए अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ‘अछूत’ नहीं है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र एवं पूर्व छात्र ही नहीं बल्कि अलीगढ़ शहर के कई मुस्लिम युवा एवं बुद्धिजीवी भी आरएसएस के संपर्क में हैं।
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कुछ युवा तो ऐसे भी हैं, जो स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के आरएसएस पदाधिकारियों के सीधे संपर्क में हैं। अलीगढ़ में आरएसएस के नजरियात पर उर्दू में पुस्तक लिखी जा रही है। यहां के युवाओं ने मोहन भागवत के जन्मदिन पर सांप्रदायिकता का अंत नाम से मुहिम भी शुरू की है।
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पिछले दिनों आरएसएस एवं देश भर के मुस्लिम बुद्धिजीवियों की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई थी। इसमें एएमयू के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ. महमूद उर रहमान, पूर्व रजिस्ट्रार कैप्टन (सेवानिवृत्त) शाहरुख शमशाद, पूर्व डीन एवं मुस्लिम लॉ के विशेषज्ञ प्रो. एम शब्बीर, धर्मशास्त्र विभाग के डॉ. जाहिद ए खान, एएमयू कोर्ट मेंबर एवं पूर्व छात्र डॉ. शाहिद अख्तर, एएमयू कोर्ट सदस्य प्रो. एसएन पठान, जफर दारिक समेत अन्य कई हस्तियां शामिल हुईं थीं। इसी प्रकार पिछले महीने आरएसएस द्वारा कश्मीर मसले को लेकर नई दिल्ली में आयोजित बैठक में भी अलीगढ़ के कुछ बुद्धिजीवी शामिल हुए थे।
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रमजान के पवित्र महीने में एएमयू कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह भी नई दिल्ली में आयोजित आरएसएस की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे। फोरम फॉर मुस्लिम स्टडीज के निदेशक डॉ. जसीम मोहम्मद तो ‘आरएसएस की नजरियात : राष्ट्रीय एकता का संदेश’ नाम से उर्दू में पुस्तक भी लिख चुके हैं, जिसके विमोचन की तैयारी चल रही है। इसका उद्देश्य आरएसएस के विचारों को मुसलमानों तक पहुंचाना है।

इस पुस्तक के पहले डॉ. जसीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं और उनमें से एक का तो स्वयं प्रधानमंत्री ने विमोचन किया था। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नाम पर मुस्लिम छात्र-छात्राओं के लिए स्कालरशिप भी शुरू की है, जो प्रक्रिया में है। इस छात्रवृत्ति के लिए 22 हजार मुस्लिम छात्र-छात्राओं ने आवेदन भी किया है।


मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के मो. आमिर रसीद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से आगरा एवं लखनऊ में मिल चुके हैं। वह राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, प्रांतीय पदाधिकारी राजपाल, ब्रज क्षेत्र के प्रदीप, स्थानीय विभाग प्रचारक आनंद, संपर्क प्रमुख जयप्रकाश आदि के संपर्क में हैं और आरएसएस के कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

 
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