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सिविल सर्विसेज में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी नगण्य

Thu, 21 Apr 2016 01:49 AM IST
कौशल कुमार ओझा
कौशल कुमार ओझा Updated Thu, 21 Apr 2016 01:49 AM IST
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Muslim youth participation in civil services negligible
सिविल सर्विसेज
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा के पिछले तीन सालों के परिणामों में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी बेहद कम (मात्र 3.03 से 3.10 प्रतिशत) रही है। इसको लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बेचैनी हैत।
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प्रतिष्ठि प्रतियोगी परीक्षाओं में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी कैसे बढ़े , इसके लिए तालीम के शहर अलीगढ़ में व्यापक स्तर पर मंथन चल रहा है। इसके तहत एएमयू के रेजीडेंसियल कोचिंग एकेडमी ने पिछले साल बिहार के ‘सुपर 30 फॉर आईआईटी’ की तर्ज पर ‘सुपर 50’ का गठन किया है। कैच देम यंग प्रोग्राम के अंतर्गत अक्टूबर 2015 में कई स्तरों पर परीक्षा आयोजित कर ग्रेजुएशन फर्स्ट एवं सेकेंड ईयर के 50 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया।
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स्थानीय एवं बाहर के विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ये दो से तीन साल तैयारी करेंगे। पिछले साल कैनेडी हॉल में सिविल सर्विसेज में सफल एएमयू के छह पूर्व छात्रों को बुलाया गया था। बीच-बीच में सफल छात्रों को भी मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित किया जाता है।
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 दिल्ली एवं अन्य शहरों में संचालित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थानों के नोट्स एवं अन्य पाठ्यसामग्री भी मंगाए जाते हैं ताकि छोटे  शहर में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए प्रसिद्ध शहरों की सुविधाएं यहां के छात्रों  को मिल सके।
सिविल सर्विसेज में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी बेहद कम है। इसमें सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आरसीए का सुपर 50 बना गया है। दो से तीन साल की तैयारी के बाद इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते है। छात्राें को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हं। तैयारी का माहौल, पाठ्यसामग्री एवं कोचिंग की सुविधा के लिए छात्र प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने के बाद दिल्ली जैसे शहरों में चले जाते हैं। यहां तमाम सुविधाएं एवं माहौल बनने पर छात्रों का तैयारी के लिए पलायन रुकेगा।

- डॉ. एम कलीमुद्दीन अहमद, डायरेक्टर आरसीए

पिछले वर्ष भी प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में चयन हुआ था। साक्षात्कार में छट गया। इस बार साक्षात्कार अच्छा गया है। रिजल्ट आने की उम्मीद है। सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए एकेडमिक नहीं,अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल टीचर की जरूरत है, जो कम समय में पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से छात्रों को समझा सकेें । माहौल के अभाव में यहां सफलता हासिल करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। इस वजह से छात्र रिजल्ट ओरिएंटेड सिटी की ओर भागते हैं।
- फरोग हसन, सिविल सर्विसेज के अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहा छात्र
 
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