सपा नेता विकार हत्याकांड: छठवें दोषी मुशीर को उम्रकैद, फरार हो गया था, महाराष्ट्र से हुई थी गिरफ्तारी
12 जुलाई को सभी छह आरोपी दोषी करार दिए गए थे। उसी दिन मुशीर कोर्ट के बाहर से फरार हो गया था। 16 जुलाई को बाकी पांच को सजा सुनाई गई और मुशीर के खिलाफ वारंट जारी किए गए। उसे पुलिस ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ के छर्रा क्षेत्र की राजनीतिक-आपराधिक वर्चस्व की रंजिश के बहुचर्चित सपा नेता विकार हत्याकांड में छठवें दोषी मुशीर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। दोषी करार दिए जाने के दिन फरार हुए मुशीर के खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किए थे। वारंट के आधार पर पुलिस टीम उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लाई थी। मामले में सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह अदालत में उसे पेश किया गया और उम्रकैद के साथ-साथ बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में पांच दोषियों को पहले सजा सुनाई जा चुकी है।
घटना 6 मई 2006 की है। वादी मुकदमा बरला के गांव परौरा निवासी मकदूम के अनुसार शाम करीब पौने पांच बजे वह अपने छोटे भाई सपा नेता व पूर्व सपा विधायक वीरेश यादव के करीबी विकार के साथ कस्बा छर्रा बाजार में काम से आए थे। यहां से वह मो. पठानान से होकर निकल रहे थे, तभी मुशीर व नसीम उन्हें मिले और वह विकार को बातों में लगाकर अपने घर की गली में ले गए। जहां घात लगाए अन्य नामजद मुजाहिद गुड्डू, खालिद, शान मियां, जावेद बैठे थे और इन्होंने एकराय होकर भाई का कत्ल कर दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आधार पर आरोपियों पर दो बार में चार्जशीट दायर की। न्यायालय में लंबे समय तक सत्र परीक्षण चला, जिसमें साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 12 जुलाई को सभी छह आरोपी दोषी करार दिए गए। उसी दिन मोहल्ला पठानान का मुशीर कोर्ट के बाहर से फरार हो गया था। 16 जुलाई को बाकी पांच को सजा सुनाई गई और मुशीर के खिलाफ वारंट जारी किए गए। उसे पुलिस ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था। जेल से बुधवार को मुशीर को तलब किया गया। जहां उसे उम्रकैद व बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
इस घटना में दोषी करार दिए जाने के दिन मुशीर फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। अब कोर्ट में तलब कर उसे भी अन्य पांच दोषियों की तरह उसी सजा से दंडित किया है।-चौ. जितेंद्र सिंह डीजीसी फौजदारी।