बेटे के कातिलों का पता चला साहब: पांच साल से हर माह थाने जाकर पूछ रहा गोपाल, जवाब मिलता है... प्रयास जारी
पिता कहता है कि जब भी बेटे की याद आती है वह कभी सुबह तो कभी शाम को थाने पहुंचकर जानने का प्रयास करता है कि कहीं कोई अपडेट तो नहीं। पिता का कहना है कि उसकी अब कोई इच्छा नहीं, बस बेटे के हत्यारोपियों का नाम मिल जाए।
विस्तार
बेशक पुलिस डोरी नगर के 11 वर्षीय बालक अतुल उर्फ लड्डू की हत्या के मुकदमे को बंद कर अंतिम रिपोर्ट लगा चुकी है। मगर उसके गरीब मजदूर पिता गोपाल को आज भी आस है कि एक न एक दिन बेटे के हत्यारों का सुराग लगेगा। बस वह इसी आस में हर महीने थाने जाता है और पुलिस वालों से एक ही सवाल पूछता है...साहब कुछ पता चला मेरे बेटे के कातिलों का। पुलिस वाले भी हर बार एक ही जवाब दे देते हैं, जांच की जा रही है।
गांधीपार्क के डोरी नगर निवासी गोपाल पेशे से मजदूर है। उसके परिवार में पत्नी मंजू के अलावा तीन बेटियों के बीच इकलौता बेटा अतुल उर्फ लड्डू (11) था। मगर आज से पांच बरस पहले गरीबी में हंसी खुशी कट रहे जीवन को अचानक ग्रहण लगा। 10 सितंबर 2020 की शाम दरवाजे पर खेल रहा बेटा अचानक गायब हो गया। 12 सितंबर को उसका शव क्वार्सी बाईपास पर इंजीनियर कालोनी के सहारे एक खाली प्लाट में मिला। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किया जाना उजागर हुआ था। मगर पुलिस इस हत्या में आज तक कोई साक्ष्य या गवाह नहीं तलाश सकी। सीसीटीवी ने भी कोई मदद नहीं की। इसी के चलते पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी। पुलिस भले ही केस को बंद कर चुकी है लेकिन गोपाल को आज भी उम्मीद है कि पुलिस खुलासा करेगी। पुलिस वाले उसके बेटे के कातिलों को तलाश करने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं।
इस मामले में अंतिम रिपोर्ट दायर करने के बाद थाना प्रभारी को नए सिरे से समीक्षा के लिए कहा गया है। अगर कोई अपडेट मिलेगा तो जरूर उस दिशा में काम किया जाएगा।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
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पांच साल से पुलिस का भी एक ही जवाब...प्रयास जारी हैं
गोपाल कहता है कि जब भी बेटे की याद आती है वह कभी सुबह तो कभी शाम को थाने पहुंचकर जानने का प्रयास करता है कि कहीं कोई अपडेट तो नहीं। गोपाल का कहना है कि उसकी अब कोई इच्छा नहीं, बस बेटे के हत्यारोपियों का नाम मिल जाए। हमारी तो किसी से दुश्मनी भी नहीं। चूंकि गरीब व मजदूर हैं, इसलिए कोई सुनता नहीं। थाने से बस यह कहकर चलता कर दिया जाता है कि प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में वह शनिवार दोपहर में भी खुद थाने पहुंचा। वहां मिले दरोगा से बेटे के विषय में जानकारी की। दरोगा ने उसे वही पुराना जवाब देकर वापस कर दिया कि पत्रावली अदालत भेज दी है। वहां से भी कार्रवाई कराओ। हम अपना काम तो कर ही रहे हैं। यह सुनकर वह वापस चला आया।
ये हुआ घटनाक्रम
- 10 सितंबर 2020 की शाम आठ बजे बालक गायब हुआ
- 11 सितंबर 2020 को परिवार ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी
- 12 सितंबर 2020 की दोपहर बाईपास पर शव मिला था
- 13 सितंबर 2020 को मुकदमा हत्या में तरमीम किया था
- खुलासा करने में फेल पुलिस ने लगा दी अंतिम रिपोर्ट