फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Murder over Joke in Aligarh UP

जवां हत्याकांड में खुलासा, प्रधानी के चुनाव लड़ने के मजाक पर शुरू हुआ था खूनी खेल

Sat, 20 Jul 2019 12:33 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जवां (अलीगढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जवां (अलीगढ़) Published by: Abhishek Singh Updated Sat, 20 Jul 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
Murder over Joke in Aligarh UP
अलीगढ़ के जवां में खून संघर्ष - फोटो : Amar Ujala

अलीगढ़ के जवां में गुरुवार की शाम को हुए खूनी खेल के मूल में सिर्फ एक छोटा सा मजाक सामने आया है। अरुण और उसके दोस्त ने शराब के ठेके पर ग्राम प्रधान वीरेश से अगली बार प्रधानी की चुनाव लड़ने का मजाक कर दिया था। इसी बात को सुनकर वीरेश के साथ ठेके पर शराब पी रहे भोलू ठाकुर और अजीत नाराज हो गए। 

विज्ञापन


उन्होंने ठेके पर ही दोनों के साथ मारपीट कर दी। भद्दी गालियां और जातिसूचक शब्द बोलकर खूब जलील किया। इसके बाद विनोद और अरुण वहां से चले आए। मृतक अरुण का पोस्टमार्टम कराने आए उसके साथी विनोद के मुताबिक उन्हें ठेके पर हुए विवाद के बाद कतई इस बात का आभास नहीं था कि वह इसी बात से नाराज होकर खूनी खेल की साजिश रच लेंगे। विनोद के मुताबिक करीब सात बजे भोलू ठाकुर, अजीत और वीरेश अपने करीब पांच से आठ साथियों के साथ गांव आए और दनादन फायरिंग करना शुरू कर दिया। 
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई गले से गोली पार होने की पुष्टि

दबंगों द्वारा की गई फायरिंग में गोली लगने से मौत के आगोश में समाए अरुण का शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम हुआ। शव का एक्सरे कराया गया। पोस्टमार्टम में अरुण के गले से गोली पार होने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह से ही मृतक के परिजन और ग्रामीण भारी संख्या में पहुंच गए। भीड़ को देख पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। ग्रामीणों के गुस्से को देख तो कई बार वहां हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि ग्रामीणों ने संयम का परिचय दिया और पोस्टमार्टम कराकर शव को गांव भेज दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसपी ने तीन दिन मांगे आरोपियों की गिरफ्तारी को, परिजन एनकाउंटर पर अड़े

मृतक अरुण की मौत से हर ग्रामीण का आंखों में रोष है। गांव के बच्चे-बच्चे की जुबान पर सिर्फ और सिर्फ हत्यारों के एनकाउंटर की मांग है। पोस्टमार्टम होने के बाद शव को तो ग्रामीणों ने गांव भेज दिया। वहीं, खुद एसएसपी आवास पर डट गए। उन्होंने हंगामा-नारेबाजी करते हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए एसएसपी ने ग्रामीणों से तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

इस पर ग्रामीणों ने खुद से एसएसपी को चौथा दिन और दे दिया। मगर, रुंधे गले से परिजनों ने एसएसपी के सामने हाथ जोड़ते हुए गुजारिश की कि आरोपियों के राजनीतिक संरक्षण के चलते उन्हें छोड़ा न जाए। बेटे की मौत का बदला कानून के दर पर आरोपियों से जरूर लिया जाए।

पुलिस के समय से न पहुंचने पर आक्रोशित हुए थे ग्रामीण

जवां नहर पर ग्रामीणों का गुस्सा यू ही नहीं फूटा था। दबंगों की दबंगई और पुलिस की लापरवाही ने ग्रामीणों को उग्र होने पर मजबूर कर दिया था। एसएसपी से शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि दबंगों ने मौत का खेल एक घंटे से अधिक गांव में खेला। इस दौरान कई ग्रामीणों ने 100 नंबर और थाना पुलिस को फोन किया।


इसके बाद भी पुलिस दबंगों की दबोचने के लिए नहीं आई। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि पुलिस उन दबंगों के  आगे इस प्रकार से नतमस्तक है। मृतक अरुण के पिता घूरेलाल ने बताया कि अगर पुलिस समय से आ गई होती तो शायद बेटे की जान न जाती। उसको समय पर उपचार मिल जाता। इससे उसकी जान बच सकती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed