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किसान हत्याकांड: हत्यारोपी घूम रहे खुलेआम, दहशत में पीड़ितों ने छोड़ा गांव

Tue, 18 Feb 2025 01:07 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 18 Feb 2025 01:07 AM IST
सार

गांव बनूपुरा निवासी किसान रामवीर सिंह बघेल की 14 फरवरी देर रात हत्या कर दी गई थी। 15 फरवरी सुबह उनका शव खेतों में पड़ा मिला था। आरोप है कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है, वे खुलेआम घूमकर पूरे परिवार को खत्म कर देने की धमकी दे रहे हैं।

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Murder accused roaming freely, victims left the village in fear
बनूपुरा में करन के घर से लगा ताला - फोटो : संवाद

विस्तार

थाना पालीमुकीमपुर के गांव बनूपुरा में 14 फरवरी  की रात हुई किसान की हत्या के तीन दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है। इधर, आरोपियों की दहशत में किसान का बेटा, अपनी बुआ और भाई के साथ गांव से चला गया है। घर पर ताला लगा है। पीड़ित ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने आरोपियों के खुलेआम घूमने और पुलिस द्वारा मदद नहीं करने की बात कही है। उसने कहा है कि इसी दहशत में वह गांव से पलायन करने को मजबूर हुआ है।

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गांव बनूपुरा निवासी किसान रामवीर सिंह बघेल की 14 फरवरी देर रात हत्या कर दी गई थी। 15 फरवरी सुबह उनका शव खेतों में पड़ा मिला था। इस मामले में रामवीर के बेटे करन ने अपने ताऊ महाराज सिंह, उसके बेटे सत्यप्रकाश, चाचा चंद्रमोहन और गांव के हरी सिंह यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने कहा था कि जमीन के विवाद में उसके पिता की हत्या हुई है। करन ने बताया कि उसके पिता ने थाना, तहसील व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से तमाम शिकायतें कर मदद की गुहार लगाई थी। जिसमें उन्होंने जानमाल का खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।
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करन ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है, वे खुलेआम घूमकर पूरे परिवार को खत्म कर देने की धमकी दे रहे हैं। इस डर के कारण वह अपनी बुआ हरदेवी व छोटे भाई मनोज के साथ गांव छोड़ कर सुरक्षित स्थान पर चला गया है।

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अंतिम संस्कार के बाद की रस्में भी छोड़ दीं

करन ने बताया कि आरोपियों के खुलेआम घूमने से वह इतनी दहशत में हैं कि पिता के अंतिम संस्कार के बाद घर पर होने वाली रस्में भी नहीं निभा पा रहे हैं। पिता की चिता के फूल (अस्थियां) तक लेने नहीं गए। उन्हें त्रयोदशी संस्कार होने तक 13 दिन अपने घर पर बैठना चाहिए, लेकिन वह गांव छोड़कर ही चले गए हैं। आरोपियों की दहशत में रिश्तेदार व मिलने वाले तक शोक संवेदना जताने नहीं आ रहे।

वादी घर से चला गया है, हमने उसे बुलाया है कि वह अपने घर पर रहे पुलिस पूरी मदद करेगी। आरोपी भी फरार हैं पुलिस उनकी गिरफ्तारी में लगातार दबिशें दे रही है। प्रकरण की जांच निष्पक्षता से चल रही है, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद पुलिस करेगी।- महेश कुमार, सीओ छर्रा

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