{"_id":"57e825034f1c1bf80a5742be","slug":"munir-risk-of-escape-of-the-notorious-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को कुख्यात मुनीर के भागने का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को कुख्यात मुनीर के भागने का खतरा
अभिषेक शर्मा
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
मुनीर को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुख्यात शूटर मुनीर के पुलिस अभिरक्षा से भागने का खतरा यूपी पुलिस को सता रहा है। पुलिस को ऐसे इनपुट हैं कि अब उसके पास भागने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं, वरना उसे लंबा समय जेल में बिताना होगा।
कुछ मुकदमे तो ऐेसे भी हैं, जिनमें जेल में रहते ही सजा हो सकती है। इसी अंदेशे से सचेत यूपी पुलिस उसकी निगरानी पर खासा ध्यान दे रही है। अब पेशी व रिमांड के समय काफी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के साथ-साथ वीडियो कैमरा भी उस पर नजर रखता है।
शनिवार को भी उसे कुछ इसी अंदाज में लखनऊ न्यायालय में पेशी पर ले जाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार खुद मुनीर बातचीत में यह कहता है कि उसे अभी और कुछ लोगों की हत्या करनी है। मगर उस पर फिलहाल इतने अपराध दर्ज हो गए हैं कि दस-बारह साल उसे रिहाई की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे में भागने के सिवाय उसके पास दूसरा कोई चारा नहीं है। इसके अलावा अंदेशे पर पर गौर करें तो इधर, यूपी व एनसीआर के गैंगों की नजर भी मुनीर पर है। अंदेशा है कि कहीं कोई गैंग ही उसे भगाने में मददगार न बन जाए।
इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर उसे पेशी पर दो गाड़ियों में स्पेशल सुरक्षा गार्ड में ले जाया जा रहा है। निगरानी में वीडियो कैमराधारी भी रहता है। उसकी पेशी की तारीखों को भी गोपनीय रखा जा रहा है।
विज्ञापन
कुछ मुकदमे तो ऐेसे भी हैं, जिनमें जेल में रहते ही सजा हो सकती है। इसी अंदेशे से सचेत यूपी पुलिस उसकी निगरानी पर खासा ध्यान दे रही है। अब पेशी व रिमांड के समय काफी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के साथ-साथ वीडियो कैमरा भी उस पर नजर रखता है।
विज्ञापन
शनिवार को भी उसे कुछ इसी अंदाज में लखनऊ न्यायालय में पेशी पर ले जाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार खुद मुनीर बातचीत में यह कहता है कि उसे अभी और कुछ लोगों की हत्या करनी है। मगर उस पर फिलहाल इतने अपराध दर्ज हो गए हैं कि दस-बारह साल उसे रिहाई की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे में भागने के सिवाय उसके पास दूसरा कोई चारा नहीं है। इसके अलावा अंदेशे पर पर गौर करें तो इधर, यूपी व एनसीआर के गैंगों की नजर भी मुनीर पर है। अंदेशा है कि कहीं कोई गैंग ही उसे भगाने में मददगार न बन जाए।
इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर उसे पेशी पर दो गाड़ियों में स्पेशल सुरक्षा गार्ड में ले जाया जा रहा है। निगरानी में वीडियो कैमराधारी भी रहता है। उसकी पेशी की तारीखों को भी गोपनीय रखा जा रहा है।