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मुनीर से 7 मुकदमों में पूछताछ को मिले 33 घंटे

Sun, 18 Sep 2016 01:32 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
अमर उजाला/ ब्यूरो Updated Sun, 18 Sep 2016 01:32 AM IST
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Munir received inquiries from 33 hours in 7 cases
मुनीर को पुलिस ने किया गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
आज ही के दिन 18 सितंबर 2015 को सहारनपुर निवासी एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की एएमयू लाइब्रेरी के सामने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की वजह से पर्दा उठाने के लिए रविवार को एक साल बाद मुख्य आरोपी मुनीर से पूछताछ हो पाएगी। इसके लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से सिविल लाइंस पुलिस को मुनीर का 33 घंटे का रिमांड मिल गया है। खास बात है कि सिविल लाइंस पुलिस ने कुल 7 मुकदमों में रिमांड के लिए सात दिन का समय मांगा था। मगर पिस्टल बरामदगी के लिए मात्र आलमगीर हत्याकांड का जिक्र किया था।
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इसके चलते अदालत ने 33 घंटे दिए हैं। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार जिन सात मुकदमों में मुनीर से पूछताछ होनी है, उनमें आलमगीर हत्याकांड के अलावा कारोबारी फहद हत्याकांड, एएमयूकर्मी शनी हत्याकांड के अलावा 2013 में पुरानी चुंगी पर छात्र कदीर पर हमला, सेंटर प्वाइंट पर तल्हा पर हमला, मीनाक्षी पुल पर 31 लाख की लूट के अलावा दो अन्य घटनाएं भी प्रमुख हैं।
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बता दें कि आलमगीर की हत्या क्यों हुई, यह सवाल आज तक अनसुलझा है। कभी पुलिस इसे आशुतोष मिश्रा के झगड़े से जोड़कर देखती है तो कभी एएमयू में आलमगीर ने प्रॉक्टर के करीबी रहते लोगों से किए दुर्व्यवहार से जोड़कर देखती है।
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इधर, मुनीर ने पुलिस बयानों में बताया है कि आलमगीर की हत्या के बाद पिस्टल मैरिस रोड के प्लाजा में छिपाई थी, उसे भी बरामद करना है।
लूट की रकम क्यों नहीं हुई बरामद
मुनीर ने अब तक की पूछताछ में एसटीएफ सहित कई एजेंसियों को अपने वह ठिकाने बताए, जहां उसने लूट से पहले प्लानिंग की। लूट के बाद वह रकम लेकर कहां पहुंचा। उन ठिकानों पर पुलिस आज तक नहीं पहुंची। अब तक रिमांड के दौरान पुलिस ने खानापूर्ति ही की है।

ऐसे में सिविल लाइंस पुलिस 33 घंटे के रिमांड के दौरान क्या उन ठिकानों पर जाएगी। जहां मुनीर रुका और उसने अपने जिन साथियों को रकम रखने के लिए दी। हालांकि उनमें से दो लोग तो अभी जेल में ही हैं। बता दें कि ज्यादातर ठिकाने शहर में ही हैं।
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