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सियासी सरपरस्ती में मुनीर की ‘कंपनी’

Fri, 17 Jun 2016 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 17 Jun 2016 02:07 AM IST
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Munir in political patronage , "company '
अतीउल्ला - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
जेल में निरुद्ध आशुतोष मिश्रा और 2 लाख के इनामी मुनीर मेहताब की किलिंग मशीन ए कंपनी के राइट हैंड शूटर अतीउल्ला उर्फ अती जैक्शन की बातों पर भरोसा करें तो उन्हें अपने शहर में सियासी सरपरस्ती मिली। इसी सियासी सरपरस्ती के दम पर उनका गैंग खड़ा हुआ और एक भूमाफिया ग्रुप के संपर्क में आया। इसके बाद उन्होंने शहर में अनगिनत वारदातों को अंजाम देते हुए खुद की कंपनी का आतंक एएमयू व उसके इर्द-गिर्द कायम किया। यह पूरा ग्रुप एक स्लीपर सेल के रूप में काम करता था। यही वजह रही कि इन अनगिनत वारदातों के मुकदमे दर्ज नहीं हुए। अतीउल्ला से मिलने इनपुट के आधार पर एजेंसियों ने जहां नए सिरे से मुनीर की तलाश तेज कर दी है। वहीं उन स्लीपर सेल की रैकी भी शुरू कर दी है, जो अपने शहर के हैं और इस गैंग के खास कहे जाते हैं।
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एसटीएफ और पूछताछ एजेंसियों से जुड़े सूत्रों व एसटीएफ द्वारा जारी प्रेसनोट पर गौर करें तो 2013 में जब बिजनौर निवासी मंजर के चुनाव कैंपेन में आलमगीर ग्रुप से मुनीर-आशुतोष ग्रुप का झगड़ा हुआ। तभी अपने शहर के एक सियासी रसूखदार युवा से पूरा गैंग जुड़ गया था।
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उस युवा की ऊंची पहुंच के चलते छोटे-मोटे झगड़ों में हम लोग बच जाया करते थे। चूंकि हम अधिकांश लोग बाहरी थे। इसलिए इस सरपरस्ती ने हमें ताकत दी और इसी सियासी रसूखदार की मदद से पूरा गैंग एक भूमाफिया ग्रुप से भी जुड़ गया। वहां से हमें तमाम तरह की मदद मिलीं, जिनके दम पर हमने अपने लिए और उस भूमाफिया ग्रुप के लिए काम किए। फरारी में भी इन लोगों से मदद मिली। इसी फरारी के दौरान फहद की हत्या हुई। बाद में आशुतोष के जेल जाने के बाद आलमगीर को भी मारा गया। आलमगीर की हत्या के बाद दबाव ज्यादा बना तो हम लोग अलीगढ़ छोड़ गए।
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मुलाकात की तारीख पर विरोधाभास
एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक के अनुसार अतीउल्ला ने स्वीकारा है कि नेपाल में फरारी के दौरान मुनीर उससे मिलने पहुंचा। तीन दिन तक उसके पास रुका। मगर वह इस बात पर कन्फ्यूज है कि मुलाकात मार्च के महीने में हुई थी या अप्रैल महीने में। उसने इसका सटीक जवाब नहीं दिया। इसके बाद मुनीर को अतीउल्ला ने फरारी में मदद की और वह वहां से दूसरी जगह चला गया। अब यह कहना मुश्किल है कि मुनीर उससे तंजील अहमद दंपति की हत्या के बाद मिला था या पहले। हालांकि उसकी बातों से झलक रहा है कि वह बरगला रहा है। मगर उससे मिले इनपुट के आधार पर टीमों को फिर से लगाया गया है।


अतीउल्ला ने पूछताछ में अपने व मुनीर के अलीगढ़ कनेक्शन पर काफी कुछ जानकारी दी है, जिसमें भूमाफिया ग्रुप से लेकर एएमयू व उसके बाहर के तमाम आपराधिक व असामाजिक कनेक्शन भी शामिल हैं। इन सभी पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा एक टीम को नेपाल व अन्य ठिकानों पर लगाया गया है।
-अमित पाठक एसएसपी एसटीएफ
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