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झांसी: नगर निगम ने डेढ़ माह में बनाए 761 मृत्यु प्रमाणपत्र, सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 43 मौतें

Tue, 18 May 2021 12:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो आशीष श्रीवास्तव, अमर उजाला, अलीगढ़
आशीष श्रीवास्तव, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 18 May 2021 12:25 AM IST
सार

नगर निगम के मृत्यु प्रमाणपत्र का रिकॉर्ड चौंकाने वाला है। यहां एक अप्रैल से अब तक 761 मृत्यु प्रमाणपत्र बने हैं। इनमें से करीब 150 से ज्यादा कोरोना की दूसरी लहर से पूर्व में मृत लोगों के हैं।

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Municipal corporation created 761 death certificates in one and a half month
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना महामारी जिले में कहर ढा रही है। बेशक सरकारी आंकड़ों में कोरोना की दूसरी लहर में जिले में मात्र 43 मौतें हुई हैं। मगर एक आंकड़ा ऐसा भी है, जो सभी को चौंका रहा है और सवाल खड़े कर रहा है। नगर निगम के इन आंकड़ों पर गौर करें तो मौत की वजह स्पष्ट नहीं, मगर डेढ़ माह में सैकड़ों लोग जान गवां चुके हैं।

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अकेले नुमाइश मैदान स्थित श्मशान स्थल में रोजाना औसतन 5 से 6 शव कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने एक अप्रैल से 16 मई तक 761 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए हैं। इनमें 150 से अधिक प्रमाणपत्र एक अप्रैल से पहले मरने वालों के हैं। जबकि शेष 600 प्रमाणपत्र एक अप्रैल के बाद मरने वालों के हैं, जो कोरोना/संबंधित बीमारियों या फिर अन्य बीमारियों से मृत लोगों के हैं।
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चौंकाने वाला है नगर निगम का रिकॉर्ड
नगर निगम के मृत्यु प्रमाणपत्र का रिकॉर्ड चौंकाने वाला है। यहां एक अप्रैल से अब तक 761 मृत्यु प्रमाणपत्र बने हैं। इनमें से करीब 150 से ज्यादा कोरोना की दूसरी लहर से पूर्व में मृत लोगों के हैं। शेष 600 कोरोना काल में कोरोना सहित अन्य बीमारियों और स्वाभाविक मौत से मरे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल की मानें तो दूसरी लहर में अब तक 43 मौतें हुई हैं। बताते चलें कि पहली लहर में 57 लोग कोरोना का शिकार हुए थे। इस तरह अब तक कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 100 है।
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जोन 1 में हुईं सर्वाधिक मौतें
नगर निगम ने समूचे महानगरीय क्षेत्र को 4 जोन में बांटा है। इनमे जोन 1 सिविल लाइन, जमालपुर आदि क्षेत्र में 255, जोन 2 में 222, जोन 3 में 101 तो जोन 4 में 170 लोग विभिन्न कारणों से काल का ग्रास बने हैं।

मृत्यु प्रमाणपत्र की मारामारी को लेकर नगर आयुक्त को होना पड़ा सक्रिय
मृत्यु प्रमाणपत्र की मारामारी इस कदर रही कि नगर आयुक्त को स्वयं सक्रिय होना पड़ा। यही नहीं, जांच की अनिवार्यता खत्म करनी पड़ी तो हेल्प लाइन नंबर भी जारी करने पड़े। यहां तक कि मॉनीटरिंग व शिकायतों के निस्तारण के लिए एक वरिष्ठ अफसर की तैनाती करनी पड़ी।

ये आंकड़े भी जानें
नुमाइश मैदान स्थित कोविड डेडिकेटेड श्मशान स्थल पर कोविड प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार के लिए जो शव आ रहे हैं, उनके आंकड़ों पर गौर करें तो 14 अप्रैल से 16 मई तक यहां 354 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। 14 अप्रैल को 01, 16 को 06, 17 को 05, 19 को 05, 20 को 03, 21 को 11, 22 को 11, 23 को 10, 24 को 09, 25 को 23, 26 को 22, 27 को 10, 28 को 09, 29 को 18, 30 को 09 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। 01 मई को 21, 02 को 20, 03 को 23, 04 को 22, 05 को 18, 06 को 09, 07 को 15, 08 को 09, 09 को 05, 10 को 16, 11 को 07, 12 को 03, 13 को 08, 14 को 11, 15 को 08 और 16 मई 07 अंतिम संस्कार हुए हैं।


यहां भी हो रहे अंतिम संस्कार
मुस्लिम समुदाय के लोगों के शवों को शाहजमाल, एएमयू कब्रिस्तान में दफन हो रहे हैं, जबकि हिंदुओं के सासनी गेट के हरनारायण, महेंद्र नगर काली दह, चंदनिया, किशनपुर आदि श्मशान स्थलों में भी अंतिम संस्कार हो रहे हैं। इसके अलावा तमाम लोग ऐसे भी हैं, जो शहर में मौत होने पर शवों को अपने गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

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