MSME for Bharat: अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में जुटे उद्यमी, चुनौतियां और अवसर पर हुई चर्चा
MSME For Bharat: मंथन कार्यक्रम में सन 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते औद्योगिक नीतियों और उद्यम के विकास पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसमई क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय रोड मैप और नीतियां तैयार करना था।
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विस्तार
अलीगढ़ के कल्याण सिंह हैबीटेट सेंटर में शनिवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की राह को और बेहतर बनाने के अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने कहा कि अगर एमएसएमई के क्षेत्र में विसंगतियों को दूर कर विभागीय जटिलताओं को आसान कर दिया जाए तो जिले में उद्योगों को और रफ्तार मिलेगी।
आयोजन में हाथरस सांसद अनूप प्रधान, अलीगढ़ महापौर प्रशांत सिंघल, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय देवी, शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्यमियों के सवालों का जवाब दिया। कार्यक्रम की स्टेट पार्टनर उत्तर प्रदेश सरकार रही।
आयोजन में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, लॉक एंड हार्डवेयर एसोसिएशन, औद्योगिक आस्थान निर्माता विकास समिति, उद्योग व्यापार संगठन आईआईए सदस्य विनीत शर्मा, लॉक एंड हार्डवेयर निर्माता एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष दीपक अग्रवाल आदि संस्थाओं की भी भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन अर्चना फौजदार ने किया।
केंद्र और प्रदेश सरकार की सोच उद्योग को आगे बढ़ाने की : अनूप प्रधान
सांसद अनूप प्रधान ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सोच उद्योग व उद्यमियों को आगे बढ़ाने की है। इसी को ध्यान में रखकर नीतियां तय की जा रही हैं। जब वह खैर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे तब पूरे प्रदेश में पांच डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने की शुरुआत हुई। उसमें एक अलीगढ़ में खैर क्षेत्र में भी स्थापित किया गया। यहां पर उद्यमियों को सर्किल रेट से भी कम कीमत में जमीन इसीलिए प्रदान की गई कि यहां पर उद्यम विकसित होने से हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा। इसी दिशा में प्रयास चल रहे हैं। आयोजन में जो भी सुझाव उद्यमियों ने दिए हैं उनको सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उद्यमी सराहना करते हैं : अनिल पाराशर
कोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि उद्यमियों को समस्याएं आ रही हैं हालांकि, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समस्या नहीं बताई गई। यह सरकार की उपलब्धि है। विभागों से संबंधित जो समस्याएं हैं उनको दूर करने के लिए गंभीरता से प्रयास किया जाएगा। उद्यमियों की सरकार से अपेक्षाएं हैं। आज उद्यमी इतने स्वतंत्र रूप से अपनी समस्याओं को मुखर तरीके से सामने रख रहे हैं, यह स्वतंत्र वातावरण भी सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है। सरकार लगातार संंवाद को प्रोत्साहित कर रही है।
देश के पहले लॉक म्यूजियम में स्थापित होगा डिजाइनिंग सिस्टम : प्रशांत सिंघल
महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि अलीगढ़ में बनने जा रहे देश के पहले लॉक म्यूजियम में डिजाइनिंग सिस्टम, ट्रेनिंग और टेस्टिंग सिस्टम को स्थापित किया जाएगा। इससे कारोबार और कारोबारी मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमी न सिर्फ अपने लिए काम करता है बल्कि रोजगार के अवसर प्रदान करता है। साथ ही सरकारों को कर के रूप में अपना सहयोग देता है। इससे राज्य व समाज में विकास कार्य होते हैं। आज के समय में सरकार उद्यम और उद्यमियों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
विभागों को कार्य प्रणाली में करना होगा सुधार
एमएसएमई क्षेत्र समस्याओं से घिरी हुई है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए विभागों को अपने कार्य प्रणाली में सुधार करना चाहिए। व्यापार के जरिए व्यापारी कइयों के घरों को रोशन करता है। अफसरों को व्यापारियों की समस्याओं को दूर करना चाहिए। - गौरव मित्तल, संयुक्त सचिव, लघु उद्योग भारती
जीएसटी के नाम पर व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि व्यापारियों को डबल जीएसटी की समस्या से छुटकारा मिल सके। - आलोक झा, चैप्टर, सेक्रेटरी, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, अलीगढ़
एक कारोबारी को 32 विभागों से होकर गुजरना पड़ता है। आए दिन बिजली की फेक बिलिंग की समस्या आती है। इसे समय से दूर नहीं किया जाता है। माइक्रो इंडस्ट्री को नजर अंदाज किया जाता है। जबकि उत्पादन में इनकी बड़ी भूमिका है। - मनीष बंसल, डिविजनल चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
नक्शा पास कराने के से लेकर प्रदूषण, बिजली और अन्य विभागों से होकर व्यापारी को गुजरना पड़ता है। इन विभाग के अधिकारी सरलता से व्यापारी की समस्याओं को दूर करने के बजाए उसे और भी कठिन बना देते हैं।- तरुण सक्सेना, कार्यकारिणी सदस्य, ब्रज प्रांत, लघु उद्योग भारती
शहर के विभिन्न मोहल्लों में घर-घर लघु उद्योग है। ऐसे में यहां बिजली की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। बिजली की बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से लघु उद्याेगों को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। - नीरज अग्रवाल, डिविजनल अध्यक्ष, सदस्य यूपी सरकार, लघु उद्योग भारती
इन बिंदुओं पर हुआ विचार विमर्श
- उद्यमियों की कड़ी मेहनत से विकसित किए गए उद्यम और उसकी लीज संपत्ति को जब अगली पीढ़ी को सौंपने की बात आती है तो उस पर स्टांप की दर बहुत ही अधिक है, जबकि उद्यमी की मृत्यु के बाद स्थानांतरण यूहीं हो जाता है। बेहतर हो कि विवाद कम हों इसके लिए उद्यम स्थानांतरण के नियम लचीले हों।
- भारतीय मानक ब्यूरो के नियम 1975 के हैं। अब 50 साल बाद उनकी प्रासंगिकता नहीं है। एक उद्यमी अपने उत्पाद के अगर 30 डिजाइन बना रहा है तो 30 डिजाइनों के लिए मानक स्वीकृत करना होगा। इसमें बदलाव होना चाहिए
- जो उद्यमी पहले से ही आर्थिक बोझ के तले दबा हो और उसकी हालत आर्थिक रूप से कमजोर हो चुकी हो, उस पर जीएसटी के प्रावधानों के तहत कुर्की और वसूली जैसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसमें संशोधन हो।
- बिजली के लिए शट डाउन लेने पर पूर्व में तय हो कि यहां पर बिजली नहीं रेहगी। घोषित क्षेत्र से ज्यादा क्षेत्र में कटौती होती है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। शिकायत पर प्रतिक्रिया समय भी कम होना चाहिए।
- लोड चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न बंद किया जाना चाहिए। बिलिंग की प्रक्रिया भी नियमित और गलत बिल भेजने पर कर्मचारियों की जवाब देही तय हो।
औद्योगिक आस्थानों में जल्द हो पीएनजी की आपूर्ति : नगर अयुक्त
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर विकल्प देने के लिए जल्द ही औद्योगिक आस्थानों में पीएनजी आपूर्ति की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सभी सड़कों की साइड में अदाणी ग्रुप की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद उद्यमियों की डीजल के जेनसेट पर निर्भरता खत्म होगी। इसका बड़ा फायदा पर्यावरण को भी मिलेगा। इसके अलावा नगर निगम की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई आदि की व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने के लिए लगातार काम चल रहा है। जल्द ही बदलाव भी दिखाई देने लगेगा।
जीएसटी में सरकार के बनाए नियमों का ही पालन होता है
जीएसटी विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-1 एस चंद्रा ने कहा कि हम व्यापारियों की समस्याओं के निदान के लिए तैयार हैं लेकिन हम भी नियम और कायदे में बंधे हुए है। किसी भी कार्य के लिए नियम और मानक है। हम उनसे ऊपर उठ कर कार्य नहीं कर सकते हैं। व्यापारियों की समस्याओं को नोट कर लिया गया है। सरकार व्यापारियों का हित देखते हुए कार्य कर रही है। हम सरकार के बनाए हुए नियमों का ही पालन कराते हैं। अगर इनका पालन नहीं कराएं तो दोषी माने जाएंगे। ऐसे में शोषण को सवाल ही नहीं उठता है।
मरम्मत और फॉल्ट की वजह से होती है कटौती : मुख्य अभियंता
बिजली विभाग के मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल ने कहा कि बिजनेस प्लान के तहत शहर में तेजी से जर्जर खंभे, तार और ट्रांसफॉर्मर बदलने का कार्य किया जा रहा है। शहर में उपभोक्ताओं के साथ हर माह लोड बढ़ रहा है। इससे बिजली घर और लाइन पर दबाव पड़ता है। फिर भी शहर में 24 घंटे बिजली दी जाती है। मरम्मत और लाइन में फाल्ट के कारण की बिजली की कटौती की जाती है। इंडस्ट्रियल क्षेत्र में कारोबारी व व्यापारियों से सलाह लेने के बाद ही बिजली की कटौती की जाती है। जर्जर सामानों को बदल दिया जाता है। 11 हजार लाइन के 120 खंभों की डिमांड भेजी गई है।
आवेदन के समय कभी-कभी रह जाती है खामी : एडीए
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की सचिव दीपाली भार्गव ने कहा कि औद्योगिक साइटों में इंडस्ट्री निर्माण के संबंध में जो भी नक्शे आवेदन किए जाते हैं उनमें आवेदन के समय त्रुटिवश कभी-कभी औद्योगिक की जगह आवासीय श्रेणी में सही का निशान लगा दिया जाता है। इसके चलते आवेदन की प्रक्रिया में रुकावट आ जाती है। आवेदक को लगता है कि विभाग की ओर से आवेदन को लंबित रखा जा रहा है, लेकिन वास्तविकता में यह स्थापित प्रक्रिया में औपचारिकता पूरी नहीं होने के चलते होने वाला विलंब है। ऐसी समस्याओं में आवेदक विभाग में सीधे आकर अपनी बात रख सकते हैं।
बोले उद्यमी
कारोबार से सिर्फ व्यापारी की उन्नति नहीं बल्कि जिले से लेकर प्रदेश और देश की भी उन्नति होती है। ऐसे में नियमों में जितना सरलीकरण होगा कारोबार व व्यापार उन्नति करेगा। - पवन खंडेलवाल, अध्यक्ष, लॉक एंड हार्डवेयर एसोसिएशन
कारोबार के लिए कई विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। इसके लिए कारोबारियों को विभागों की परिक्रमा करनी पड़ती है। कर्मचारी से लेकर अधिकारी इस छोटे कार्य के लिए परेशान करते हैं।- विक्रांत गर्ग, उपाध्यक्ष, लॉक एंड हार्डवेयर एसोसिएशन
राज्य कर विभाग धारा-79 के तहत वसूली और सर्वे के नाम पर व्यापारियों को परेशान कर रहा है। विभाग व्यापारियों को ईमेल से नोटिस भेजता है। कई व्यापारी समय पर नोटिस नहीं देख पाते हैं। इसके बाद उनके बैंक खाते सीज कर दी जाती है। - नरेंद्र पचौरी, उद्यमी
जलापूर्ति की बड़ी समस्या है। समय से पानी का न आना लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनता है। इस समस्या से हर दिन शहरवासी जूझते हैं। ऐसे में इस समस्या का स्थाई निदान होना चाहिए।- नन्नू सिंह, उद्यमी
इंडस्ट्रियल क्षेत्र में जलकल की लाइन बिछाई जाए। यही नहीं इंडस्ट्री के लिए पीएनजी पाइप लाइन भी बिछाई जाए ताकि कारोबारियों को सस्ती और सरलता से पीएनजी उपलब्ध हो सके। - दिनेश शास्त्री, महामंत्री, औद्योगिक आस्थान निर्माता विकास समिति
व्यापार के लिए बिजली सबसे आवश्यक है लेकिन यहां बिजली की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। पला रोड और गूलर रोड क्षेत्र में समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।- अजय लिथो, उद्यमी
महेंद्र नगर में करीब 12 खंभे जलभराव के कारण नीचे से गल गए है। इसके लिए कई बार बिजली अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन इसे नहीं बदला जा रहा है। - अनुराग गुप्ता, मंडल प्रभारी, उद्योग व्यापार संगठन
बिजली की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। अक्सर सुबह के समय मरम्मत के नाम पर बिजली गुल दी जाती है। जबकि पानी आदि की सुविधा के लिए सुबह बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। - अमित गोस्वामी, भाजपा नेता
जीएसटी लागू होने के आठ साल बाद भी व्यापारियों के लिए यह सुविधा सुलभ नहीं हो सकी है। जिले के व्यापारी डबल जीएसटी जमा करने के लिए मजबूर हैं।- राहुल सारस्वत, उद्यमी
विभाग को फर्जीवाड़ा कर जीएसटी जमा न करने वाली कंपनियों और फर्मों का नाम पोर्टल पर जारी करना चाहिए, ताकि व्यापारी उनसे सामान न खरीदें। - अमर दीप सिंह, उद्यमी