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एएमयू के प्रो. शाफे किदवई को साहित्य अकेडमी अवार्ड
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एएमयू के एमआईसी और जनसंचार विभाग के प्रमुख प्रो. शाफे किदवई को इस वर्ष उर्दू में साहित्य एकेडमी अवार्ड मिला है। यह अवार्ड उन्हें सन 2017 में सर सैयद के जीवन पर आधारित उनकी किताब ‘सवाने सर सैयद’ के लिए दिया गया है।
प्रो. किदवई मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं और पिछले तीन दशकों से जनसंचार का अध्यापन कर रहे हैं। प्रो. किदवई ने बताया कि अंग्रेजी में यह अवार्ड शशि थरूर को और हिंदी में नंद किशोर आचार्य को दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह अब तक 12 पुस्तकें उर्दू और अंग्रेजी में लिख चुके हैं।
उन्हें प्रतिष्ठित इकबाल सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उनकी किताब सवाने सर सैयद को ब्राउनी पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। 250 पेज की इस किताब में सर सैयद के जीवन से जुड़ी अब तक आई किताबों में जो खामियां रह गई हैं इसमें उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया है।
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साहित्य एकेडमी भारत की 24 भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों को अवार्ड देती है। इसमें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने का प्रावधान है।
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प्रो. किदवई मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं और पिछले तीन दशकों से जनसंचार का अध्यापन कर रहे हैं। प्रो. किदवई ने बताया कि अंग्रेजी में यह अवार्ड शशि थरूर को और हिंदी में नंद किशोर आचार्य को दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह अब तक 12 पुस्तकें उर्दू और अंग्रेजी में लिख चुके हैं।
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उन्हें प्रतिष्ठित इकबाल सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उनकी किताब सवाने सर सैयद को ब्राउनी पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। 250 पेज की इस किताब में सर सैयद के जीवन से जुड़ी अब तक आई किताबों में जो खामियां रह गई हैं इसमें उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया है।
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