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सुबह, दोपहर, शाम... शहर में लगा रहता है जाम

Sun, 20 Feb 2022 01:23 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अभिषेक तायल, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अभिषेक तायल, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 20 Feb 2022 01:23 AM IST
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Morning, afternoon, evening... the city is jammed
गांधी पार्क चौराहे पर लगा जाम। - फोटो : neeraj
करीब 10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। विकास के साथ-साथ शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है, वाहनों की तादाद भी बढ़ रही है मगर वाहनों के लिए सड़कों पर जगह कम पड़ती जा रही है। शहर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण फुटपाथ पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। फुटपाथ पर ठेल-ढकेल लगने व अतिक्रमण ने समस्या को और बढ़ा दिया है। इसके चलते प्रमुख चौराहों व सड़कों पर सुबह, दोपहर, शाम तक जाम जैसे हालात रहते हैं। चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें भी लगाई गई थीं ताकि यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके। मगर वह भी बेअसर हो रही हैं। जाम के कारण शहरवासी परेशान हो रहे हैं। 
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शहर में जाम से हर कोई परेशान है। ट्रैफिक पुलिस ने इस समस्या से निजात दिलाने को कई बार योजना तैयार की, लेकिन वह नाकाफी साबित हुईं। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले रामघाट रोड पर मीनाक्षी पुल के बाद सड़क के दोनों ओर ठेल, ढकेल वालों का कब्जा रहता है। रोड पहले से ही संकरी है। सड़क किनारे चार पहिया वाहन खड़े कर देने से समस्या शुरू हो जाती है। गांधी आई अस्पताल से किशनपुर तिराहा और केलानगर चौराहे तक सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े दो पहिया वाहनों की लाइन लोगों की परेशानी और बढ़ा देती है। 
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शहर के व्यस्ततम बाजार महावीरगंज, कनवरीगंज, रेलवे रोड, मामू भांजा, सराय हकीम, मीरीमल की प्याऊ, अब्दुल करीम चौराहा, ऊपरकोट, देहली गेट, खैर रोड, तांगा स्टैंड आदि जगहों पर दिनभर जाम लगा रहता है। इसका मुख्य कारण है, दुकानों का अपने दायरे से 5 से 10 फुट बाहर होना। वहीं, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम को कई जगहों पर वेंडिंग जोन बनाने थे। लेकिन अभी तक एक भी वेंडिंग जोन नहीं बना है। ई-रिक्शा और ऑटो भी शहर में जाम की समस्या को बढ़ा रहे हैं।  
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रोडवेज बस अड्डों के बाहर खड़ी हो जाती हैं बसें
गांधी पार्क, सूतमिल स्थित सैटेलाइट बस अड्डा, मसूदाबाद बस अड्डा के बाहर ही रोडवेज बसें खड़ी रहती हैं। जिससे जाम लगता है। बस अड्डों के आसपास ई-रिक्शा और ऑटो की कतार रहती है। उस पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण भी जाम को बढ़ावा देता है। नियमानुसार बाहर से आने वाली रोडवेज बसें बस अड्डे से सौ मीटर की दूरी पर खड़ी होंगी और सवारियों को वहीं उतारेंगी। लेकिन नियमों का कागजों पर ही पालन हो रहा है। 




इंटेलीजेंस ट्रैफिक सिस्टम भी नहीं सुधार पा रहा व्यवस्था
स्मार्ट सिटी के तहत इंटेलीजेंस ट्रैफिक सिस्टम शहर में लागू किया गया था। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से पूरे शहर के यातायात पर नजर रखी जाती है। पहले नगर निगम इस कार्य को देख रहा था। लेकिन अब इसे ट्रैफिक पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इस सिस्टम के तहत आपातकाल की स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया है। इसका काम है किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों को तत्काल खाली रास्ता मुहैया कराना है। लेकिन जाम में अक्सर एंबुलेंस फंसी रहती हैं। 



स्कूलों की छुट्टी के वक्त लगता है जाम 
शहर के स्कूलों की छुट्टी के समय लंबा जाम लग जाता है। दरअसल रामघाट रोड स्थित कुछ स्कूलों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। स्कूलों के बाहर ही अभिभावक व स्कूली बस खड़ी हो जाती हैं। आसपास ठेल, ढकेल का अतिक्रमण भी रहता है। इससे जाम की समस्या पैदा होती है। 


ये हैं जाम के मुख्य कारण
- शहर में अव्यवस्थित तरीके से चलने वाले ई-रिक्शा व ऑटो। 
- ट्रैफिक लाइटों में समय गड़बड़ होना। 
- कई जगहों पर रेड लाइट का न दिखना। 
- प्रमुख चौराहों पर सड़क किनारे वाहनों का खड़ा होना।
- शहर में विचरण करने वाले आवारा पशु। 
- ट्रैफिक लाइट के 100 मीटर के दायरे में बड़े वाहनों का खड़ा होना। 
- नो एंट्री होने के बाद भी शहर में भारी वाहनों का प्रवेश होना। 
- व्यस्त बाजारों में वाहनों के लोडिंग-अनलोडिंग का समय तय न होना। 
- स्कूलों के बाहर अभिभावकों व स्कूली बसों का घंटों बाहर खड़े रहना। 
- ट्रैफिक लाइट के पास बनी स्टॉप लाइन न दिखना। 
- दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान फैलाना। 
- सहालग के समय बाहरी वाहनों का शहर में आना। 
- शहर के आसपास के जिलों के कामर्शियल वाहनों का शहर में प्रवेश

ये है स्थिति 
शहर में 24 मुख्य चौराहे, 115 ट्रैफिक पुलिस कर्मियों में एक एसपी, एक सीओ, 2 टीआई, 16 सब इंस्पेक्टर, 12 दीवान, 40 होमगार्ड, 43 ट्रैफिक लाइट।




शहर में जाम की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। एक दो दिन में नगर निगम अधिकारियों से मिलकर इस पर चर्चा की जाएगी। व्यापारियों से आग्रह है कि अपने प्रतिष्ठानों के आगे अतिक्रमण न करें। इससे जाम लगता है। 
भूपेंद्र वार्ष्णेय, जिला अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। 



बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे ई-रिक्शा व ऑटो जाम को बढ़ावा देते हैं। ट्रैफिक लाइट में हरी बत्ती का समय 20 सेकंड है, जो कम है। मुख्य चौराहों पर भारी वाहनों का खड़ा होना भी गलत है। कई जगहों पर ट्रैफिक लाइट दिखती नहीं है।
अरुण श्रीवास्तव, एडवाइजर, इंडियन एलायंस ऑफ एनजीओ फॉर रोड सेफ्टी।



सुबह ऑफिस के टाइम पर इतना जाम रहता है कि देरी हो जाती है। पूरे दिन की कार्यशैली बदल जाती है। रामघाट रोड पर जब भी निकलो जाम ही मिलता है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को कुछ करना चाहिए, जिससे जाम की समस्या कम हो।
प्रियंका गोयल, रामघाट रोड



पूरे शहर में सुबह से लेकर शाम तक जाम लगा रहता है। रेलवे स्टेशन पर ई-रिक्शा वाले जाम लगा देते हैं। आमिर निशा में भी यही हाल है। कई बार तो घंटों का जाम लग जाता है। ऐसे में समझ नहीं आता कि अलीगढ़ कैसे स्मार्ट बनेगा।
नवेद खान, आमिर निशा



रेलवे रोड, महावीर गंज, बारहद्वारी बाजार में दिन भर जाम रहता है। यहां कोई ट्रैफिक नियम नहीं है। स्कूल की छुट्टी के वक्त घंटों जाम लग जाता है। किसी अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है। शहर के बाजारों में पार्किंग न होना मुख्य समस्या है।
चिराग वार्ष्णेय, रेलवे रोड


ये हैं शहर के प्रमुख बाजार 
महावीरगंज, कनवरीगंज, बारहद्वारी, सराय हकीम, रसलगंज, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, मेरिस रोड, आमिर निशा, दोदपुर, किशनपुर तिराहा, केलानगर चौराहा, मामू भांजा, रेलवे रोड, गांधी पार्क, शाहकमाल रोड, देहली गेट, शाहजमाल, खैर रोड, गूलर रोड, गुडिया बाग, रघुवीर पुरी आदि।  



- शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अब स्कूल खुलने के बाद कुछ समस्या सामने आ रही है। जिस पर होमवर्क किया जा रहा है। कुछ जगहों पर नगर निगम के काम जारी होने की वजह से भी समस्या हो रही है। शहर में घूमकर प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। जल्द समस्या दूर करने पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। जहां जरूरत महसूस हो रही है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा 
- मुकेश कुमार उत्तम, एसपी ट्रैफिक
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