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अलीगढ़ः 800 से अधिक मरीज रोते-बिखलते चले गए वापस
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में हंगामा एवं मारपीट के बाद उपचार कराने पहुंचे 800 से अधिक मरीज दर्द से कराहते हुए वापस चले गए। इमरजेंसी, ओपीडी से लेकर कोविड जांच एवं टीकाकरण केंद्र तक बंद हो गए थे।
शुक्रवार को महिला की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ।
पिटाई से गुस्साए अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल शुरू होने के पहले तक 401 मरीज देखे गए थे। जबकि बुखार एवं डेंगू के मौजूदा दौर में अस्पताल में प्रत्येक दिन 1200 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। हड़ताल शुरू होने के बाद इमरजेंसी, ओपीडी, पैथोलॉजी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, आरटीपीसीआर जांच, कोविड टीकाकरण केंद्र सहित तमाम सेवाएं बंद हो गई। अस्पताल में दर्द से मरीज कराहते रहे। छोटे-छोटे बच्चे उपचार के लिए तड़पते रहे। उनकी कोई सुनने वाला नहीं था। अस्पताल में भर्ती मरीज एवं तीमारदारों के चेहरे पर खौफ झलक रहा था। हर तरफ से एक ही सवाल उठ रहा था कि आखिर इन बेकसूर मरीजों का क्या दोष है। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर कहते हैं कि यह सही है कि करीब तीन घंटे तक मरीजों को भारी परेशानी हुई। न चाहते हुए भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मारपीट के बाद आक्रोशित डॉक्टर एवं स्टाफ डर से हड़ताल पर चले गए। उनका कहना था कि जब तक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होगी, वह काम नहीं करेंगे। काफी समझाने के बाद वह काम पर लौटे।
ऑक्सीजन प्लांट से हटाकर अस्पताल में होमगार्ड तैनात
अलीगढ़। दीनदयाल अस्पताल में पुलिस प्रशासन द्वारा 14 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। हालांकि उनमें से अधिकतर की ड्यूटी ऑक्सीजन प्लांट के पास लगाई गई है। घटना के वक्त इमरजेंसी के पास दो होमगार्ड की ड्यूटी थी। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि अब होमगार्डों की ऑक्सीजन प्लांट से हटाकर इमरजेंसी एवं वार्ड में ड्यूटी लगा दी गई है।
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अस्पताल में सिर्फ 18 एलोपैथिक डॉक्टर
अलीगढ़। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एलोपैथिक चिकित्सकों की संख्या बहुत कम है। इसकी वजह से भी यहां उपचार में दिक्कत होती है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सभी पैथी मिलाकर अस्पताल में 42 डॉक्टर हैं, जिसमें मात्र 18 एलोपैथी के हैं। अस्पताल में नियमित एवं संविदा मिलाकर 60 स्टाफ नर्स, 29 वार्ड बॉय एवं वार्ड आया और 31 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि वर्तमान समय में 300 से अधिक मरीज वार्ड में भर्ती हैं।
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शुक्रवार को महिला की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ।
पिटाई से गुस्साए अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल शुरू होने के पहले तक 401 मरीज देखे गए थे। जबकि बुखार एवं डेंगू के मौजूदा दौर में अस्पताल में प्रत्येक दिन 1200 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। हड़ताल शुरू होने के बाद इमरजेंसी, ओपीडी, पैथोलॉजी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, आरटीपीसीआर जांच, कोविड टीकाकरण केंद्र सहित तमाम सेवाएं बंद हो गई। अस्पताल में दर्द से मरीज कराहते रहे। छोटे-छोटे बच्चे उपचार के लिए तड़पते रहे। उनकी कोई सुनने वाला नहीं था। अस्पताल में भर्ती मरीज एवं तीमारदारों के चेहरे पर खौफ झलक रहा था। हर तरफ से एक ही सवाल उठ रहा था कि आखिर इन बेकसूर मरीजों का क्या दोष है। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर कहते हैं कि यह सही है कि करीब तीन घंटे तक मरीजों को भारी परेशानी हुई। न चाहते हुए भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मारपीट के बाद आक्रोशित डॉक्टर एवं स्टाफ डर से हड़ताल पर चले गए। उनका कहना था कि जब तक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होगी, वह काम नहीं करेंगे। काफी समझाने के बाद वह काम पर लौटे।
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ऑक्सीजन प्लांट से हटाकर अस्पताल में होमगार्ड तैनात
अलीगढ़। दीनदयाल अस्पताल में पुलिस प्रशासन द्वारा 14 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। हालांकि उनमें से अधिकतर की ड्यूटी ऑक्सीजन प्लांट के पास लगाई गई है। घटना के वक्त इमरजेंसी के पास दो होमगार्ड की ड्यूटी थी। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि अब होमगार्डों की ऑक्सीजन प्लांट से हटाकर इमरजेंसी एवं वार्ड में ड्यूटी लगा दी गई है।
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अस्पताल में सिर्फ 18 एलोपैथिक डॉक्टर
अलीगढ़। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एलोपैथिक चिकित्सकों की संख्या बहुत कम है। इसकी वजह से भी यहां उपचार में दिक्कत होती है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सभी पैथी मिलाकर अस्पताल में 42 डॉक्टर हैं, जिसमें मात्र 18 एलोपैथी के हैं। अस्पताल में नियमित एवं संविदा मिलाकर 60 स्टाफ नर्स, 29 वार्ड बॉय एवं वार्ड आया और 31 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि वर्तमान समय में 300 से अधिक मरीज वार्ड में भर्ती हैं।