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आईपीएल सट्टे के और भी बुकी रडार पर, हड़कंप
Wed, 07 Oct 2020 12:45 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 07 Oct 2020 12:45 AM IST
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क्वार्सी इलाके के स्वर्ण जयंती नगर में सोमवार देर रात आईपीएल सट्टे का बुकी केंद्र पकड़े जाने के बाद शहर भर में चल रहे बुकी रडार पर आ गए हैं। इसके बाद से इस कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है। खुद इन तीनों के द्वारा आधा दर्जन प्रमुख नाम बताए गए हैं, जो इस कारोबार में संलिप्त हैं। पुलिस की एक टीम लगातार उनकी निगरानी में लगी है और कुछ के ठिकानों पर रात में ही दबिश भी दी गई। मगर, वे अपने ठिकानों से गायब मिले। संकेत हैं कि जल्द ही पुलिस इस रैकेट में और भी कुछ बड़े खुलासे कर सकती है। इधर तमाम भाजपा नेता और रसूखदार लोग इन आरोपियों की सिफारिश में पुलिस लेकर कचहरी तक चक्कर काटते दिखे।
क्वार्सी इंस्पेक्टर छोटेलाल के अनुसार तीनों से पूछताछ में सात नाम सामने आए हैं जो शहर में इस कारोबार के बड़ी मछली हैं। उनमें से कुछ लोगों के घरों पर रात में ही दबिश भी दी गई थी। मगर वे नहीं मिले। पुलिस जांच व पूछताछ में सामने आया है कि शहर के सासनी गेट जयगंज, स्वर्ण जयंती नगर, किशनपुर, मैरिस रोड, नौरंगाबाद, सुरेंद्र नगर में कुछ ठिकानों पर भी यह कारोबार चल रहा है। वहां मुखबिरी लगा दी गई है। संभावित ठिकाने तलाशे जा रहे हैं। वहां आने जाने वालों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। जल्द ही और भी खुलासे किए जाएंगे।
सत्ता व बड़े घरानों से जुड़े हैं जेल गए और फरार बुकी
पुलिस जांच में इस कारोबार में कुछ बड़े घरानों से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। सोमवार को जो तीन लोग पकड़े गए हैं। उनमें से दो नाम तो ऐसे हैं जो खासा रसूख रखते हैं। इनमें से सुरेंद्र नगर निवासी ईशान याज्ञनिक के पिता विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं, जबकि चिराग के फोटो खुद भाजपा के बैनरों पर लगे दिखाई देते हैं और वे व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़े हैं। इसी तरह जो बुकी फरार हैं, उनमें भी कुछ बड़े व रसूखदार नाम सामने आए हैं।
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एक-एक रुपये का लेनदेन ऑनलाइन
इस कारोबार में एक एक रुपये का लेनदेन ऑनलाइन होता है। यह कारोबार इस तरह चलता है कि बुकी अपने एजेंटों के जरिये ग्राहक तलाशता है। ग्राहक को एडवांस में अपनी लिमिट खुलवाने के लिए बुकी के पास एकाउंट में रुपये जमा कराने होते हैं। एक दिन में ग्राहक अपनी लिमिट से ज्यादा दांव नहीं लगा सकता। हार जीत पर रुपये का आदान प्रदान भी ऑनलाइन होता है। वहीं, ग्राहक लाने वाले एजेंट को भी हार जीत की रकम का दो प्रतिशत मिलता है।
जेल भेजे गए तीनों, जमानत खारिज
इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार पकड़े गए चिराग, ईशान व नीरज को गैंबलिंग एक्ट व आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं इनके स्तर से जमानत अर्जी भी दायर की गई, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।
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क्वार्सी इंस्पेक्टर छोटेलाल के अनुसार तीनों से पूछताछ में सात नाम सामने आए हैं जो शहर में इस कारोबार के बड़ी मछली हैं। उनमें से कुछ लोगों के घरों पर रात में ही दबिश भी दी गई थी। मगर वे नहीं मिले। पुलिस जांच व पूछताछ में सामने आया है कि शहर के सासनी गेट जयगंज, स्वर्ण जयंती नगर, किशनपुर, मैरिस रोड, नौरंगाबाद, सुरेंद्र नगर में कुछ ठिकानों पर भी यह कारोबार चल रहा है। वहां मुखबिरी लगा दी गई है। संभावित ठिकाने तलाशे जा रहे हैं। वहां आने जाने वालों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। जल्द ही और भी खुलासे किए जाएंगे।
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सत्ता व बड़े घरानों से जुड़े हैं जेल गए और फरार बुकी
पुलिस जांच में इस कारोबार में कुछ बड़े घरानों से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। सोमवार को जो तीन लोग पकड़े गए हैं। उनमें से दो नाम तो ऐसे हैं जो खासा रसूख रखते हैं। इनमें से सुरेंद्र नगर निवासी ईशान याज्ञनिक के पिता विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं, जबकि चिराग के फोटो खुद भाजपा के बैनरों पर लगे दिखाई देते हैं और वे व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़े हैं। इसी तरह जो बुकी फरार हैं, उनमें भी कुछ बड़े व रसूखदार नाम सामने आए हैं।
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एक-एक रुपये का लेनदेन ऑनलाइन
इस कारोबार में एक एक रुपये का लेनदेन ऑनलाइन होता है। यह कारोबार इस तरह चलता है कि बुकी अपने एजेंटों के जरिये ग्राहक तलाशता है। ग्राहक को एडवांस में अपनी लिमिट खुलवाने के लिए बुकी के पास एकाउंट में रुपये जमा कराने होते हैं। एक दिन में ग्राहक अपनी लिमिट से ज्यादा दांव नहीं लगा सकता। हार जीत पर रुपये का आदान प्रदान भी ऑनलाइन होता है। वहीं, ग्राहक लाने वाले एजेंट को भी हार जीत की रकम का दो प्रतिशत मिलता है।
जेल भेजे गए तीनों, जमानत खारिज
इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार पकड़े गए चिराग, ईशान व नीरज को गैंबलिंग एक्ट व आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं इनके स्तर से जमानत अर्जी भी दायर की गई, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।