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मोदी को नहीं करना चाहिए म्यांमार का सपोर्ट : प्रो. हबीब

Sat, 09 Sep 2017 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 09 Sep 2017 01:06 AM IST
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Modi should not support Myanmar: Prof. Habib
प्रो. इरफान हबीब - फोटो : Amar Ujala
रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रही ज्यादती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी एवं वहां की सरकार को सपोर्ट करने से प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब सहमत नहीं हैं।  
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अमर उजाला से बातचीत में प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि पूरी दुनिया में इस घटना की निंदा हो रही है।

वहीं प्रधानमंत्री म्यांमार सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं। प्रो. हबीब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मौलाना आजाद लाइब्रेरी में स्थित दलाई लामा हॉल का नाम रोहिंग्या मुसलमान सेक्शन करने की मांग से भी सहमत नहीं है। उनका कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में दलाई लामा को घसीटना उचित नहीं है।
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दलाई लामा ने अपील की थी कि रोहिंग्या मुसलमानों की रक्षा की जाए। जहां तक याद है म्यांमार में जो कुछ भी चल रहा है, उसके विरुद्ध दलाई लामा ने बयान भी दिया था। रोहिंग्या में हिंदू एवं मुस्लिम दोनो हैं। बुद्धिस्ट कुछ भी करें, इसके लिए दलाई लामा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
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दलाई लामा बौद्ध धर्म के महायान शाखा के हैं, जबकि विरोध करने वाले बौद्ध धर्म के थेरवाद से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हो रहे बर्बर व्यवहार के लिए एएमयू छात्र वहां के बुद्धिस्टों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बुद्धिस्टों से नाराज छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी स्थित दलाई लामा हॉल का नाम बदलकर रोहिंग्या मुसलमान सेक्शन करने की मांग कर चुके हैं।

 
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