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Aligarh News: आधुनिक खेती से सुधरेगी किसानों की हालत

Thu, 03 Apr 2025 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:54 AM IST
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Modern farming will improve the condition of farmers
गेहूं एवं सरसों की फसल कटाई के बाद खाली खेतों में खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी का समय होता है। इसलिए किसानों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
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जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि वैसे तो ढेंचा की खेती को कभी भी किया जा सकता है, लेकिन इन दिनों खाली पड़े खेतों में इसकी बोवाई की जा सकती है। पहले खेत को अच्छे से जोत लें। कम से कम 45 दिन में चार-पांच सिंचाई कर ढेंचा की फसल तैयार की जा सकती है। इसके बाद धान की फसल की रोपाई की जा सकती है। धान की नर्सरी तैयार करने का उचित समय 10 से 30 मई के मध्य है। नर्सरी तैयारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के हिसाब से आधुनिक किस्मों का चयन करें।
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नर्सरी बोवाई से पहले खेत में 12-15 टन कंपोस्ट डालकर दो-तीन बार जुताई करके मिट्टी में मिला दें, फिर पानी डालकर खेत में आधी बोरी यूरिया, एक बोरी सिंगल सुपर फास्फेट, दस किलो जिंक सल्फेट डालकर सुहागा लगा दें। इससे खरपतवार भी नष्ट हो जाते हैं और पानी का रिसाव भी बहुत कम हो जाता है। इसके चार-पांच घंटे बाद दस गुणा दस फुट आकार की खेत में 400 क्यारियां बनाकर एक किग्रा. अंकुरित बीज प्रति क्यारी लगा दें। कंपोस्ट छिड़ककर पतली तह बना दें ताकि पक्षी बीज न चुग जाएं। खेत को हल्की-हल्की सिंचाई करके नम रखें और दो हफ्ते बाद आधी बोरी यूरिया पूरे खेत में छिड़कें। दो लाइनों के बीच सोयाबीन, मूंग या उड़द की एक लाइन भी लगा सकते हैं, जिसके लिए कोई विशेष क्रिया नहीं करनी पड़ती है।
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