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विधायक- एसओ प्रकरणः बुलट लेकर घूमने निकले तस्लीम से मारपीट के बाद शुरू हुआ था विवाद
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इगलास के भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी और गोंडा थाने के एसओ अनुज कुमार सैनी के बीच मारपीट प्रकरण में अब सपा नेताओं की एंट्री हो चुकी है। सपा युवजन सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष कासिफ आब्दी, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इश्हाक और पूर्व प्रदेश सचिव पप्पू प्रधान ने दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर पुलिस से सिफारिश की थी।
सपा युवजन सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष कासिफ आब्दी ने बताया कि गोंडा कस्बा निवासी 25 वर्षीय तस्लीम रॉयल इनफील्ड लेकर आया था। रास्ते में दूसरे समुदाय के लोगों ने उसे रोक लिया। बुलट की चॉबी छीनने का प्रयास किया। गालीगलौज भी की गई। इसके बाद तस्लीम के घर पर 18 से 20 लोगों ने हमला कर दिया। पत्थरबाजी में एक पत्थर किसी लड़के के सिर में लग गया। इस पर भाजपा नेताओं ने तस्लीम के पक्ष के खिलाफ ही मुकदमा करवाकर एक व्यक्ति को जेल भिजवा दिया। जब तस्लीम पक्ष ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराना चाहा तो उसकी तहरीर तक नहीं ली गई। बाद में जब मुकदमा दर्ज हुआ तो भाजपा विधायक भड़क गए और एसओ-विधायक का दूसरा प्रकरण शुरू हो गया।
इगलास विधायक और गोंडा एसओ प्रकरण में सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इश्हाक ने कहा है कि उन्होंने दूसरे पक्ष से तहरीर दिलवा कर मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की थी। एक बार उनकी एसओ अनुज सैनी और एसआई रामकेश यादव से बात हुई थी। दोनों मुकदमा दर्ज कराने में सहमति जता रहे थे। लेकिन इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी द्वारा पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का दबाव बन रहा था। अज्जू ने कहा है कि कासिफ आब्दी और पप्पू प्रधान ने भी सिफारिश की थी। झगड़ा होने के बाद दोनों पक्षों को अपनी पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने का हक है। ये संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इसको कैसे रोक सकती है। भाजपा जिस चश्मे से हिंदुस्तान को देख रही है, उसे उतार देना चाहिए।
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सपा युवजन सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष कासिफ आब्दी ने बताया कि गोंडा कस्बा निवासी 25 वर्षीय तस्लीम रॉयल इनफील्ड लेकर आया था। रास्ते में दूसरे समुदाय के लोगों ने उसे रोक लिया। बुलट की चॉबी छीनने का प्रयास किया। गालीगलौज भी की गई। इसके बाद तस्लीम के घर पर 18 से 20 लोगों ने हमला कर दिया। पत्थरबाजी में एक पत्थर किसी लड़के के सिर में लग गया। इस पर भाजपा नेताओं ने तस्लीम के पक्ष के खिलाफ ही मुकदमा करवाकर एक व्यक्ति को जेल भिजवा दिया। जब तस्लीम पक्ष ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराना चाहा तो उसकी तहरीर तक नहीं ली गई। बाद में जब मुकदमा दर्ज हुआ तो भाजपा विधायक भड़क गए और एसओ-विधायक का दूसरा प्रकरण शुरू हो गया।
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इगलास विधायक और गोंडा एसओ प्रकरण में सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इश्हाक ने कहा है कि उन्होंने दूसरे पक्ष से तहरीर दिलवा कर मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की थी। एक बार उनकी एसओ अनुज सैनी और एसआई रामकेश यादव से बात हुई थी। दोनों मुकदमा दर्ज कराने में सहमति जता रहे थे। लेकिन इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी द्वारा पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का दबाव बन रहा था। अज्जू ने कहा है कि कासिफ आब्दी और पप्पू प्रधान ने भी सिफारिश की थी। झगड़ा होने के बाद दोनों पक्षों को अपनी पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने का हक है। ये संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इसको कैसे रोक सकती है। भाजपा जिस चश्मे से हिंदुस्तान को देख रही है, उसे उतार देना चाहिए।
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