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गड़बड़झाला : नोएडा की जेपी ग्रींस सोसायटी में लगा अलीगढ़ का टीका

Sat, 05 Jun 2021 01:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 05 Jun 2021 01:52 AM IST
सार

ताजा मामला नोएडा की जेपी ग्रींस सोसाइटी का है। वहां रहने वाले लोगों को अलीगढ़ के कस्बा नौरंगाबाद के लिए आवंटित की गई वैक्सीन लगाने का मामला सामने आया है।

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Mistake: Aligarh's commentary in Noida's Jaypee Greens Society
टीकाकरण - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

कोरोना टीके की किल्लत के कारण जिले के लोगों को स्लॉट नहीं मिल रहे। वहीं, इसमें हो रहे ‘खेल’ भी सामने आने लगे हैं। ताजा मामला नोएडा की जेपी ग्रींस सोसाइटी का है। यहां रहने वाले लोगों को अलीगढ़ के कस्बा नौरंगाबाद के लिए आवंटित की गई वैक्सीन लगाने का मामला सामने आया है।

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अब सवाल यह उठता है कि जब टीके की वॉयल जिले के एक सेंटर से दूसरे सेंटर तक नहीं जा सकती तो अलीगढ़ के लिए आवंटित हुई इस वैक्सीन की पूरी खेप नोएडा तक कैसे पहुंच गई। वह भी तब जब स्वास्थ्य विभाग के सरकारी दस्तावेज में रोजाना इन टीकों का ऑडिट होता है।
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इस गड़बड़झाले का खुलासा उस समय हुआ जब सोसायटी में ही रहने वाले कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में एक व्यक्ति ने टीकाकरण कैंप लगवाया था। स्लॉट न मिलने और अस्पतालों के चक्कर काटने से बचने के लिए कई लोगों ने इसमें टीका लगवा लिया। टीका तो उन्हें सोसायटी में ही आकर डाक्टरों ने लगाया, लेकिन अब उन्हें प्रमाणपत्र अलीगढ़ का दिया जा रहा है।
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इसके अलावा टीकाकरण कैंप केवल एक ही दिन आयोजित किया गया था, जो प्रमाणपत्र लोगों को दिए जा रहे हैं, उन पर अलग-अलग तारीख अंकित की जा रही है। लोगों को अब इसकी परेशानी है कि स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में लगाया जाने वाला टीका आखिर कैसे दूसरे जिले की सोसायटी में आकर लगा दिया गया।

पूरे मामले पर नोएडा और अलीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग कोई भी सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में तो सवाल उठने लाजमी हैं। सवाल ये कि क्या वास्तव में यह कोई एक बड़ा रैकेट है जो अधिकारियों की मिलीभगत से टीकों का हेरफेर कर रहा है। सवाल यह भी है कि जो टीके स्वास्थ्य विभाग के निगरानी में लगाए जाने चाहिए वह एक व्यक्ति के घर पर कैसे लगाए जा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं की क्या हकीकत में इन टीकों में जीवन रक्षक दवा ही है या कुछ और।

अलीगढ़ का प्रमाण पत्र मिला
सोसायटी में रहने वाले लोगों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि इस सोसाइटी में जो टीके लगाए गए वह सभी टीके अलीगढ़ के थे। यही नहीं नोएडा में यह टीके जिस तारीख को लगे और जो टीका लगवाने के बाद प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ उस पर तारीख भी अलग है।

टीकाकरण का स्थान नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी की जगह पर अलीगढ़ के नौरंगाबाद पीएचसी का दिया गया है। जेपी सोसायटी में रहने वाले रिटायर्ड आईएएस और भारत सरकार में पूर्व संयुक्त सचिव रहे शंकर अग्रवाल कहते हैं टीकाकरण को लेकर मंशा किसी की भी कुछ हो, लेकिन यह कैसे संभव है कि अलीगढ़ की वैक्सीन बगैर किसी स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी में लगा दी जाए। सोसायटी के लोगों ने अमर उजाला को भेजे गए प्रमाण पत्र में बताया कि टीका तो उन्होंने नोएडा के जेपी ग्रीन्स सोसायटी में लगाया था और जो प्रमाण पत्र आया है उसमें टीका लगाने का स्थान अलीगढ़ का दिखा रहा है। जो पूरी तरीके से गलत है।

जिम्मेदारों की सांसें अटकीं
मामले में जब नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपक ओहरी को फोन किया गया तो उन्होंने अपना फोन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित को पकड़ा दिया। उनसे जब अलीगढ़ की वैक्सीन को नोएडा में लगाने के बारे में सवाल किया तो उनका कहना है ऐसा संभव ही नहीं है। एक-एक वैक्सीन का रोजाना ऑडिट होता है। जब उन्हें सबूत के साथ इसकी जानकारी दी गई कि ऐसा हुआ है तो वह कहने लगे कि इस मामले में उनकी सीधी कोई भूमिका नहीं है। इसकी देखरेख जिला टीकाकरण अधिकारी करते हैं।

नौरंगाबाद को आवंटित टीका नोएडा में लगने से खलबली
जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर कूड़ेदान में वैक्सीन के 29 भरी सिरिंज मिलने की घटना को लोग भूले भी नहीं है कि नोएडा की जेपी ग्रींस सोसायटी में नौरंगाबाद यूपीएचसी को एलॉट कोरोना टीका लगने की खबर से खलबली मच गई है। सवाल उठ रहा है कि यहां का टीका
आखिर नोएडा कैसे पहुंच गया।

नोएडा की सोसायटी में लोगों को लगाया गया टीका सुरक्षित था या नहीं। टीके को एक निर्धारित तापमान (2 से 8 डिग्री सेल्सियस) पर रखा जाता है। यह भी जांच का विषय है कि अलीगढ़ से नोएडा ले जाने के क्रम में टीका को निर्धारित तापमान पर रखा गया था या नहीं। टीके की वायल खुलने के बाद चार घंटे तक ही इस्तेमाल की जा सकती है।

नौरंगाबाद यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. रमया पिल्लई का कहना है कि उनके यहां बिना रजिस्ट्रेशन किसी को टीका नहीं लगा है। जो लोग उनके केंद्र पर आए हैं, उन्हीं को टीका लगाया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का मामला सामने आता है तो जांच कर कार्रवाई होगी।

- कई जिलों में स्लॉट मिलने में दिक्कत हो रही है। वहां के लोग दूसरे जनपद में स्लॉट मिलने पर टीका लगवा रहे हैं। इसकी अनुमति भी है। यहां से वैैक्सीन नोएडा जाना संभव नहीं लगता। फिर भी इसकी जांच कराएंगे। - डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ

नौरंगाबाद यूपीएचसी पर लग रहा कोवाक्सिन का टीका
नौरंगाबाद यूपीएचसी पर कोवाक्सिन का टीका लग रहा है। अलीगढ़ में नौरंगाबाद के अतिरिक्त जेएन मेडिकल कॉलेज, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं भुजपुरा में कोवाक्सिन लग रहा है। शेष केंद्रों पर कोविशील्ड लग रहा है। कुछ रोज पहले जमालपुर यूपीएचसी पर कूड़ेदान में 29 भरी वैक्सीन की सिरिंज मिली थीं।


वहां की एएनएम लाभार्थियों के हाथ में सुई चुभोकर निकाल लेती थी। शरीर में वैक्सीन पहुंचाए बिना सुई तोड़कर सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। जांच के बाद संविदा पर तैनात एएनएम की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहां भी 18 से 44 वर्ष के लोगों को कोवाक्सिन का टीका लगाया जा रहा था।

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