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Aligarh News: दस करोड़ की दवाएं थोक कारोबारियों दे रहीं सिरदर्द
Thu, 08 Jun 2023 01:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Thu, 08 Jun 2023 01:15 AM IST
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रेलवे रोड स्थित फफाला मार्केट । संवाद
- फोटो : Samvad
अभिषेक तायल
केंद्र सरकार की ओर से फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) वाली 14 दवाओं पर रोक लगाने के बाद थोक विक्रेता परेशान हैं। दरअसल, कई कंपनियों ने इन दवाओं का स्टॉक वापस लेने से इन्कार कर दिया है। बाजार में करीब दस करोड़ रुपये की दवाओं का स्टॉक फंसा हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय देना चाहिए जिससे इस स्टॉक को खपाया जा सके।
शहर के दवा बाजार फफाला में करीब तीन सौ से ज्यादा थोक दवा विक्रेता हैं। यदि जिले की बात करें तो 2500 से अधिक थोक व रिटेल दवा विक्रेता हैं। दो जून को केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) वाली 14 दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद थोक दवा विक्रेता परेशान हैं। स्थानीय थोक दवा विक्रेताओं के मुताबिक, कई कंपनियों ने इन दवाओं को वापस लेने से इन्कार कर दिया है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय देना चाहिए, जिससे दवा का स्टॉक खत्म हो जाए। इससे दवा कंपनियों व कारोबारियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
250 से अधिक कंपनियां बनाती हैं ये दवाएं
दवा कारोबारियों ने बताया कि प्रतिबंधित की गईं एफसीडी दवाइयां करीब 250 से अधिक फार्मा कंपनियां बनाती हैं। रोक के बाद एजेंसी और सुपर स्टॉकिस्टों के पास हर जिले में करोड़ों रुपये का माल अटका पड़ा है। वहीं, कुछ फार्मा कंपनियों ने दवा कारोबारियों से स्टॉक वापस लेने के लिए समय मांगा है।
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जिन दवाओं पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है, उसका करोड़ों रुपये का स्टॉक थोक बाजार में मौजूद है। कुछ कंपनियों ने दवा वापस लेने से मना कर दिया है। स्टॉक खत्म करने के लिए कम से कम तीन महीने का समय मिलना चाहिए।
- भूपेंद्र वार्ष्णेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन।
अचानक से दवाओं पर प्रतिबंध लगाना गलत है। बाजार में करीब 10 करोड़ की दवाओं का स्टॉक है। 250 से अधिक कंपनियां इन दवाओं का बना रही हैं। ऐसे में फुटकर और थोक विक्रेताओं के पास अच्छा-खासा स्टॉक है। दो से तीन माह का समय मिलना चाहिए।
अनुराग गुप्ता, अध्यक्ष, रिटेल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
इन दवाओं पर लगाई गई है रोक
प्रतिबंधित दवाओं में सामान्य संक्रमण जैसे सर्दी खांसी, कफ, बुखार को ठीक करने वाली निमेसुलाइड और पैरासिटामोल टैबलेट के अलावा क्लोफेनिरामाइन मेलेट और कोडिन सिरप का कांबिनेशन, फोल्कोडाइन और प्रोमेथाजाइन, एमोक्सोलिन और ब्रोहेक्साइन हैं। ब्रोहेक्साइन और डेक्सट्रोमेथोरफैन और अमोनियम क्लोराइड और मेंथोल, पैरासिटामोल और ब्रोहेक्साइन और फेनाइलेफराइन और क्लोरफेनिरामाइन और गुइफेंसिन और सैलबुटामोल और ब्रोहेक्साइन के कॉम्बिनेशन वाली दवाएं शामिल हैं।
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केंद्र सरकार की ओर से फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) वाली 14 दवाओं पर रोक लगाने के बाद थोक विक्रेता परेशान हैं। दरअसल, कई कंपनियों ने इन दवाओं का स्टॉक वापस लेने से इन्कार कर दिया है। बाजार में करीब दस करोड़ रुपये की दवाओं का स्टॉक फंसा हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय देना चाहिए जिससे इस स्टॉक को खपाया जा सके।
शहर के दवा बाजार फफाला में करीब तीन सौ से ज्यादा थोक दवा विक्रेता हैं। यदि जिले की बात करें तो 2500 से अधिक थोक व रिटेल दवा विक्रेता हैं। दो जून को केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) वाली 14 दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद थोक दवा विक्रेता परेशान हैं। स्थानीय थोक दवा विक्रेताओं के मुताबिक, कई कंपनियों ने इन दवाओं को वापस लेने से इन्कार कर दिया है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय देना चाहिए, जिससे दवा का स्टॉक खत्म हो जाए। इससे दवा कंपनियों व कारोबारियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
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250 से अधिक कंपनियां बनाती हैं ये दवाएं
दवा कारोबारियों ने बताया कि प्रतिबंधित की गईं एफसीडी दवाइयां करीब 250 से अधिक फार्मा कंपनियां बनाती हैं। रोक के बाद एजेंसी और सुपर स्टॉकिस्टों के पास हर जिले में करोड़ों रुपये का माल अटका पड़ा है। वहीं, कुछ फार्मा कंपनियों ने दवा कारोबारियों से स्टॉक वापस लेने के लिए समय मांगा है।
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जिन दवाओं पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है, उसका करोड़ों रुपये का स्टॉक थोक बाजार में मौजूद है। कुछ कंपनियों ने दवा वापस लेने से मना कर दिया है। स्टॉक खत्म करने के लिए कम से कम तीन महीने का समय मिलना चाहिए।
- भूपेंद्र वार्ष्णेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन।
अचानक से दवाओं पर प्रतिबंध लगाना गलत है। बाजार में करीब 10 करोड़ की दवाओं का स्टॉक है। 250 से अधिक कंपनियां इन दवाओं का बना रही हैं। ऐसे में फुटकर और थोक विक्रेताओं के पास अच्छा-खासा स्टॉक है। दो से तीन माह का समय मिलना चाहिए।
अनुराग गुप्ता, अध्यक्ष, रिटेल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
इन दवाओं पर लगाई गई है रोक
प्रतिबंधित दवाओं में सामान्य संक्रमण जैसे सर्दी खांसी, कफ, बुखार को ठीक करने वाली निमेसुलाइड और पैरासिटामोल टैबलेट के अलावा क्लोफेनिरामाइन मेलेट और कोडिन सिरप का कांबिनेशन, फोल्कोडाइन और प्रोमेथाजाइन, एमोक्सोलिन और ब्रोहेक्साइन हैं। ब्रोहेक्साइन और डेक्सट्रोमेथोरफैन और अमोनियम क्लोराइड और मेंथोल, पैरासिटामोल और ब्रोहेक्साइन और फेनाइलेफराइन और क्लोरफेनिरामाइन और गुइफेंसिन और सैलबुटामोल और ब्रोहेक्साइन के कॉम्बिनेशन वाली दवाएं शामिल हैं।