Aligarh News: सदन में मेयर प्रशांत को नहीं होगी दिक्कत, 45 पार्षदों संग है पूरा बहुमत
मेयर के साथ-साथ पार्षद के गणित पर ध्यान दें तो पिछले चुनाव में मेयर भाजपा बेशक हारी थी। मगर 70 वार्ड वाले सदन में 35 पार्षद जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। मेयर जीतने वाली बसपा को मात्र 21 पार्षद मिले थे। वहीं सपा 8 पार्षद ही जीत सकी थी। कांग्रेस को दो और चार निर्दल जीते थे। इस बार के चुनाव में भाजपा को 45, सपा को 33, बसपा को 7, चार निर्दल और कांग्रेस को एक पार्षद पर संतोष करना पड़ा है।
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पिछली बार की तरह इस बार परिणाम पूरी तरह नवनिर्वाचित मेयर और भाजपा के पक्ष में आए हैं। सदन में भाजपा के मेयर के साथ-साथ 90 में से 45 पार्षद भी निर्वाचित होकर पहुंचे हैं। इस तरह सदन में प्रशांत को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। हां, इस बार मेयर हारने के साथ-साथ बसपा को पार्षद पदों पर भी तगड़ा झटका लगा है। मात्र सात सीटों पर ही बसपा जीत पाई है, जबकि सपा इस बार मेयर पद पर दूसरे स्थान पर रहने के साथ-साथ सदन में मुख्य विपक्षी के रूप में खड़ी है।
मेयर के साथ-साथ पार्षद के गणित पर ध्यान दें तो पिछले चुनाव में मेयर भाजपा बेशक हारी थी। मगर 70 वार्ड वाले सदन में 35 पार्षद जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। मेयर जीतने वाली बसपा को मात्र 21 पार्षद मिले थे। वहीं सपा 8 पार्षद ही जीत सकी थी। कांग्रेस को दो और चार निर्दल जीते थे। इस बार के चुनाव में भाजपा को 45, सपा को 33, बसपा को 7, चार निर्दल और कांग्रेस को एक पार्षद पर संतोष करना पड़ा है। चार निर्दलीय में से आईटीआई रोड, रघुवीरपुरी वार्ड के दो पार्षद ऐसे निर्दल जीते हैं जो भाजपा के बागी हैं। उन्होंने टिकट मांगी थी। मगर नहीं मिली और निर्दल चुनाव मैदान में उतर गए। वहीं सपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में सदन में काम करेगी। कांग्रेस एक सीट और खिसक गई है। सबसे खास बात है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता जिस वार्ड में रहते हैं, वहां से भी पार्टी पार्षद तक नहीं जिता पाई है। बसपा को सबसे बड़ा झटका लगा है।
33 में से 32 सपा के मुस्लिम पार्षद, भाजपा के सभी हारे
शहर में बहुसंख्यक मुस्लिम वोटों पर डोरे डालने के इरादे से सपा ने सर्वाधिक और भाजपा ने 18 मुस्लिम पार्षद प्रत्याशी उतारे थे। जिनमें से सपा सिर्फ एक महफूज नगर से विनीत कुमार को गैर मुस्लिम के रूप में जिता पाई है। वहीं भाजपा एक भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाए। इस चुनाव में नगर निगम में कुल 35 मुस्लिम पार्षद जीते हैं। जिनमें 32 सपा के, 1 एक निर्दल व 2 बसपा के हैं।
पर नए मेयर के गृह वार्ड में हारी भाजपा
सबसे खास बात है कि नवनिर्वाचित मेयर प्रशांत सिंघल जिस वार्ड आठ के सराय लवरिया में रहते हैं। उस वार्ड पर भाजपा का पार्षद प्रत्याशी विशाल चुनाव हार गया है। वहां भाजपा के बागी के तौर पर नरेंद्रपाल सिंह उर्फ राकेश ठाकुर को जीत मिली है। इसके पीछे टिकट वितरण बड़ा कारण माना जा रहा है।
ये पुराने व पदाधिकारी भाजपाई भी चुनाव हारे
इस चुनाव में पुराने पार्षद के तौर पर बात करें तो लगातार चार बार के पार्षद अफजाल हमीद को हराकर पुष्पेंद्र सिंह जादौन भाजपा से जीते हैं। बता दें कि पुष्पेंद्र इस बार वार्ड बदलकर यहां 49 में पहुंचे थे। यह खुद सांसद सतीश गौतम व प्रदेश के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास क्षेत्र वाला वार्ड है। यहां अफजाल चार बार से सपा से पार्षद थे। अबकी बसपा से उन्होंने चुनाव लड़ा था। मगर हार गए। वहीं निर्वतमान पार्षद सुरेंद्र पचौरी को बागी दिनेश ने आईटीआई रोड वार्ड से हराया है। इसी तरह भाजपा के महानगर मंत्री संजू बजाज की पत्नी को हार का सामना करना पड़ा है। इसी तरह भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला पदाधिकारी राकेश सहाय को भी हार का सामना करना पड़ा है।
ये सबसे कम उम्र के पार्षद
इस चुनाव में उस्मानपाड़ा के वार्ड से 24 वर्षीय अब्दुल मुत्तबिल सपा से, नगला पला से 23 वर्षीय रश्मी माहौर भाजपा से, पक्की सराय से 24 वर्षीय करन माहौर भाजपा से चुनाव जीते हैं।
सुमित सराफ ने किया पार्षदों का स्वागत, मेयर को दी बधाई
इस जीत पर भाजपा में टिकट के प्रमुख दावेदार रहे युवा उद्यमी सुमित सराफ व उनके साथी संजय माहेश्वरी आदि ने पक्की सराय वार्ड के प्रत्याशी करन माहौर व सराय हरनारायन वार्ड के प्रत्याशी आजाद सिंह का भाजपा के टिकट पर जीतने पर भव्य स्वागत किया। इन दोनों को जिताने में सुमित सराफ व संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ में उन्होंने नए मेयर को भी बधाई दी है।
इस चुनाव को हम पिछले दो वर्ष से रणनीति के तहत लडऩे की तैयारी कर रहे थे। उसी रणनीति के तहत विधायकों के स्तर से शहर के सीमा विस्तार का प्रस्ताव लाया गया। साथ में संगठन स्तर से चुनाव के समय में महत्वपूर्ण भूमिका तैयार की गई। जिताऊ व मजबूत प्रत्याशी तय किया गया। सबसे बड़ा लाभ सीमा विस्तार वाले क्षेत्र का मिला, जहां 90 फीसदी मतदान शहर की सरकार के लिए हुआ और उसमें से 70 फीसद हमें मिला। उसी का परिणाम है कि हम मेयर के साथ-साथ 45 वार्ड जीते हैं। इसके लिए पूरा संगठन व एक एक कार्यकर्ता बधाई का पात्र है।-सुनील पांडेय, नगर निगम चुनाव प्रभारी भाजपा