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AMU: 18 घंटे खुलती है 14 लाख से ज्यादा पुस्तकों वाली मौलाना आजाद लाइब्रेरी, रोजाना आते हैं 8000 विद्यार्थी
Fri, 10 Oct 2025 04:48 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 10 Oct 2025 04:48 PM IST
सार
लाइब्रेरी सुबह आठ बजे खुलती है, जो रात दो बजे बंद होती है। इस दौरान करीब आठ हजार विद्यार्थियों का लाइब्रेरी में आना होता है। जिन छात्र-छात्राओं की कक्षाएं नहीं होती हैं, वह लाइब्रेरी में आकर न सिर्फ पढ़ते हैं, बल्कि नोट्स भी बनाते हैं।
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एएमयू
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की मौलाना आजाद लाइब्रेरी आठ-नौ घंटे नहीं, बल्कि 18 घंटे खुली रहती है। यहां रोजाना करीब आठ हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में 117 विभागों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में 37193 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। लाइब्रेरी में 14 लाख से ज्यादा पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियां हैं।
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लाइब्रेरी की बुनियाद 1877 में वायसराय लॉर्ड लिटन ने मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज (एएमयू) की स्थापना के समय रखी थी। लाइब्रेरी सुबह आठ बजे खुलती है, जो रात दो बजे बंद होती है। इस दौरान करीब आठ हजार विद्यार्थियों का लाइब्रेरी में आना होता है। जिन छात्र-छात्राओं की कक्षाएं नहीं होती हैं, वह लाइब्रेरी में आकर न सिर्फ पढ़ते हैं, बल्कि नोट्स भी बनाते हैं। शोधार्थी भी शोध ग्रंथ के लिए नोट्स बनाते हैं। लाइब्रेरी में शाम चार बजे के बाद छात्रों की संख्या बढ़ने लगती है। छात्र आदिल, फिरोज, इमरान, सलमान ने बताया कि लाइब्रेरी में पढ़ने का एहसास अलग होता है। एकाग्रचित होकर पढ़ाई होती और विषय पर फोकस होता है।
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बाहरी शोधार्थियों को भी अनुमति
लाइब्रेरियन प्रो. निशात फातिमा ने बताया कि लाइब्रेरी में सिर्फ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की अनुमति है। अन्य संस्थानों के शोधार्थियों को भी यहां आकर कुछ दिनों के लिए नोट्स बनाने और पढ़ने की अनुमति है। इसके लिए उन्हें संस्थान का अनुरोध-अनुमति पत्र दिखाना होगा।
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