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मजिस्ट्रेट पहुंचे शादी समारोह में, अभिभावक बन कर समझाया
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मैरिज होम में जायजा लेते एसीएम 2 रंजीत सिंह व सीओ तृतीय अनिल समानिया।
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना काल में आठ महीने बाद शुरू हुई सहालग दशकों याद रखी जाएगी। कारण ये कि अभी तक किसी शादी समारोह में पहुंचने वाले मजिस्ट्रेट आयोजन में चार चांद लगाते थे। मेहमानों के साथ उनके फोटो खिंचते थे, लेकिन इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों ने शादियों की जांच पड़ताल की।
शादी समारोह में सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन, मास्क, थर्मल स्कैनिंग और अनुमति आदेश पत्र जांचने के लिए थानावार मजिस्ट्रेट घूमते रहे। सभी क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट ने अनुमति आदेश, सामाजिक दूरी के पालन संबंधी कोरोना प्रोटोकाल को लेकर जांच की। जहां कुछ खामियां थीं, वहां अभिभावक की तरह समझा गया। लोगों को कोरोना संक्रमण से दूर रहने को कहा गया।
सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने देहली गेट, सासनी गेट इलाके के एक दर्जन से अधिक मैरिज होम्स में औचक पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोविड हेल्प डेस्क पर मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्थाओं को देखा। वहीं, एसीएम प्रथम अंजुम बी ने गांधी पार्क और बन्नादेवी में चेकिंग की। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने क्वार्सी क्षेत्र के रामघाट रोड और तालानगरी के गेस्ट हाउस जांच की।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देश हैं कि चेकिंग के नाम पर किसी भी आयोजन में खलल न पड़े। प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कोरोना नियमों का पालन करना है। जनता को बेवजह परेशान करना नहीं है। देवोत्थान एकादशी पर आयोजित हुए सभी शादी समारोह कोविड नियमों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से निपटे।
शादी की अनुमति लेने वालों की भीड़ नहीं हो रही कम
कोविड नियमों के चलते शादी समारोह से पूर्व प्रशासन से अनुमति लेने की व्यवस्था का पालन करते हुए बुधवार को भी लोग अनुमति लेने पहुंचे। एसीएम प्रथम और द्वितीय सहित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को आवेदकों की लंबी कतार रही। तीनों ही अधिकारियों ने सबसे पहले 25, 26 व 27 नवंबर को होने वाले आयोजनों की अनुमति जारी की। इसके बाद के आयोजनों के आवेदकों से प्रार्थना पत्र लेते हुए उनको एक दो दिन बाद आकर अनुमति लेने की बात कही। बुधवार तक एसीएम प्रथम के कार्यालय से 250, एसीएम द्वितीय के कार्यालय से 400 और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से 350 से अधिक व एसडीएम कोल कार्यालय से 500 से अधिक शादियों की अनुमति जारी की जा चुकी है। अभी भी सैकड़ों आवेदन पत्र अनुमति की प्रक्रिया में हैं।
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शादी समारोह में सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन, मास्क, थर्मल स्कैनिंग और अनुमति आदेश पत्र जांचने के लिए थानावार मजिस्ट्रेट घूमते रहे। सभी क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट ने अनुमति आदेश, सामाजिक दूरी के पालन संबंधी कोरोना प्रोटोकाल को लेकर जांच की। जहां कुछ खामियां थीं, वहां अभिभावक की तरह समझा गया। लोगों को कोरोना संक्रमण से दूर रहने को कहा गया।
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सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने देहली गेट, सासनी गेट इलाके के एक दर्जन से अधिक मैरिज होम्स में औचक पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोविड हेल्प डेस्क पर मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्थाओं को देखा। वहीं, एसीएम प्रथम अंजुम बी ने गांधी पार्क और बन्नादेवी में चेकिंग की। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने क्वार्सी क्षेत्र के रामघाट रोड और तालानगरी के गेस्ट हाउस जांच की।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देश हैं कि चेकिंग के नाम पर किसी भी आयोजन में खलल न पड़े। प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कोरोना नियमों का पालन करना है। जनता को बेवजह परेशान करना नहीं है। देवोत्थान एकादशी पर आयोजित हुए सभी शादी समारोह कोविड नियमों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से निपटे।
शादी की अनुमति लेने वालों की भीड़ नहीं हो रही कम
कोविड नियमों के चलते शादी समारोह से पूर्व प्रशासन से अनुमति लेने की व्यवस्था का पालन करते हुए बुधवार को भी लोग अनुमति लेने पहुंचे। एसीएम प्रथम और द्वितीय सहित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को आवेदकों की लंबी कतार रही। तीनों ही अधिकारियों ने सबसे पहले 25, 26 व 27 नवंबर को होने वाले आयोजनों की अनुमति जारी की। इसके बाद के आयोजनों के आवेदकों से प्रार्थना पत्र लेते हुए उनको एक दो दिन बाद आकर अनुमति लेने की बात कही। बुधवार तक एसीएम प्रथम के कार्यालय से 250, एसीएम द्वितीय के कार्यालय से 400 और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से 350 से अधिक व एसडीएम कोल कार्यालय से 500 से अधिक शादियों की अनुमति जारी की जा चुकी है। अभी भी सैकड़ों आवेदन पत्र अनुमति की प्रक्रिया में हैं।