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Aligarh News: छह साल बाद आया फैसला, किशोरी के अपहरण-दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष कारावास
Fri, 06 Feb 2026 04:14 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 06 Feb 2026 04:14 PM IST
सार
अदालत में इस मामले में यह साक्ष्य बचाव पक्ष की ओर से रखे गए कि दोषी करार दिया गया लोकेश अनाथ है। गरीब व मजदूर है। उसका यह प्रथम अपराध है। इसलिए उसे सुधार का अवसर दिया जाए।
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कोर्ट
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
अलीगढ़ के गांधी पार्क इलाके से किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार दिए गए लोकेश शर्मा को दस वर्ष की सजा से दंडित किया है। साथ में बीस हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो अभिषेक कुमार बगड़िया की अदालत ने सुनाया है। अर्थदंड की राशि पीडि़त को देने के निर्देश दिए हैं।
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रिपोर्ट दर्ज कराते हुए 17 वर्षीय किशोरी की मां ने बताया कि उनकी बेटी 20 सितंबर 2020 की शाम शौच के लिए गई थी। उसके वाद वापस नहीं लौटी। पुलिस ने 28 अक्तूबर को किशोरी को बस अड्डे से पकड़ा। आरोपी बुलंदशहर डिबाई के गांव दोधमा के लोकेश शर्मा को भी पकड़ा।
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बयानों व पूछताछ में उजागर हुआ कि इलाके की महिला किशोरी की बात फोन पर लोकेश से कराती थी। घटना वाली शाम लोकेश उसे फुसलाकर बस से नोएडा ले गया। जहां शादी की व एक कमरे में रखकर बिना सहमति के दुष्कर्म किया। इस आधार पर मेडिकल परीक्षण कराते हुए आरोपी को जेल भेजा। बाद में चार्जशीट दायर की। इसी मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर लोकेश को सजा सुनाई है।
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अनाथ युवा को सुधार के लिए न्यूनतम सजा
अदालत में इस मामले में यह साक्ष्य बचाव पक्ष की ओर से रखे गए कि दोषी करार दिया गया लोकेश अनाथ है। गरीब व मजदूर है। उसका यह प्रथम अपराध है। इसलिए उसे सुधार का अवसर दिया जाए। इस मामले में अदालत ने अनाथ व 23 वर्षीय युवा होने सहित अन्य कारणों के चलते न्यूनतम सजा सुनाई है।